🔳डाइट में शैक्षिक संवाद का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण संपन्न, जॉयफुल लर्निंग से बढ़ेगी शिक्षा की गुणवत्ता
🔳कटनी - जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कटनी में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर माध्यमिक शाला के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण आयोजित किया गया। प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग के मार्गदर्शन में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम के प्रथम चरण में विकासखंड कटनी, रीठी एवं बड़वारा तथा द्वितीय चरण में बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा एवं विजयराघवगढ़ के कक्षा 6 से 8 तक अध्यापन कराने वाले शिक्षक एवं जनशिक्षक शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। डाइट के शैक्षिक संवाद प्रभारी श्री राकेश सिन्नरकर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अगस्त से जनवरी तक कुल पांच शैक्षिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को कक्षा 1 से 2, तृतीय शनिवार को कक्षा 3 से 5 तथा चतुर्थ शनिवार को कक्षा 6 से 8 पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शैक्षिक संवाद आयोजित होंगे। इसी क्रम में 22 अगस्त को प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र पर कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए शैक्षिक संवाद आयोजित किया जाएगा।
राज्य स्तर से प्रशिक्षित सहजकर्ता सारिका गुप्ता एवं सुषमा अग्रवाल ने सत्र 2025-26 में आयोजित शैक्षिक संवादों का पुनरावलोकन कराया। इस माह की थीम ‘कक्षा से जुड़ाव: जॉयफुल लर्निंग हेतु एक पहल’ पर वेलकम सर्कल, परिचय गतिविधि, भूमिका निर्माण, ‘मेरी कहानी विद्यार्थियों की जुबानी’ सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान रोचक कहानी एवं उस पर चिंतन की प्रक्रिया, समूह कार्य, सत्र संचालन, ‘मेरी पहचान-मैं कौन हूं’, स्थानीय समुदाय को समझने के लिए सामूहिक नक्शा निर्माण, ‘हमारा गांव-हमारी प्रस्तुति’, पहेली एवं दिमागी खेल जैसी गतिविधियां कराई गईं। संवाद के मुख्य उद्देश्य, संवाद आयोजन के डिजाइन सिद्धांत एवं बैठक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पीपल संस्था के श्री नौशाद ने बच्चों को कहानी सुनाने तथा कहानी के माध्यम से चिंतन विकसित कर कक्षा को आनंददायी बनाने के संबंध में जानकारी दी।
प्रशिक्षण प्रभारी श्री राजेंद्र असाटी ने कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देशन में तैयार किए गए मॉनिटरिंग के 12 बिंदुओं पर चर्चा की और सभी जनशिक्षकों को इसकी प्रति उपलब्ध कराई। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी शालाएं इन बिंदुओं के आधार पर अपना स्व-आकलन करें। 15 दिवस बाद इन्हीं बिंदुओं के आधार पर शालाओं का अनुवीक्षण किया जाएगा। उन्होंने प्राथमिक शालाओं को ‘निपुण शाला’ बनाने की प्रक्रिया तथा इसमें शिक्षकों एवं जनशिक्षकों की भूमिका भी विस्तार से समझाई।
इस अवसर पर जिला शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी ने भी मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में प्राचार्य डाइट, श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, कमलेश सोनी, उमाशंकर सैनी, देवेन्द्र तिवारी, शिवराम तिवारी, राजेश गुप्ता, मंजू शर्मा, विक्रम सूर्यवंशी, संतोष जायसवाल, रामकुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
उन्मुखीकरण में प्राप्त जानकारी एवं गतिविधियों के आधार पर सभी जनशिक्षक एवं सहजकर्ता 22 अगस्त को अपने-अपने जन शिक्षा केंद्रों में शैक्षिक संवाद का आयोजन करेंगे। जॉयफुल लर्निंग के माध्यम से कक्षा को अधिक आनंददायी, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
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Katni, Madhya Pradesh | Aug 21, 2026