चित्रकूट जिले के पहाड़ी ब्लॉक से राहत और सामाजिक सरोकार की एक बेहद भावुक तस्वीर सामने आई है।
नहरा ग्राम पंचायत के रामपुर गांव में बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों के बीच तीज त्योहार की खुशियां बांटने की पहल की गई। समाजसेवी कुमकुम उपाध्याय ने जरूरतमंद महिलाओं और कन्याओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।
शनिवार, 12 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी कुमकुम उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित सैकड़ों परिवारों की महिलाओं को साड़ियों का वितरण किया। वहीं कन्याओं को कपड़े भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया।
बाढ़ के चलते जहां ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं त्योहार के मौके पर मिली इस मदद ने महिलाओं और बेटियों के चेहरों पर खुशी ला दी।
समाजसेवी कुमकुम उपाध्याय का कहना है कि आपदा की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ी मानव सेवा है।
रामपुर और कलवारा बुजुर्ग से सामने आई यह तस्वीर एक बड़ा संदेश दे रही है—राहत केवल राशन और जरूरी सामान तक सीमित नहीं होती, बल्कि मुश्किल समय में किसी के साथ खड़े होकर उसकी खुशियों में सहभागी बनना भी सच्ची सेवा है।
चित्रकूट से News11इंडिया TV के लिए रिपो