सारण जिले के 07 प्रखंडों में 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ प्रभावित, 2.05 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
119 नाव एवं 06 बोट एंबुलेंस परिचालित, 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में आश्रय; माही नदी के दायाँ तटबंध की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी
छपरा 5 सितंबर,2026
सारण जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। जिले के 07 प्रखंडों की कुल 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां कुल 2,05,849 आबादी प्रभावित है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए कुल 119 नाव एवं 06 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। बोट एंबुलेंस के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में आश्रय दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पॉलिथीन शीट, सूखा राहत राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी लगातार किया जा रहा है।
माही नदी के दायाँ तटबंध में टूटान
दिघवारा प्रखंड अंतर्गत माही नदी के दायाँ तटबंध के लगभग 7.5 किलोमीटर के पास आज प्रातः करीब 5:30 बजे पानी के अत्यधिक दबाव के कारण लगभग 12 मीटर तटबंध में टूटान हुआ। सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की टीमों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।
तटबंध के टूटे हिस्से की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता सहित तकनीकी टीम लगातार मौके पर कार्य कर रही है। मरम्मत कार्य को कुछ ही घंटे में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तटबंध टूटने से दिघवारा प्रखंड की तीन पंचायतें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई है। अकिलपुर पंचायत में नावों का परिचालन जारी है तथा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम तैनात है। एनडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहुंच रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंडवार मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। रिविलगंज प्रखंड में 3 मेडिकल टीमें, सदर छपरा प्रखंड में 6 मेडिकल टीमें, दिघवारा प्रखंड में 3 मेडिकल टीमें, सोनपुर प्रखंड में 6 मेडिकल टीमें तथा मकेर प्रखंड में 1 मेडिकल टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत है। मेडिकल टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल मेडिकल टीमों की तत्परता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव भी कराया गया है।
प्रखंडवार स्थिति
सोनपुर प्रखंड:
सबलपुर पूर्वी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका भरपुरा, गंगाजल, कस्मर, सैदपुर, हासिलपुर, रसूलपुर, शिकारपुर, जहांगीरपुर, नयागांव एवं कल्याणपुर पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 65 गांवों की 1,30,000 आबादी प्रभावित है। यहां 55 नाव एवं 02 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक सामुदायिक रसोई संचालित है, जहां अब तक 1,056 लोगों ने भोजन किया है। दो पशु आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जिनमें 101 पशुओं को आश्रय दिया गया है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 1,200 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।
सदर छपरा प्रखंड:
कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा महाजी, रायपुर, बिनगांवा तथा आंशिक रूप से मूसेपुर, डुमरी एवं चिरांद पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 09 गांवों की 54,328 आबादी प्रभावित है। यहां 30 नाव एवं 02 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 101 पशुओं को आश्रय दिया गया है।
दिघवारा प्रखंड:
अकिलपुर एवं रामपुर आमी पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 11 गांवों की 17,442 आबादी प्रभावित है। यहां 21 नाव एवं 01 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। दो पशु आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जिनमें 28 पशुओं को आश्रय दिया गया है। अब तक 450 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।
गरखा प्रखंड:
मौजमपुर एवं इटवा पंचायतें प्रभावित हैं। कुल 04 गांवों की 1,179 आबादी प्रभावित है। यहां 02 नाव परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 85 पशुओं को आश्रय दिया गया है तथा 95 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।
रिविलगंज नगर पंचायत:
रिविलगंज नगर पंचायत का क्षेत्र आंशिक रूप से प्रभावित है तथा लगभग 2,000 आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां 06 नाव एवं 01 बोट एंबुलेंस परिचालित हैं। एक पशु आश्रय स्थल में 44 पशुओं को आश्रय दिया गया है।
मकेर प्रखंड:
बाघाकोल पंचायत का 01 गांव प्रभावित है तथा 300 आबादी प्रभावित है। यहां 05 नाव परिचालित हैं। 18 पशुओं को आश्रय प्रदान किया गया है तथा 20 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।
दरियापुर प्रखंड:
मगरपाल, बेला परमौला एवं अकबरपुर पट्टीपुल पंचायतों के 03 गांव प्रभावित हैं तथा 600 आबादी प्रभावित है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 200 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं।
राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी
सोनपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में पानी प्रवेश करने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। यहां कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं तथा पॉलिथीन शीट, सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण जारी है। आवश्यकता के अनुसार नावों का परिचालन कर लोगों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की गई है।
डुमरी, डोरीगंज एवं चिरांद सहित गंगा के दूसरी ओर स्थित कुछ पंचायतें भी प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों में भी नाव, पॉलिथीन शीट, सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी अलर्ट मोड में हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों से अपील की गई है कि पैनिक न करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं तथा स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा
Saharsa, Bihar | Sep 5, 2026