
मध्य प्रदेश में धान के परिवहन और आपूर्ति में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेशभर में जांच कर छह सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
जबलपुर में सामने आई कार्रवाई के बाद इस मामले ने व्यापक रूप लिया। जनहित याचिका में 28 जिलों में करीब ₹43.03 करोड़ की कथित अनियमितताओं का दावा किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि धान परिवहन की निगरानी के लिए GPS सहित निर्धारित व्यवस्थाओं के बावजूद नियमों की अनदेखी हुई और प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसी गड़बड़ियों की आशंका है।
मामले में कुछ स्थानों पर FIR और गिरफ्तारियों का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पूरे प्रदेश में विस्तृत जांच की मांग की गई है, जबकि हाईकोर्ट ने अब राज्य सरकार से जांच की रिपोर्ट तलब की है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों का अध्ययन कर अपना पक्ष रख सकें। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
अब सभी की नजरें सरकार की जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे प्रदेश में धान परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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