
कलयुग के अवतार | SA News Chhattisgarh
08-09-2026: वर्तमान युग में जब पूरा विश्व स्वार्थ, कुरीतियों और मानसिक अवसाद की आग में जल रहा है, तब संत रामपाल जी महाराज मानवता के लिए एक ठंडी छांव है। यह केवल एक आध्यात्मिक केंद्र नहीं है, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक क्रांति है जिसने समाज सुधार के उन पैमानों को सच कर दिखाया है, जिन्हें सरकारें और कानून भी लागू करने में विफल रहे हैं।
सबसे बड़ा और हृदयस्पर्शी बदलाव उस अंधी दौड़ पर लगाम लगाना है जिसने लाखों परिवारों को बर्बाद किया है। आज उनके करोड़ों अनुयायी नशा मुक्त जीवन जी रहे हैं। 17 मिनट की सादगीपूर्ण 'रमैणी' (विवाह) प्रथा ने दहेज मुक्त समाज की नींव रखी है, जहाँ बिना किसी दिखावे या लेन-देन के शादियां संपन्न होती हैं। समाज को घुन की तरह खा रहे जातिवाद, छुआछूत, भ्रष्टाचार और कन्या भ्रूण हत्या जैसे महापापों को तत्वज्ञान की शक्ति से जड़ से उखाड़ फेंका गया है। अज्ञानता और पाखंड के स्थान पर अब लोग तर्क और शास्त्र-प्रमाणित भक्ति को अपना रहे हैं।
पूर्ण अहिंसा का पालन करते हुए यहाँ जीव हत्या और मांसाहार का कड़ा विरोध किया जाता है। भौतिक समस्याओं और निराशा में घिरे जिन युवाओं को समाज ने अकेला छोड़ दिया था, सतभक्ति के प्रभाव से आज उनके भीतर का अवसाद खत्म हो चुका है, जिससे 'आत्महत्या रोकथाम' का यह दुनिया का सबसे सफल मॉडल बन गया है। इसके साथ ही, रक्तदान व मरणोपरांत देहदान जैसे अभियानों और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण में संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी हमेशा अग्रणी रहते है।
सेवा का सबसे मार्मिक रूप 'अन्नपूर्णा मुहिम' में देखने को मिलता है। जिसके तहत बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों को निःशुल्क राशन और बेघर लोगों को आवास प्रदान किया जाता है। जब देश पर प्राकृतिक आपदा आई चाहे वह पंजाब, राजस्थान और असम में आई भीषण बाढ़ हो या नेपाल का विनाशकारी जलप्रलय, बाढ़ प्रभावित गाँवों में किसानों की सहायता की, शुद्ध जल पहुँचाया और राहत सामग्री बांटी। यह अद्वितीय व्यवस्था कलयुग के बीच 'सतयुग' का एक जीता-जागता प्रमाण है। #SocialReform #SantRampalJiMaharaj #HumanityFirst #DisasterRelief #DowryFreeIndia #SANewsChhattisgarh