फलटनालह वहाव सिंचाई योजना का हस्तांतरण, 132 किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्य अतिथि बलजीत सिंह संधु ने किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को अपनाने का दिया संदेश
Kullu Times
हिमाचल प्रदेश में चल रहे फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण II) जायका (कृषि) के तहत खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू, जिला कुल्लू के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हाट में जल वहाव सिंचाई योजना फलटनालह का निर्माण कार्य पूरा होने के पर दिनांक 22 अगस्त, 2026 को राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई से मुख्य सलाहकार बलजीत सिंह संधु, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण II) जायका-ओo डीo ने प्रधान कृषक विकास संघ देव भूमि एग्री एसोसिएशन निम्मे राम की उपस्थिति में योजना का शुभारंभ किया । इस उपलक्ष पर राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई हमीरपुर से मुख्य सलाहकार बलजीत सिंह संधु, उप परियोजना निदेशक डॉo राजेश ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक मंडी डॉo हेम राज वर्मा, खंड परियोजना प्रबंधक कुल्लू डॉo जयंत रत्ना उपस्थित रहे तथा पीo एमo सीo से डॉo नरदेव ठाकुर (post-harvest expert) व डॉo आरo एसo ठाकुर (institutional development expert) उपस्थित रहे । सर्वप्रथम डॉo जयंत रत्ना ने फलटनालह उप-परियोजना के हस्तांतरण समारोह पर पधारने के लिए मुख्यातिथि बलजीत सिंह संधु का आभार प्रकट किया । इसके पश्चात डॉo हेम राज वर्मा व डॉo जयंत रत्ना ने परंपरागत तरीके से मुख्य अतिथि बलजीत सिंह संधु व कृषक विकास संघ प्रधान श्री निम्मे राम जी व उपस्थित सभी अधिकारियों का कुलवी टोपी व मफ़लर पहना कर स्वागत किया । डॉo जयंत रतना ने स्वागत सम्बोधन के साथ जायका (कृषि) परियोजना के अंतर्गत जिला कुल्लू में किए जा रहे विभिन कार्यों का संक्षिप्त ब्योरा दिया एवं वहाव सिंचाई योजना फलटनालह के वारे में सम्पूर्ण जानकारी दी एवं बताया की जायका (कृषि) के तहत बनी इस योजना के निर्माण कार्य पर 75,05,980 /- रुपये खर्च किए गए है । इस योजना के तहत लगभग 37.15 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है तथा यह भी बताया कि योजना के अंतर्गत 132 किसान परिवार लाभान्वित होंगे । डॉo जयंत रत्ना ने बताया की इस योजना का निर्माण कार्य निर्धारित समय में ही पूरा किया गया है तथा उन्होंने कृषक विकास संघ के प्रतिनिधियों व लाभार्थियों का निर्माण कार्य के दौरान एवं परियोजना कि अन्य गतिविधियों में सहयोग देने के लिए धन्याबाद किया । डॉ. राजेश ठाकुर ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP) के विज़न एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादकता में सुधार तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों की क्षमता निर्माण एवं फसल विविधीकरण के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें किसान विकास संघ (KVA), स्वयं सहायता समूह (SHG) एवं किसान समूहों में संगठित किया जा रहा है तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है।
इसके पश्चात बलजीत सिंह संधू ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए परियोजना की विभिन्न गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि कुल्लू जिले के किसानों के लिए शीघ्र ही नर्सरी पौधों हेतु एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि इस उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, आधुनिक नर्सरी तकनीकों, उन्नत उत्पादन विधियों एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध होगी। इस पहल से किसानों की क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन, बेहतर उत्पादकता तथा किसानों की आय में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में खेती के लिए पानी की उपलब्धता हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के माध्यम से न केवल सिंचाई ढांचे का विकास किया जा रहा है बल्कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के प्रयास भी किया जा रहा हैं। उन्होंने इस अवसर पर कृषक विकास संघ की भूमिका पर भी विशेष बल दिया । उन्होंने बताया कि जो कृषक विकास संघ का पंजीकरण किया गया है इसके माध्यम से किसान सामूहिक रूप से योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगे । उन्होंने संघ के अध्यक्ष श्री निम्मे राम जी तथा अन्य सदस्यों से आग्रह किया कि वे जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और सामूहिक प्रयासों से इस योजना को सफल बनाएं । उन्होंने लाभार्थियों को हर माह कृषक विकास संघ की बैठक करने के निर्देश दिए । उन्हे कोल्ड स्टोर स्थापित तथा F.P.O. (farmer producer organization) का गठन करने के लिए भी प्रेरित किया । तथा लाभार्थियों से आग्रह किया की वे सभी योजना का रख – रखाव करें । इसके उपरांत डॉ. हेम राज वर्मा ने मुख्य अतिथि श्री बलजीत सिंह संधू का लाभार्थियों को संबोधित करने एवं उनका मार्गदर्शन करने के लिए हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं परियोजना के लाभार्थियों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग एवं समन्वय से साइट हैंडओवर समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन एवं समापन संभव हो सका।
इसके पश्चात डॉ. जयंत रत्ना ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए जायका परियोजना के मुख्य उद्देश्य एवं किसानों की आय बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य लक्ष्य नगदी फसलों की खेती के माध्यम से फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है।
उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी अथवा सिंचाई जल के उचित वितरण की व्यवस्था न होने के कारण किसान अपनी फसलों से अपेक्षित उत्पादन प्राप्त नहीं कर पाते हैं, जिससे उनकी आय एवं लाभ कम हो जाता है। ऐसे क्षेत्रों में जायका परियोजना के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विकास एवं कुहल निर्माण के माध्यम से खेतों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के बाद किसानों को नगदी फसलों की खेती एवं फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन एवं फसलों का उचित बाजार मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
अंत में डॉ. जयंत रत्ना ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, लाभार्थियों एवं संबंधित व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को धन्यवाद किया ।
इस उपलक्ष पर तृशान पुरोहित (post-harvest engineer), जिला परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी से निर्माण अभियंता सौरव कुमार, खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई, कुल्लू से कृषि अधिकारी संजय कुमार, कृषि प्रसार अधिकारी ज्या प्रधा एवं आई.ई.सी. समन्वयक युवराज भी उपस्थित रहे।
Kullu, Kullu | Aug 22, 2026