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मोरनी क्षेत्र के विकास को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को भेजे मांग पत्र, स्वास्थ्य, खेल और सिंचाई सुविधाओं की उठाई मांग पंचकूला/मोरनी। मोरनी क्षेत्र के विभिन्न गांवों की समस्याओं को लेकर जिला परिषद सदस्य रोमा देवी और पंचायत प्रतिनिधियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजकर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। मांग पत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, खेल स्टेडियम, पानी स्टोरेज और प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि मोरनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपग्रेड किया जाए। पत्र में बताया गया कि मोरनी क्षेत्र के लोग इलाज के लिए 20 से 22 किलोमीटर दूर-दूर तक सफर करने को मजबूर हैं। कई बार गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों ने मोरनी के विभिन्न गांवों में पानी स्टोरेज बांध और छोटे जल संरक्षण प्रोजेक्ट बनाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि क्षेत्र के किसान खेती पर निर्भर हैं और बरसात का पानी बहकर व्यर्थ चला जाता है। यदि पानी को रोकने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं तो किसानों और वन्य प्राणियों दोनों को फायदा मिलेगा। मांग पत्र में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित गांवों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गांवों में नुकसान हुआ था, लेकिन अभी तक उचित सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में कंक्रीट दीवारें बनाने की मांग की ताकि गांवों और रास्तों को सुरक्षित किया जा सके। वहीं युवाओं और खिलाड़ियों के हित में मोरनी ब्लॉक में एक मिनी खेल स्टेडियम बनाने की मांग भी रखी गई। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में खेल प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा। पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करते हुए मोरनी क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजना लागू करने की अपील की है।

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026

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क्लब फुट अब लाइलाज नहीं, विशेष शिविर में बच्चों को मिला निःशुल्क उपचार

पंचकूला, 3 जून। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल अस्पताल सेक्टर-6 स्थित जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में क्लब फुट (जन्मजात टेढ़े पैर) जागरूकता एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार तथा उप सिविल सर्जन डॉ. शिवानी हुड्डा ने की।
विशेषज्ञों ने बताया कि क्लब फुट नवजात शिशुओं में पाई जाने वाली एक सामान्य जन्मजात विकृति है, जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर टेढ़े हो जाते हैं। समय रहते पहचान और उचित उपचार मिलने पर इस समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, जिससे बच्चा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार ने कहा कि जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का प्रतिदिन निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि जन्म के समय बच्चे के पैरों में किसी भी प्रकार की विकृति दिखाई दे तो तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें, क्योंकि शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू होने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि क्लब फुट के कारणों का पूरी तरह पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसे मुख्य रूप से आनुवंशिक विकार माना जाता है। हालांकि परिवार में एक बच्चे को यह समस्या होने का अर्थ यह नहीं है कि अन्य बच्चे भी इससे प्रभावित होंगे।
उन्होंने बताया कि क्लब फुट के उपचार में पीओपी कास्टिंग, टीनोटोमी और विशेष ब्रेसेस का उपयोग प्रमुख रूप से किया जाता है। पीओपी कास्टिंग सामान्यतः 1 से 2 माह तक की जाती है, जबकि आवश्यकता अनुसार टीनोटोमी नामक छोटी शल्य प्रक्रिया भी अपनाई जाती है। प्लास्टर हटने के बाद लगभग 5 वर्षों तक विशेष ब्रेसेस का नियमित उपयोग कराया जाता है।
शिविर के दौरान 20 बच्चों की फॉलो-अप जांच की गई। इनमें से 6 बच्चों को पीओपी प्लास्टर लगाया गया, जबकि 5 बच्चों को विशेष ब्रेसेस उपलब्ध कराए गए।
उपचार सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि
वर्ष 2025-26 के दौरान जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र पंचकूला में क्लब फुट उपचार हेतु 886 बच्चों ने निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवधि में 42 टीनोटोमी प्रक्रियाएं की गईं, 32 बच्चों को विशेष ब्रेसेस उपलब्ध कराए गए तथा 252 फीट की पीओपी कास्टिंग की गई।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा क्योर इंडिया से राधिका, उपचाराधीन बच्चे एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।

क्लब फुट अब लाइलाज नहीं, विशेष शिविर में बच्चों को मिला निःशुल्क उपचार पंचकूला, 3 जून। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल अस्पताल सेक्टर-6 स्थित जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में क्लब फुट (जन्मजात टेढ़े पैर) जागरूकता एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार तथा उप सिविल सर्जन डॉ. शिवानी हुड्डा ने की। विशेषज्ञों ने बताया कि क्लब फुट नवजात शिशुओं में पाई जाने वाली एक सामान्य जन्मजात विकृति है, जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर टेढ़े हो जाते हैं। समय रहते पहचान और उचित उपचार मिलने पर इस समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, जिससे बच्चा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार ने कहा कि जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का प्रतिदिन निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि जन्म के समय बच्चे के पैरों में किसी भी प्रकार की विकृति दिखाई दे तो तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें, क्योंकि शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू होने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि क्लब फुट के कारणों का पूरी तरह पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसे मुख्य रूप से आनुवंशिक विकार माना जाता है। हालांकि परिवार में एक बच्चे को यह समस्या होने का अर्थ यह नहीं है कि अन्य बच्चे भी इससे प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि क्लब फुट के उपचार में पीओपी कास्टिंग, टीनोटोमी और विशेष ब्रेसेस का उपयोग प्रमुख रूप से किया जाता है। पीओपी कास्टिंग सामान्यतः 1 से 2 माह तक की जाती है, जबकि आवश्यकता अनुसार टीनोटोमी नामक छोटी शल्य प्रक्रिया भी अपनाई जाती है। प्लास्टर हटने के बाद लगभग 5 वर्षों तक विशेष ब्रेसेस का नियमित उपयोग कराया जाता है। शिविर के दौरान 20 बच्चों की फॉलो-अप जांच की गई। इनमें से 6 बच्चों को पीओपी प्लास्टर लगाया गया, जबकि 5 बच्चों को विशेष ब्रेसेस उपलब्ध कराए गए। उपचार सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र पंचकूला में क्लब फुट उपचार हेतु 886 बच्चों ने निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवधि में 42 टीनोटोमी प्रक्रियाएं की गईं, 32 बच्चों को विशेष ब्रेसेस उपलब्ध कराए गए तथा 252 फीट की पीओपी कास्टिंग की गई। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा क्योर इंडिया से राधिका, उपचाराधीन बच्चे एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026

आयुर्वेद और योग स्वस्थ जीवन का आधार-प्रोफेसर सतीश गंधर्व

एनआईए में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन

व्यक्ति को स्वस्थ तथा रोग मुक्त बनाने में आयुर्वेद और योग का बड़ा महत्व-मोहित वासदेव

पंचकूला, 3जून. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और मुख्य वक्ता राजकीय योग कॉलेज सेक्टर-23 से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव ने दीप प्रज्वलन के साथ व्याख्यान का विधिवत रूप से शुभारंभ किया।

आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा एवं डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समग्र कल्याण के लिए योग विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव द्वारा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि योग और आयुर्वेद का गहरा संबंध है। आयुर्वेद शरीरिक रोगों में कारगर है तो योग के जरिये व्यक्ति शारीरिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में औषधियों के जरिये व्यक्ति का उपचार होता है, लेकिन योग विधा के जरिये व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन शैली बेहतर होती है।

मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासदेव ने कहा कि आयुर्वेद और योग दोनों एक सिक्के के पहलू हैं, जोकि मानव जीवन को स्वस्थ संतुलित और रोग मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग जैसे असंक्रामक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक तनाव को भी कम कर सकता है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वस्थवृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा हसन जी ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया और संस्थान में आयोजित करवाई जाने वाली योग गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा ने अतिथियों का स्वागत किया और योग समिति के अध्यक्ष एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आभार जताया। मंच का संचालन संस्थान की छात्रा श्वेता सिंह ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासुदेव को डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम तथा योग इंस्ट्रक्टर मनुप्रिया के साथ बीएएमएस के प्रथम व द्वितीय बैच के विद्यार्थी मौजूद रहे।

आयुर्वेद और योग स्वस्थ जीवन का आधार-प्रोफेसर सतीश गंधर्व एनआईए में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन व्यक्ति को स्वस्थ तथा रोग मुक्त बनाने में आयुर्वेद और योग का बड़ा महत्व-मोहित वासदेव पंचकूला, 3जून. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और मुख्य वक्ता राजकीय योग कॉलेज सेक्टर-23 से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव ने दीप प्रज्वलन के साथ व्याख्यान का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा एवं डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समग्र कल्याण के लिए योग विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव द्वारा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि योग और आयुर्वेद का गहरा संबंध है। आयुर्वेद शरीरिक रोगों में कारगर है तो योग के जरिये व्यक्ति शारीरिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में औषधियों के जरिये व्यक्ति का उपचार होता है, लेकिन योग विधा के जरिये व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन शैली बेहतर होती है। मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासदेव ने कहा कि आयुर्वेद और योग दोनों एक सिक्के के पहलू हैं, जोकि मानव जीवन को स्वस्थ संतुलित और रोग मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग जैसे असंक्रामक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक तनाव को भी कम कर सकता है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वस्थवृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा हसन जी ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया और संस्थान में आयोजित करवाई जाने वाली योग गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा ने अतिथियों का स्वागत किया और योग समिति के अध्यक्ष एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आभार जताया। मंच का संचालन संस्थान की छात्रा श्वेता सिंह ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासुदेव को डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम तथा योग इंस्ट्रक्टर मनुप्रिया के साथ बीएएमएस के प्रथम व द्वितीय बैच के विद्यार्थी मौजूद रहे।

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026

मांधना के बुजुर्ग पतराम कंडारा ने सीएम दरबार में उठाई गांव की समस्याएं

मोरनी खंड के गांव मांधना निवासी बुजुर्ग पतराम कंडारा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जनता दरबार में पहुंचकर गांव की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने गांव में सड़क, पेयजल, बिजली और राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को रखते हुए समाधान की मांग की।
पतराम कंडारा ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांव की परेशानियों पर जल्द कार्रवाई कराने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले पर उचित कार्रवाई करने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। सीएम दरबार में मांधना गांव की आवाज पहुंचने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
#मांधना #मोरनी #पतरामकंडारा #सीएमदरबार #नायबसिंहसैनी #हरियाणा #ग्रामीणसमस्याएं

मांधना के बुजुर्ग पतराम कंडारा ने सीएम दरबार में उठाई गांव की समस्याएं मोरनी खंड के गांव मांधना निवासी बुजुर्ग पतराम कंडारा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जनता दरबार में पहुंचकर गांव की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने गांव में सड़क, पेयजल, बिजली और राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को रखते हुए समाधान की मांग की। पतराम कंडारा ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांव की परेशानियों पर जल्द कार्रवाई कराने की अपील की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले पर उचित कार्रवाई करने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। सीएम दरबार में मांधना गांव की आवाज पहुंचने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। #मांधना #मोरनी #पतरामकंडारा #सीएमदरबार #नायबसिंहसैनी #हरियाणा #ग्रामीणसमस्याएं

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026

भैंस चोरी गिरोह का दूसरा आरोपी यूपी से दबोचा, पुलिस ने चोरी की भैंस बरामद की, नशे की लत को पूरा करने के लिए करते थे भैंस चोरी

दोनों आरोपियों के खिलाफ यूपी-हरियाणा में दर्जनों चोरी व अन्य आपराधिक मामलें दर्ज

पंचकूला/ 03 जून:-पंचकूला पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्जनों चोरी एवं अन्य आपराधिक मामलें दर्ज है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे है। पुलिस द्वारा इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

एसीपी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार थाना कालका में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह दूध बेचने का कार्य करता है तथा उसने अपने और अपने भतीजे की भैंसें गांव स्थित बाड़े में बांधी हुई थीं। दिनांक 06 अप्रैल 2026 की रात चारा-पानी देने के बाद दोनों भैंसों को सुरक्षित बांध दिया गया था, लेकिन अगले दिन सुबह बाड़े में पहुंचने पर दोनों भैंसें गायब मिलीं। शिकायत के आधार पर थाना कालका में 7 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: मामले की जांच एवीटी स्टाफ पंचकूला को सौंपी गई। जांच के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले आरोपी आरोपी हमीद उर्फ टल्ली निवासी जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरीशुदा एक भैंस बरामद की गई, जिसकी पहचान उसके वास्तविक मालिक द्वारा की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे सौंप दिया गया।

इसी कड़ी में पुलिस ने मामले में दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिनांक 31 मई 2026 को आरोपी बुरहान निवासी जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपी को 1 जून को कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी को भी आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। 
मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा चोरी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

भैंस चोरी गिरोह का दूसरा आरोपी यूपी से दबोचा, पुलिस ने चोरी की भैंस बरामद की, नशे की लत को पूरा करने के लिए करते थे भैंस चोरी दोनों आरोपियों के खिलाफ यूपी-हरियाणा में दर्जनों चोरी व अन्य आपराधिक मामलें दर्ज पंचकूला/ 03 जून:-पंचकूला पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्जनों चोरी एवं अन्य आपराधिक मामलें दर्ज है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे है। पुलिस द्वारा इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। एसीपी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार थाना कालका में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह दूध बेचने का कार्य करता है तथा उसने अपने और अपने भतीजे की भैंसें गांव स्थित बाड़े में बांधी हुई थीं। दिनांक 06 अप्रैल 2026 की रात चारा-पानी देने के बाद दोनों भैंसों को सुरक्षित बांध दिया गया था, लेकिन अगले दिन सुबह बाड़े में पहुंचने पर दोनों भैंसें गायब मिलीं। शिकायत के आधार पर थाना कालका में 7 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: मामले की जांच एवीटी स्टाफ पंचकूला को सौंपी गई। जांच के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले आरोपी आरोपी हमीद उर्फ टल्ली निवासी जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरीशुदा एक भैंस बरामद की गई, जिसकी पहचान उसके वास्तविक मालिक द्वारा की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे सौंप दिया गया। इसी कड़ी में पुलिस ने मामले में दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिनांक 31 मई 2026 को आरोपी बुरहान निवासी जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपी को 1 जून को कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी को भी आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा चोरी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026

भैंस चोरी गिरोह का दूसरा आरोपी यूपी से दबोचा, पुलिस ने चोरी की भैंस बरामद की, नशे की लत को पूरा करने के लिए करते थे भैंस चोरी

दोनों आरोपियों के खिलाफ यूपी-हरियाणा में दर्जनों चोरी व अन्य आपराधिक मामलें दर्ज
#पंचकूला #panchkulasocialmedia #panchkulanews #panchkula

पंचकूला/ 03 जून:-पंचकूला पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्जनों चोरी एवं अन्य आपराधिक मामलें दर्ज है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे है। पुलिस द्वारा इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

एसीपी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार थाना कालका में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह दूध बेचने का कार्य करता है तथा उसने अपने और अपने भतीजे की भैंसें गांव स्थित बाड़े में बांधी हुई थीं। दिनांक 06 अप्रैल 2026 की रात चारा-पानी देने के बाद दोनों भैंसों को सुरक्षित बांध दिया गया था, लेकिन अगले दिन सुबह बाड़े में पहुंचने पर दोनों भैंसें गायब मिलीं। शिकायत के आधार पर थाना कालका में 7 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: मामले की जांच एवीटी स्टाफ पंचकूला को सौंपी गई। जांच के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले आरोपी आरोपी हमीद उर्फ टल्ली निवासी जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरीशुदा एक भैंस बरामद की गई, जिसकी पहचान उसके वास्तविक मालिक द्वारा की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे सौंप दिया गया।

इसी कड़ी में पुलिस ने मामले में दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिनांक 31 मई 2026 को आरोपी बुरहान निवासी जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपी को 1 जून को कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी को भी आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। 
मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा चोरी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

भैंस चोरी गिरोह का दूसरा आरोपी यूपी से दबोचा, पुलिस ने चोरी की भैंस बरामद की, नशे की लत को पूरा करने के लिए करते थे भैंस चोरी दोनों आरोपियों के खिलाफ यूपी-हरियाणा में दर्जनों चोरी व अन्य आपराधिक मामलें दर्ज #पंचकूला #panchkulasocialmedia #panchkulanews #panchkula पंचकूला/ 03 जून:-पंचकूला पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्जनों चोरी एवं अन्य आपराधिक मामलें दर्ज है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे है। पुलिस द्वारा इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। एसीपी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार थाना कालका में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह दूध बेचने का कार्य करता है तथा उसने अपने और अपने भतीजे की भैंसें गांव स्थित बाड़े में बांधी हुई थीं। दिनांक 06 अप्रैल 2026 की रात चारा-पानी देने के बाद दोनों भैंसों को सुरक्षित बांध दिया गया था, लेकिन अगले दिन सुबह बाड़े में पहुंचने पर दोनों भैंसें गायब मिलीं। शिकायत के आधार पर थाना कालका में 7 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: मामले की जांच एवीटी स्टाफ पंचकूला को सौंपी गई। जांच के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने पहले आरोपी आरोपी हमीद उर्फ टल्ली निवासी जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरीशुदा एक भैंस बरामद की गई, जिसकी पहचान उसके वास्तविक मालिक द्वारा की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे सौंप दिया गया। इसी कड़ी में पुलिस ने मामले में दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिनांक 31 मई 2026 को आरोपी बुरहान निवासी जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपी को 1 जून को कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी को भी आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा चोरी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Panchkula, Panchkula | Jun 3, 2026