आरक्षण का पूरा सच?👇👇
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में SC-ST वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी, और अक्सर आपको यही कहते हुए लोग नजर आएंगे कि “हमें आरक्षण का हक संविधान ने दिया है......!
लेकिन क्या यही पूरा सच है.? शायद नहीं, 25 नवंबर 1949... संविधान सभा की last meeting चल रही थी,संविधान बनाने वाली प्रारूप समिति के अध्यक्ष......!
डॉ. अंबेडकर कई आशंकाओं और सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए,उनके विचारों का सार यह था कि अगर आरक्षण से किसी वर्ग का सामाजिक और आर्थिक विकास हो जाता है......!
तो आने वाली पीढ़ी को भी हमेशा उसी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, ये बात किसी और ने नहीं, डॉ अम्बेडकर ने कही आरक्षण का उद्देश्य किसी को हमेशा के लिए.......!
सहारा देना नहीं,बल्कि उस व्यक्ति को equal opportunity तक पहुंचाना होना चाहिए,लेकिन अब जरा भारत की political journey देखिए......!
आरक्षण को एक सीमित और उद्देश्यपूर्ण व्यवस्था के रूप में देखा गया था,लेकिन समय के साथ इसका दायरा लगातार बढ़ता गया, संविधान लागू होने के करीब 40 साल बाद OBC वर्ग के लिए 27% आरक्षण लागू हुआ.......!
इसके बाद संविधान लागू होने के करीब 69 साल बाद EWS के लिए भी 10% आरक्षण की व्यवस्था आ गई, यानी सवाल सिर्फ आरक्षण होने या न होने का नहीं है.......!
सवाल ये है कि आरक्षण का असली उद्देश्य क्या था और आज उसकी दिशा क्या है? क्या आरक्षण हमेशा के लिए चलने वाली व्यवस्था है....?
UGC Roll Back & ReservationReform
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