चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पिछले कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने अब एक भयानक तबाही का रूप ले लिया है। लगातार जारी अत्यधिक वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ते हुए खतरे के निशान से कई फीट ऊपर पहुंच चुका है।
नदी के इस रौद्र रूप के कारण चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट, घाट किनारे स्थित प्राचीन मंदिर, और आस-पास के सैकड़ों बाजार पूरी तरह जलमग्न हो गए है।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पानी का तेज बहाव शहर के मुख्य संपर्क मार्गों को डुबोते हुए रेलवे के मुख्य लोहे वाले पुल (रेलवे ट्रैक) तक पहुंच गया है। रेलवे ट्रैक और पुल के पानी में डूब जाने के कारण एहतियातन इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया गया है, जिससे कई यात्री और मालगाड़ियां अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी हुई हैं।
स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें हाई अलर्ट पर हैं और प्रभावित निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के तटीय क्षेत्रों और पुलों की ओर जाने से पूरी तरह बचें।
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