#बलरामपुर! भारी बारिश से बिगड़े हालात: DM ने संभाला मोर्चा, तीनों तहसीलों का दौरा कर राहत-बचाव कार्यों का लिया जायजा
युद्धस्तर पर बिजली आपूर्ति बहाल करने और रास्ते साफ करने के सख्त निर्देश; पिपरा घाट पर राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
#बलरामपुर। जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने तीनों तहसीलों—बलरामपुर, तुलसीपुर और उतरौला का धरातलीय निरीक्षण किया। अफसरों ने क्षति का आकलन करते हुए विभागीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज करने के कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बलरामपुर नगर क्षेत्र और तुलसीपुर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर तेज हवाओं व बारिश से गिरे पेड़ों, बाधित हुई बिजली आपूर्ति और सड़कों पर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उतरौला तहसील के भ्रमण के दौरान डीएम ने पिपरा घाट पहुंचकर राप्ती नदी के जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया।
शनिवार प्रातः 10 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 103.00 मीटर दर्ज किया गया, जो कि चेतावनी स्तर (103.620 मीटर) से 0.620 मीटर और खतरे के निशान (104.620 मीटर) से 1.620 मीटर नीचे है। प्रशासन द्वारा तटवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासनिक व्यवस्था एवं प्रमुख निर्देश
विद्युत आपूर्ति बहाली: बिजली विभाग की अतिरिक्त टीमों को लगाकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य चलाने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश।
आवागमन सुचारू: मुख्य मार्गों एवं ग्रामीण संपर्क मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए।
क्षति का आकलन: तीनों तहसीलों में बारिश से हुई क्षति की रिपोर्ट बनाकर प्रभावितों को नियमानुसार त्वरित राहत राशि व सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
आपसी समन्वय: एडीएम (वित्त/राजस्व), समस्त एसडीएम, पुलिस व राजस्व टीमें लगातार क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर संयुक्त रूप से राहत कार्य में जुटी हैं।
जिला प्रशासन की आमजन से अपील
"खराब मौसम और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। जलभराव वाले स्थानों, नदी-नालों, जर्जर भवनों तथा बिजली के खंभों व तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।"
— डॉ. विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी