बस्ती में दुग्ध क्रांति की हुई शुरुआत, पचमोहनी में शुरू हुआ दूध कलेक्शन सेंटर
बसंत चौधरी का संकल्प धरातल पर उतरने लगा, जल्द ही पूरे जनपद में खुलेंगे दुग्ध संग्रह केंद्र; किसानों की आमदनी बढ़ाने और बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी
बस्ती। जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर लाभ दिलाने की दिशा में एक नई पहल शुरू हो गई है। बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर पचमोहनी बरगदवा के पास स्थित उसका शुगर एवं डेयरी में दूध कलेक्शन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस पहल को जनपद में दुग्ध क्रांति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। योजना के अगले चरण में पूरे जिले में बड़े पैमाने पर दुग्ध कलेक्शन सेंटर खोलने की तैयारी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उसका शुगर एवं डेयरी के चेयरमैन बसंत चौधरी ने कहा कि जनता के बीच जो वादा किया गया था, उसे अब धरातल पर उतारने का काम शुरू हो गया है। दूध कलेक्शन की शुरुआत इसी संकल्प की पहली कड़ी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि गांवों में दूध उत्पादन करने वाले किसानों को अपने उत्पाद के संग्रह और बिक्री के लिए बेहतर सुविधा मिल सके।
किसानों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। ऐसे में व्यवस्थित दुग्ध संग्रह व्यवस्था विकसित होने से उन्हें अपने दूध की बिक्री के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकती है। कलेक्शन सेंटरों का विस्तार होने पर दूध को एकत्र करने और डेयरी तक पहुंचाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। इससे पशुपालन को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
बेरोजगार युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के रास्ते
बसंत चौधरी के मुताबिक, जनपद में बड़े पैमाने पर दुग्ध कलेक्शन सेंटर खोलने की योजना का उद्देश्य केवल दूध संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित करना है। कलेक्शन सेंटरों के संचालन, दूध के संग्रह, परिवहन और वितरण जैसी गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।
दुग्ध व्यवसाय को संगठित करने की पहल
जनपद में दुग्ध कलेक्शन सेंटरों का नेटवर्क विकसित होने से पशुपालकों, किसानों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक संगठित व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता दूध की खरीद की नियमितता, उचित भुगतान व्यवस्था, गुणवत्ता नियंत्रण और संग्रह केंद्रों के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगी।
फिलहाल पचमोहनी बरगदवा स्थित उसका शुगर एवं डेयरी में दूध कलेक्शन शुरू होना इस दिशा में पहला कदम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जिले के अन्य क्षेत्रों में कलेक्शन सेंटरों का विस्तार कितनी तेजी से होता है और इससे किसानों तथा बेरोजगार युवाओं को कितना लाभ मिल पाता है।
Basti, Basti | Oct 18, 2026