मांगों पर अड़े परिजनों अंतिम संस्कार से किया इनकार। बीज विक्रेता का नहर मे मिला था शव परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था
मंगलवार की सुबह एक परिवार पर उसे समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब शाम से ही गायब घर के मुखिया का शव नहर में पड़ा हुआ पाया गया। पुलिस दुर्घटना मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहीं मृतक के पुत्र व पुत्री घटना को हत्या करार दे रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अकारीपुर तिवरान गांव निवासी ओमप्रकाश वर्मा दयालगंज बाजार में बीज भंडार का संचालन करते थे। सोमवार की शाम 7:30 बजे वह अपने प्रतिष्ठान को बंद कर धरौली गांव के बृजेश यादव व एक अन्य व्यक्ति के साथ चले गए थे। घर से उनकी बेटी रश्मि ने पिता को फोन किया तो पिता ने फोन उठाया और कहां की वह विलंब से घर आएंगे। काफी देर बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे तो परिवार ने पुलिस की मदद ली। पर रात में पुलिस उनकी तलाश नहीं कर सकी। मंगलवार की सुबह दयाल गंज बाजार से आगे नहर में पड़ी हुई उनकी जहां लाश पाई गई वहीं बगल में कुछ दूरी पर बृजेश यादव भी गंभीर हालत में पड़ा हुआ पाया गया। जिसका इलाज स्वरूप रानी के मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में चल रहा है। ओमप्रकाश के शव को पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की देर शाम घर लाया गया। बुधवार की सुबह परिजन अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मृतक ओमप्रकाश के बेटे शिवम पटेल ने कहा कि जब तक उनकी मांग की पूरी नहीं होती तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। 100 को अपने दरवाजे पर रखकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन परिवार कर रहा है। शिवम के अनुसार उनके पिता की हत्या हुई है पुलिस मुकदमा दर्ज करने में हीला हवाली कर रही है। जो प्रार्थना पत्र उनके द्वारा मंगलवार को दिया गया था उस पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित का आरोप है कि उनके पिता की पहले हत्या की गई बाद में दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया गया। फिलहाल बुधवार की सुबह 9 बजे तक शव दरवाजे पर ही रखकर अंतिम संस्कार रोक दिया है। घर पर संवेदना जताने वालों नाथ रिश्तेदारों का ताता लगा हुआ है।