आयुर्वेद और योग स्वस्थ जीवन का आधार-प्रोफेसर सतीश गंधर्व
एनआईए में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन
व्यक्ति को स्वस्थ तथा रोग मुक्त बनाने में आयुर्वेद और योग का बड़ा महत्व-मोहित वासदेव
पंचकूला, 3जून. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और मुख्य वक्ता राजकीय योग कॉलेज सेक्टर-23 से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव ने दीप प्रज्वलन के साथ व्याख्यान का विधिवत रूप से शुभारंभ किया।
आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा एवं डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समग्र कल्याण के लिए योग विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित वासदेव द्वारा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि योग और आयुर्वेद का गहरा संबंध है। आयुर्वेद शरीरिक रोगों में कारगर है तो योग के जरिये व्यक्ति शारीरिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में औषधियों के जरिये व्यक्ति का उपचार होता है, लेकिन योग विधा के जरिये व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन शैली बेहतर होती है।
मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासदेव ने कहा कि आयुर्वेद और योग दोनों एक सिक्के के पहलू हैं, जोकि मानव जीवन को स्वस्थ संतुलित और रोग मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग जैसे असंक्रामक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक तनाव को भी कम कर सकता है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वस्थवृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा हसन जी ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया और संस्थान में आयोजित करवाई जाने वाली योग गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा ने अतिथियों का स्वागत किया और योग समिति के अध्यक्ष एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आभार जताया। मंच का संचालन संस्थान की छात्रा श्वेता सिंह ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. मोहित वासुदेव को डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम तथा योग इंस्ट्रक्टर मनुप्रिया के साथ बीएएमएस के प्रथम व द्वितीय बैच के विद्यार्थी मौजूद रहे।