ग्राम स्तर तक पहुंचे बाल संरक्षण योजनाओं का लाभ, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट कार्यकक्ष में बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर और प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाया जाए।
डीएम ने बाल श्रम, बाल विवाह और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए बाल कल्याण समिति को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए जनपद में पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सीएचसी और पीएचसी में बालिका के जन्म की सूचना तत्काल प्रोबेशन विभाग को दी जाए, ताकि बालिकाओं को कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।
जिलाधिकारी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
डीएम ने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर उप जिलाधिकारी/प्रोबेशन अधिकारी नम्रता सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।