
मुख्य विकास अधिकारी श्री डी पी पाल ने आज दिनांक 02 जून 2026 को अपरान्ह् 11ः40 बजे जनपद में पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना ’‘देवांगना घाटी के बाहर पर्यटकों हेतु पर्यटक सुविधा केन्द्र/उपहार केन्द्र निर्माण कार्य‘‘ का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय पर्यटन विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बांदा के अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय निम्नवत् स्थिति पायी गयीः-
कार्यदायी संस्था ’उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बांदा’ द्वारा जनपद चित्रकूट स्थित हवाई अड्डे के समीप देवांगना घाटी के बाहर पर्यटकों के लिए पर्यटक सुविधा केन्द्र/उपहार केन्द्र का निर्माण कराया जा रहा है। यह परियोजना पर्यटन विभाग से संबंधित है तथा राज्य सेक्टर के अंतर्गत स्वीकृत है। परियोजना हेतु शासन द्वारा रू0 1755.67 लाख’ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना का कार्य नवम्बर, 2025 में प्रारम्भ किया गया है तथा इसे मार्च, 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत पर्यटक सुविधा केन्द्र भवन का निर्माण, आकर्षक लैंडस्केपिंग, फायर फाइटिंग व्यवस्था, विद्युत कार्य, फर्नीचर एवं फर्निशिंग सहित अन्य आवश्यक आधारभूत एवं पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाना प्रस्तावित है। चित्रकूट जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से देश के प्रमुख स्थलों में से एक है। जनपद में हवाई अड्डे के संचालन के उपरान्त पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में यह परियोजना पर्यटकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी।
अधोहस्ताक्षरी द्वारा संयुक्त निदेशक पर्यटन चित्रकूटधाम को परियोजना की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किये गये निरीक्षण के दौरान अधोहस्ताक्षरी द्वारा परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश प्रदान किये गये। बढ़ती पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके निर्माण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।