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SA News Chhattisgarh

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जैन स्कूल में सजी अदालत | SA News Chhattisgarh 

जशपुर | 12-09-2026: श्री महावीर दिगंबर जैन हाई स्कूल, जशपुर नगर में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित 'मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026' का फाइनल राउंड शनिवार को पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष न्यायालयीन बहस का मुख्य विषय “Gen Z Protest Case” रखा गया था। इसमें पिटीशनर पक्ष ने अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध को आधार बनाया, जबकि रिस्पॉन्डेंट पक्ष ने सार्वजनिक व्यवस्था, कानून के शासन और राष्ट्रीय अखंडता पर दमदार तर्क पेश किए। एक महीने की कड़ी मेहनत और विद्यालय की पूर्व छात्रा व अधिवक्ता श्रीमती उपासना जैन के विशेष मार्गदर्शन में तैयार हुए इन छात्रों ने अपनी कानूनी समझ और वक्तृत्व कौशल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति को अद्भुत बताया। उन्होंने खुले मंच से तारीफ करते हुए कहा कि बच्चों की बहस देखकर एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा मानो वे हाई कोर्ट की वास्तविक सुनवाई में बैठे हों। श्री साहू ने समाज में कानून और नियमों के पालन की अहमियत समझाते हुए कहा कि यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ ले, तो न्यायालयों पर अनावश्यक मुकदमों का बोझ अपने आप कम हो जाएगा।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन विशेष अतिथि, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे द्वारा किया गया। कड़े मुकाबले के बाद ‘Secular’ टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 'Best Team' और 'Best Memorial' का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। वहीं, ‘Unity & Integrity’ टीम के होनहार छात्र अस्मित खलखो को उनके तार्किक और प्रभावशाली वक्तव्य के लिए 'Best Speaker' चुना गया। कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ता उपासना जैन को उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए विशेष मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन छात्रों के लिए संविधान और नागरिक कर्तव्यों को समझने का एक शानदार व्यावहारिक मंच साबित हुआ।
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वंदे भारत का ठहराव जरूरी! | SA News Chhattisgarh 

जांजगीर-चांपा | 12-09-2026 बिलासपुर-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस के सक्ती या चांपा जंक्शन में ठहराव की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इससे आसपास के हजारों यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।

सक्ती और चांपा व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए बिलासपुर सहित अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। ठहराव मिलने से समय और यात्रा खर्च दोनों में राहत मिल सकती है।

क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सक्ती या चांपा में कम से कम एक ठहराव देने की मांग की है। लोगों का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vandebharatexpress nis:value=VandeBharatExpress nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bilaspur nis:value=Bilaspur nis:enabled=true nis:link/>  <nis:link nis:type=tag nis:id=indianrailways nis:value=IndianRailways nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=railwaynews nis:value=RailwayNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=Chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=janjgirchampa nis:value=JanjgirChampa nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
रक्त का कोई विकल्प नहीं होता इसलिए रक्तदान महादान है...

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अंजीर कैसे है फायदेमंद?
छोटा-सा फल, कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत! 
Swipe करके जानिए!

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CGPSC घोटाले का क्या राज है? | SA News Chhattisgarh 

रायपुर | 11-09-2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। ED ने 1 सितंबर 2026 को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर समेत पांच ठिकानों पर तलाशी लेकर डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और अहम दस्तावेज जब्त किए। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत की गई।

ED के मुताबिक, जांच EOW-ACB और CBI-ACB रायपुर में दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू हुई। मामलों में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत अन्य लोगों पर 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

जांच में सामने आया कि परीक्षा के प्रश्नपत्र निजी बिचौलियों के जरिए कुछ रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए। ED का दावा है कि डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे पदों पर चयन कराने के नाम पर अवैध रकम ली गई।

एजेंसी के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से नकद रकम वसूली। जांच में तीन करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय का पता चला, जिसमें करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए जाने की बात सामने आई है।

ED ने यह भी आरोप लगाया कि उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को प्रभावित करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक केके चंद्रवंशी और मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक OSD के नाम व प्रभाव का इस्तेमाल किया।

ED ने डिजिटल साक्ष्यों, बयानों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर को 1 सितंबर को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस में पहुंचे लाखों लोग | Betul | SA News Chhattisgarh

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एक पल का अंधेरा पूरी जिंदगी पर भारी क्यों पड़े? | SA News Chhattisgarh 

10-09-2026: हर वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि जीवन में कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, जीवन समाप्त करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान में मानव जीवन को अत्यंत अनमोल बताया गया है। धन की कमी, बीमारी, पारिवारिक कलह, दहेज, गृहक्लेश, नशा, बेरोजगारी, ताने, आत्मविश्वास की कमी या सामाजिक दबाव जैसी परिस्थितियां इंसान को मानसिक रूप से परेशान कर सकती हैं, लेकिन इनसे निकलने के लिए समाधान और सहयोग की राह अपनानी चाहिए। परेशानी में अपने परिवार, मित्र, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें तथा आवश्यकता होने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लें।

संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संगों में कबीर साहेब की वाणी के माध्यम से मानव जीवन का महत्व समझाया जाता है- “मानुष जन्म दुर्लभ है, ये मिले न बारम्बार। जैसे तरुवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर न लागे डार।”
 इसी प्रकार वाणी में कहा गया है-“चिंता चिता समान है, चिंता जग की पीर / जो चिंता को समेट दे ताका नाम कबीर।” 
इन वाणियों का संदेश जीवन की कठिनाइयों के बीच धैर्य रखने और सही मार्ग खोजने की प्रेरणा देता है। संत रामपाल जी महाराज जी से जुड़े अनुयायी सतभक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम मानते हैं। उनकी पुस्तक “जीने की राह” में भी जीवन की समस्याओं से सकारात्मक रूप से सामना करने और आध्यात्मिक मार्ग अपनाने की बात कही जाती है।

कबीर साहेब की एक अन्य वाणी में जीवन के उद्देश्य की ओर संकेत करते हुए कहा गया है- “कबीर, थे ऊपर ने पैर तले ने सिर तेरा / रोवे था के भजन करूंगा हर तेरा।। 
” संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों के अनुसार मानव जीवन केवल सांसारिक सुख-दुःख के लिए नहीं, बल्कि परमात्मा की भक्ति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मिला है। उनके सत्संगों में दहेज, नशा, सामाजिक बुराइयों और पारिवारिक कलह से दूर रहने तथा सदाचार अपनाने का संदेश दिया जाता है। आध्यात्मिक सहारे के साथ जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय और मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना भी महत्वपूर्ण है। जीवन अनमोल है- परेशानी में हार नहीं, समाधान और सहयोग चुनें।

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देहदान कर कौशल्या बाई साहू ने पेश की मानव सेवा की मिसाल

बिलासपुर से मानव सेवा और समाजहित की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है।

ग्राम तेंदूदरहा, पोस्ट दुरुग, तहसील भटगांव, थाना सरसीवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी कौशल्या बाई साहू, पत्नी स्वर्गीय छोटेलाल साहू के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उद्देश्य से दान कर दी।

8 सितंबर 2026 को परिवार, रिश्तेदारों और अनुयायियों की मौजूदगी में उनकी पार्थिव देह CIMS बिलासपुर के शरीर संरचना विभाग की प्रमुख डॉ. शिक्षा जांगड़े के समक्ष सौंपी गई।

इस अवसर पर उनके पुत्र कृष्ण कुमार साहू, रामफल साहू, पोता-पोती, बहू सहित पूरा परिवार उपस्थित रहा। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सेवादार हीरा दास मानिकपुरी, राकेश कुर्रे और प्रमोद देवांगन सहित अन्य अनुयायी भी मौजूद रहे।

परिवार के अनुसार, देहदान का उद्देश्य मरणोपरांत भी मानव शरीर को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के काम में लाना है। दान की गई देह मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और चिकित्सा अनुसंधान में उपयोगी हो सकती है।

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने भी देहदान को मानव सेवा और समाजहित से जोड़ते हुए अपने विचार साझा किए।

🎥 कौशल्या बाई साहू के देहदान की पूरी कहानी और परिवार की प्रतिक्रिया जानने के लिए देखें पूरी Ground Report।

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क्या देहदान करना पाखंड है? | सतलोक आश्रम बैतूल मे देहदान संकल्प शिविर | SA News Chhattisgarh

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गलत अफवाहों के बीच सामने आया समाजसेवा का एक वास्तविक उदाहरण! | Betul | SA News Chhattisgarh

सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति या संस्था के बारे में कई तरह की बातें कही जाती हैं। लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले वास्तविक कार्यों को देखना और उपलब्ध प्रमाणों को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

संत रामपाल जी महाराज से जुड़े इस रक्तदान शिविर की रिकॉर्डिंग में समाजसेवा का एक उदाहरण देखने को मिलता है। रक्तदान का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग करना और मानवता की सेवा करना है।

आप वीडियो को पूरा देखें और स्वयं तय करें कि सोशल मीडिया की बातों से ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है—अफवाह या वास्तविक कार्य?

🩸 रक्तदान — मानवता की सेवा।

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22 सितंबर से बसें बंद? | SA News Chhattisgarh 

रायपुर | 09-09-2026: यात्री बसों के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है। महासंघ ने अपनी नौ सूत्रीय लंबित मांगों का त्वरित निराकरण न होने पर आर-पार की लड़ाई का बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकार को 21 सितंबर 2026 तक का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। महासंघ ने दो टूक कहा है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर प्रशासन ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन बस सेवा पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी। इस कड़े कदम से राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के बुरी तरह चरमराने की आशंका है।

महासंघ की प्रमुख मांगों में यात्री किराए में तत्काल प्रभाव से वृद्धि करना, एकल शयनयान (स्लीपर) बसों पर एकल कर प्रणाली लागू करना और इलेक्ट्रिक बसों के बेतहाशा संचालन को एक निर्धारित दायरे में रखना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सभी यात्री बसों के लिए निर्बाध ऑनलाइन परमिट सुविधा बहाल करने और जीपीएस (वाहन स्थान निर्धारण उपकरण) के नवीनीकरण शुल्क में कटौती करने की भी पुरजोर मांग की गई है। बस संचालकों का स्पष्ट कहना है कि जटिल परिवहन नियमों और प्रक्रियाओं में राहत दिए बिना व्यवसाय का सुचारू संचालन अब लगभग असंभव हो चुका है।

यदि 22 सितंबर से प्रदेश में बसों के पहिए थमते हैं, तो इसका सीधा और सर्वाधिक विपरीत असर आम जनता पर पड़ेगा। रोजाना सफर करने वाले लाखों ग्रामीण, छात्र, नौकरीपेशा वर्ग और छोटे व्यापारियों को वैकल्पिक साधनों के अभाव में भारी फजीहत का सामना करना पड़ेगा। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन 21 सितंबर तक महासंघ के साथ वार्ता कर कोई बीच का व्यावहारिक रास्ता निकालता है, या फिर प्रदेश की जनता को एक भयंकर परिवहन संकट झेलना पड़ेगा।

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कुप्रथाओं पर तत्वज्ञान का प्रहार | SA News Chhattisgarh 

09-09-2026: समाज में जहाँ मृत्यु के पश्चात कई प्रकार के कर्मकांडों और अंधविश्वासों का बोलबाला है, वहीं इंसानियत और विज्ञान के हित में एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक मिसाल कायम की गई है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन सानिध्य सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम तेंदूदरहा निवासी 73 वर्षीय भक्तमति कौशल्या बाई साहू (पत्नी स्व. छोटेलाल साहू) के निधन के पश्चात उनके परिवार ने उनकी पार्थिव देह को चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान हेतु दान कर दिया है।

मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के शरीर संरचना विभाग की प्रमुख डॉ. शिक्षा जांगड़े के समक्ष यह पार्थिव शरीर विधिवत सौंपा गया। इस भावुक अवसर पर उनके पुत्र कृष्ण कुमार साहू, रामफल साहू सहित पूरा परिवार एवं जिला सेवादार हीरा दास मानिकपुरी, राकेश कुर्रे व प्रमोद देवांगन विशेष रूप से मौजूद रहे।

इस ऐतिहासिक कदम के पीछे संत रामपाल जी महाराज की वह अनूठी और तार्किक शिक्षा है, जो समाज को पाखंड से निकालकर यथार्थ की ओर ले जा रही है। गरुड़ पुराण व अन्य शास्त्रों का सटीक हवाला देते हुए गुरुदेव ने समाज को स्पष्ट किया है कि मृत्यु उपरांत मृत्युभोज, पिंडदान या अन्य कर्मकांड सर्वथा व्यर्थ हैं। मनुष्य को जीते जी शास्त्रोक्त भक्ति करनी चाहिए, तभी आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। इसी ज्ञान से प्रेरित होकर अनुयायी मरणोपरांत रूढ़िवादी क्रियाओं का त्याग कर 'देह दान' जैसे महादान को अपना रहे हैं।

कौशल्या बाई जी का यह देहदान भावी डॉक्टरों और चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए मानव शरीर की संरचना समझने में एक मील का पत्थर साबित होगा। मृत्यु के बाद भी मानवता के काम आना, संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं का ही वह चमत्कार है, जो समाज को सेवा और परोपकार की एक नई व सार्थक दिशा दिखा रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=bodydonation nis:value=BodyDonation nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bilaspur nis:value=Bilaspur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=Chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=santrampaljimaharaj nis:value=SantRampalJiMaharaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=humanityfirst nis:value=HumanityFirst nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=trueknowledge nis:value=TrueKnowledge nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
दहेज समाप्ति के साथ सतयुग की स्थापना | संत रामपाल जी महाराज अवतरण दिवस | SA News Chhattisgarh

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कलयुग के अवतार | SA News Chhattisgarh 

08-09-2026: वर्तमान युग में जब पूरा विश्व स्वार्थ, कुरीतियों और मानसिक अवसाद की आग में जल रहा है, तब संत रामपाल जी महाराज मानवता के लिए एक ठंडी छांव है। यह केवल एक आध्यात्मिक केंद्र नहीं है, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक क्रांति है जिसने समाज सुधार के उन पैमानों को सच कर दिखाया है, जिन्हें सरकारें और कानून भी लागू करने में विफल रहे हैं।

सबसे बड़ा और हृदयस्पर्शी बदलाव उस अंधी दौड़ पर लगाम लगाना है जिसने लाखों परिवारों को बर्बाद किया है। आज उनके करोड़ों अनुयायी नशा मुक्त जीवन जी रहे हैं। 17 मिनट की सादगीपूर्ण 'रमैणी' (विवाह) प्रथा ने दहेज मुक्त समाज की नींव रखी है, जहाँ बिना किसी दिखावे या लेन-देन के शादियां संपन्न होती हैं। समाज को घुन की तरह खा रहे जातिवाद, छुआछूत, भ्रष्टाचार और कन्या भ्रूण हत्या जैसे महापापों को तत्वज्ञान की शक्ति से जड़ से उखाड़ फेंका गया है। अज्ञानता और पाखंड के स्थान पर अब लोग तर्क और शास्त्र-प्रमाणित भक्ति को अपना रहे हैं।

पूर्ण अहिंसा का पालन करते हुए यहाँ जीव हत्या और मांसाहार का कड़ा विरोध किया जाता है। भौतिक समस्याओं और निराशा में घिरे जिन युवाओं को समाज ने अकेला छोड़ दिया था, सतभक्ति के प्रभाव से आज उनके भीतर का अवसाद खत्म हो चुका है, जिससे 'आत्महत्या रोकथाम' का यह दुनिया का सबसे सफल मॉडल बन गया है। इसके साथ ही, रक्तदान व मरणोपरांत देहदान जैसे अभियानों और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण में संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी हमेशा अग्रणी रहते है।

सेवा का सबसे मार्मिक रूप 'अन्नपूर्णा मुहिम' में देखने को मिलता है। जिसके तहत बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों को निःशुल्क राशन और बेघर लोगों को आवास प्रदान किया जाता है। जब देश पर प्राकृतिक आपदा आई चाहे वह पंजाब, राजस्थान और असम में आई भीषण बाढ़ हो या नेपाल का विनाशकारी जलप्रलय, बाढ़ प्रभावित गाँवों में किसानों की सहायता की, शुद्ध जल पहुँचाया और राहत सामग्री बांटी। यह अद्वितीय व्यवस्था कलयुग के बीच 'सतयुग' का एक जीता-जागता प्रमाण है। <nis:link nis:type=tag nis:id=socialreform nis:value=SocialReform nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=santrampaljimaharaj nis:value=SantRampalJiMaharaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=humanityfirst nis:value=HumanityFirst nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=disasterrelief nis:value=DisasterRelief nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=dowryfreeindia nis:value=DowryFreeIndia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
एक बार फिर मिला रक्त श्री सम्मान | SA News Chhattisgarh 

मध्यप्रदेश (बैतूल) | 07-09-2026: आज के घोर स्वार्थी युग में जहां इंसान केवल अपने और अपने परिवार के लिए ही जीता है, वहीं मध्य प्रदेश के बैतूल स्थित सतलोक आश्रम (उड़दन) में इंसानियत, त्याग और निस्वार्थ सेवा की एक अलौकिक महाक्रांति जन्म ले रही है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस (6 से 8 सितंबर) के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित विशाल महासमागम का आज दूसरा दिन एक ऐसे अभूतपूर्व महायज्ञ का गवाह बना, जिसकी मिसाल आधुनिक विश्व में मिलना अत्यंत दुर्लभ है। इस पावन धरा पर आज मानवता की रक्षा के लिए 232 यूनिट रक्तदान का वह ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जो अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे सैकड़ों बेसहारा और बीमार लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

महासमागम के इस दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के पावन सानिध्य और उनकी प्रेरणा से उनके शिष्यों ने रक्तदान शिविर में भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। एक तरफ जहां देश भर के अस्पतालों और ब्लड बैंकों में रक्त की एक-एक बूंद के लिए मरीज तड़पते हैं, वहीं सतलोक आश्रम में निस्वार्थ सेवा का एक अलग ही नजारा था। रक्तदान के इस भव्य आयोजन को देखकर वहां उपस्थित मेडिकल स्टाफ और रक्त संग्रह करने आई टीम के सदस्यों ने स्पष्ट शब्दों में संत जी के अनुयायियों की सराहना करते हुए कहा, "हमारे लिए तो आपके संस्था से ही ब्लड आपूर्ति होती है।" उनका यह मार्मिक कथन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि संत जी के अनुयायी केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि आपातकाल में भी सदैव मानवता की सबसे मजबूत ढाल बनकर खड़े रहते हैं।

बैतूल के सतलोक आश्रम में उमड़ा यह अथाह जनसैलाब इस बात का प्रतीक है कि समाज अब अज्ञानता की गहरी नींद से जाग रहा है। संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान इंसान के भीतर से स्वार्थ को जड़ से समाप्त कर देता है और उसे सच्चे अर्थों में परोपकारी बनाता है। 6 से 8 सितंबर तक चलने वाले इस त्रिदिवसीय समागम में 232 यूनिट रक्तदान के अलावा नशा मुक्ति, पाखंड खंडन, बिना दान-दहेज के ऐतिहासिक विवाह (रमैनी), निःशुल्क नाम दीक्षा और विशाल भंडारे जैसी परमार्थ की गतिविधियां अनवरत जारी हैं। यह 76वां अवतरण दिवस समूची मानव जाति के लिए एक ऐतिहासिक और जीवनदायिनी घटना बन चुका है, जो दुनिया को सिखाता है कि इंसानियत की सेवा से बड़ा इस धरती पर कोई दूसरा धर्म नहीं है। 
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1971 में हुई भविष्यवाणी हो रही सच | SA News Chhattisgarh 

07-09-2026: इस नश्वर संसार में, जो केवल एक झूठे स्वप्न के समान है और किसी भी क्षण समाप्त हो सकता है, लोग सही या गलत तरीके से संपत्ति इकट्ठा करने में व्यस्त हैं। सही कहा गया है कि केवल सच्चे संत ही हमें यह याद दिला सकते हैं कि मानव जीवन प्राप्त करने का मुख्य उद्देश्य क्या है जो कि सतभक्ति करके उस अमर धाम में पहुँचना है जहाँ न कोई दुख है, न बुढ़ापा, और सबसे महत्वपूर्ण, न मृत्यु!

इन्हीं चीजों की वास्तविक जानकारी देने के लिए परमात्मा स्वयं अवतार धारण कर इस कलयुग में आते हैं। उनके बारे में कई भविष्यवक्ताओं ने भविष्यवाणी की है। 

जैसे कि जय गुरुदेव की बताई गई भविष्यवाणी 28 अगस्त 1971 में एक ऐसे महापुरुष के विषय में भविष्यवाणी की गई थी। जो भारत के एक छोटे से गाँव में जन्म ले चुका है और आगे चलकर मानव इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उसके बारे में व्यापक जनसमर्थन, नया विधान तथा एक झंडे और एक भाषा स्थापित करेंगे। “जय गुरुदेव की अमर वाणी” भाग-2, पृष्ठ 50 और 59

शाकाहारी पत्रिका में 7 सितंबर 1971, जयगुरुदेव मथुरा द्वारा संत रामपाल जी महाराज के विषय में की गई भविष्यवाणी, "वह अवतार जिसकी लोग प्रतीक्षा कर रहे हैं वह 20 वर्ष का हो चुका है। यदि उसका पता बता दूं तो लोग उसके पीछे पड़ जाएंगे।” अभी ऊपर से आदेश बताने के लिए नहीं हो रहा है। समय आने पर सबको सब कुछ मालूम हो जाएगा।

संत रामपाल जी महाराज का जन्म 8 सितंबर 1951 को हरियाणा के धनाना गाँव में हुआ था। इसलिए 7 सितंबर 1971 को उनकी आयु 20 वर्ष पूरा हो चुका था, जबकि 8 सितंबर 1971 से 21वाँ वर्ष प्रारंभ हुआ। 

विभिन्न देशों के भविष्यवक्ताओं द्वारा भारत से एक ऐसे महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व के उदय की भविष्यवाणियों का उल्लेख मिलता है, जो मानवता को नई दिशा देकर विश्व में ज्ञान, शांति, प्रेम और भाईचारे की स्थापना करेगा।

इंग्लैण्ड के ज्योतिषी कीरो की 1925 में लिखी पुस्तक के अनुसार 20वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, अर्थात् 1950 के बाद जन्म लेने वाला एक संत विश्व में नई सभ्यता लाएगा और भारत का एक व्यक्ति संसार में ज्ञानक्रांति का संदेश फैलाएगा।

भविष्यवक्ता वेजीलेटिन के अनुसार 20वीं सदी के उत्तरार्द्ध में विश्व में आपसी प्रेम का अभाव, मानवता का पतन, धन-संग्रह की होड़, लूट और अन्याय जैसी परिस्थितियां बढ़ेंगी। इसके बाद भारत से शांति और भाईचारे पर आधारित नई सभ्यता का उदय होगा, जो देश, प्रांत और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर विश्व में अमन-चैन स्थापित करेगी।

अमेरिकी भविष्यवक्ता एण्डरसन के अनुसार 20वीं सदी के अंत या 21वीं सदी के प्रारंभ में भारत के ग्रामीण क्षेत्र से एक धार्मिक व्यक्ति मानवता को सदाचार, उदारता, सेवा और प्रेम का संदेश देगा तथा विश्व में धर्म और शांति की स्थापना करेगा।

नॉर्वे के आनन्दाचार्य के नाम से प्रचलित भविष्यवाणी में 1998 के बाद भारत में एक शक्तिशाली धार्मिक संस्था के उदय और उसके आध्यात्मिक ज्ञान के विश्वभर में प्रभावी होने की बात कही गई है। 

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बारिश बाद सड़क निर्माण तेज | SA News Chhattisgarh 

जशपुर | 07-09-2026: लगातार हो रही बारिश ने जशपुर जिले की कई प्रमुख सड़कों की स्थिति खराब कर दी है। जगह-जगह बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोतबा-बागबहार मार्ग, चराईडांड-बतौली स्टेट हाईवे के भीतरघरा क्षेत्र तथा बगीचा-बतौली मार्ग सहित कई सड़कें प्रभावित हैं।

तपकरा-फरसाबहार और लुड़ेग-बागबहार मार्ग की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा कर चिंता जताई है। लगातार बारिश के कारण गड्ढों और सड़क क्षति में वृद्धि होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

खराब सड़कों की समस्या को लेकर शासन स्तर पर भी चर्चा हुई है। सरगुजा क्षेत्र में सड़कों की स्थिति पर भाजपा प्रदेश महामंत्री पवन साय ने अधिकारियों से जानकारी ली थी। वहीं, वित्त मंत्री एवं सरगुजा प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी से भी इस संबंध में चर्चा की गई। अंबिकापुर में तत्काल राहत के लिए गड्ढों में गिट्टी डालने का कार्य शुरू किया गया था।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि बरसात के दौरान आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य जारी रहेंगे। मौसम साफ होने के बाद जशपुर सहित प्रभावित क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अब जशपुर और सरगुजा संभाग के लोगों को उम्मीद है कि बारिश समाप्त होते ही खराब सड़कों का स्थायी समाधान करते हुए निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा, जिससे आवागमन सुरक्षित और सुगम बन सके।Jashpur <nis:link nis:type=tag nis:id=jashpurnews nis:value=JashpurNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chhattisgarh nis:value=Chhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=roaddevelopment nis:value=RoadDevelopment nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=roadrepair nis:value=RoadRepair nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=arunsao nis:value=ArunSao nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=infrastructur nis:value=Infrastructur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
राज्य में धान खरीदी की तैयारी तेज | SA News Chhattisgarh 

रायपुर | 07-09-2026: राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेश में 240 नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाने का प्रस्ताव है। खाद्य विभाग और मार्कफेड के अधिकारियों के मुताबिक, नए उपार्जन केंद्रों का संचालन नवगठित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों  का गठन किया गया है।

नए केंद्र शुरू होने के बाद प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 2740 से बढ़कर करीब 2980 हो जाएगी। पिछले खरीफ विपणन वर्ष में इन केंद्रों के माध्यम से 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। इस बार भी इससे अधिक धान खरीदी का अनुमान है। सरकार की ओर से किसानों की सुविधा के लिए पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

खरीफ वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 31 अक्टूबर तक पंजीयन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों को एग्रीस्टैक आईडी के आधार पर धान बिक्री के लिए मान्य किया गया है। वहीं, नए भूमि खरीदी-बिक्री, नामांतरण या पट्टे की स्थिति में संबंधित किसानों को समिति के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। धान खरीदी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए उपार्जन केंद्रों में बायोमेट्रिक डिवाइस की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए वास्तविक फसल क्षेत्र का ऑनलाइन सत्यापन भी किया जाएगा।

 सरकार की योजना धान उठाव, कस्टम मिलिंग और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में परिवहन लागत को नियंत्रित करने की भी है। इसके लिए रूट ऑप्टिमाइजेशन टूल लागू किया जाएगा। इस बार प्रदेश में धान खरीदी के लिए अधिक केंद्र, डिजिटल व्यवस्था और किसानों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है।नए 240 उपार्जन केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने में पहले की तुलना में ज्यादा सुविधा मिलेगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=kharif2026_27 nis:value=Kharif2026_27 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=dhaankharidi nis:value=DhaanKharidi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kisanpanjiyan nis:value=KisanPanjiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=paddyprocurement nis:value=PaddyProcurement nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=farmers nis:value=Farmers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=agriculturenews nis:value=AgricultureNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=agristackid nis:value=AgristackID nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/>
आश्रम में बना देशी घी में पका स्वादिष्ट हलवा प्रसाद | सतलोक आश्रम बैतूल | SA News Chhattisgarh

सतलोक आश्रम बैतूल में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में शुद्ध देसी घी में स्वादिष्ट हलवा प्रसाद तैयार किया गया, जिसे श्रद्धालुओं के बीच प्रेमपूर्वक वितरित किया जा रहा है।

आश्रम में भंडारे के दौरान हलवा, लड्डू, पूड़ी सहित विभिन्न पकवानों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी मिलती है।

देखिए सतलोक आश्रम बैतूल में तैयार हो रहे हलवा प्रसाद की पूरी झलक।

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संत रामपाल जी महाराज जी के पावन उपस्थिति में भव्य समागम का हुआ शुभारंभ | SA News Chhattisgarh 

सतलोक आश्रम | 06-09-2026: जगत उद्धारक, गरीबों व किसानों के मसीहा परम संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 6 से 8  सितम्बर तक आयोजित होने वाले भव्य महासमागम का भव्य आगाज़ आज हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी है। महासमागम के प्रथम दिवस का शुभारंभ परम संत गरीबदास जी महाराज जी के पावन सद्ग्रंथ अमरग्रंथ साहेब के पाठ से होगा, जिसमें श्रद्धालु अमर वाणियों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करेंगे।
                              
 यह भव्य महासमागम सतलोक आश्रम उड़दन जिला बैतूल (MP) सहित देशभर के 14 सतलोक आश्रमों में मनाया जा रहा है। समागम स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से पवित्र धर्मग्रंथों में वर्णित तत्वज्ञान, मानव जीवन के उद्देश्य तथा सामाजिक कुरीतियों के समाधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी रहेगी, जिससे वे सतभक्ति के मार्ग को अपनाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशाल निःशुल्क भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई है। भंडारे में शुद्ध देशी घी से निर्मित स्वादिष्ट लड्डू, जलेबी, पूड़ियां सहित विभिन्न व्यंजन प्रसाद स्वरूप परोसे जाएंगे। इसके अतिरिक्त दूर दूर से आये श्रद्धालुओं के लिए ठंडे व गरम पेयजल, स्वच्छ शौचालय, चिकित्सा सहायता, वाहन पार्किंग, जुता घर एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

आयोजकों के अनुसार समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सेवा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित यह महासमागम श्रद्धालुओं के लिए ज्ञान एवं भक्ति का विशेष अवसर लेकर आएगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=santrampaljimaharaj nis:value=SantRampalJiMaharaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=satlokashrambetul nis:value=SatlokAshramBetul nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mahasamagam nis:value=Mahasamagam nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=betul nis:value=Betul nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=satlokashram nis:value=SatlokAshram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=naamdiksha nis:value=NaamDiksha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhandara nis:value=Bhandara nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=spiritualevent nis:value=SpiritualEvent nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sanewschhattisgarh nis:value=SANewsChhattisgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=spiritualexhibition nis:value=SpiritualExhibition nis:enabled=true nis:link/>
कलियुग में सतयुग आगमन की भविष्यवाणी | SA News Chhattisgarh 

संत रामपाल जी महाराज द्वारा घोर कलियुग के भीतर सतयुग के निर्माण और युग परिवर्तन की भविष्यवाणी की जा रही है। उनके अनुयायियों के अनुसार, यह काल विश्व के महानतम भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों के सच होने का समय है, जो समाज में एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक और सामाजिक क्रांति लेकर आ रहा है।

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे अभियानों और उनके तत्वज्ञान के आधार पर युग परिवर्तन तथा सतयुग निर्माण की रूपरेखा विश्व के महान भविष्यवक्ताओं के कथनों से मेल खाती है। फ्रांस के नास्त्रेदमस ने सदियों पहले भविष्यवाणी की थी कि तीन ओर से समुद्र से घिरे देश (भारत) में एक महान तत्वदर्शी संत का जन्म होगा। शुरुआत में लोग उन्हें नहीं पहचानेंगे, पर अंततः संपूर्ण विश्व उनके ज्ञान का लोहा मानेगा। 

अमेरिका की जीन डिक्सन और इंग्लैंड के कीरो ने भी संकेत दिया था कि 20वीं सदी के उत्तरार्ध में भारत में जन्मा एक महापुरुष दुनिया को ज्ञान की नई रोशनी देगा। भारतीय भविष्यवाणियों में भी इसके स्पष्ट संकेत हैं। ओडिशा के संत अच्युतानंद दास जी द्वारा रचित 'भविष्य मालिका' के अनुसार, कलियुग के अंत में गुप्त वेदों के वास्तविक ज्ञान को उजागर करने के लिए एक महापुरुष का अवतार होगा। 

राजस्थान के संत मावजी महाराज की पोथी के अनुसार, उस युग-परिवर्तक संत पर झूठे लांछन लगेंगे और वे कारागार में रहते हुए भी समाज सुधार व युग परिवर्तन की मशाल प्रज्वलित रखेंगे।
संत रामपाल जी महाराज वेदों, श्रीमद्भगवद्गीता, कुरान और बाइबल से प्रमाणित तत्वज्ञान देकर पाखंड का अंत कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में करोड़ों लोग नशा मुक्त हो चुके हैं, मृत्यु भोज बंद हो चुका है और बिना दहेज के 'रमैनी' विवाह संपन्न हो रहे हैं।

'अन्नपूर्णा मुहिम' के तहत जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन, चिकित्सा, किसानों को सहायता तथा बेघरों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन क्रांतिकारी बदलावों से बुराइयां समाप्त हो रही हैं और मानवता शांतिपूर्ण 'स्वर्ण युग' की ओर अग्रसर हो रही है।
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Sant Rampal Ji Maharaj Avataran Diwas | Invitation | 6-7-8 September 2026 | Satlok Ashram Betul | SA News Chhhattisgarh
आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित | संत रामपाल जी महाराज जी का अवतरण दिवस | SA News Chhattisgarh
अवतरण दिवस पर उमड़ा जनसैलाब | Satlok Ashram Betul | SA News Chhattisgarh

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सतलोक आश्रम बैतूल में भंडारे की तैयारियां शुरू 🙏

संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में 6, 7 और 8 सितंबर 2026 को भव्य महासमागम आयोजित किया जा रहा है।

महासमागम को लेकर सतलोक आश्रम बैतूल में तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोजन में विशाल भंडारा, विशाल सत्संग, दहेज रहित विवाह, रक्तदान एवं देहदान शिविर सहित अनेक सामाजिक एवं मानव कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भव्य आयोजन की तैयारियों की तस्वीरें और अपडेट जानने के लिए जुड़े रहें SA News Chhattisgarh के साथ।

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