
आरक्षण पर राजा भैया की दो टूक अब बहस असली मुद्दे पर होनी चाहिए!👇👇
रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने आरक्षण को लेकर एक बेहद अहम सवाल उठाया है, क्या सांसद,विधायक,मंत्री और बड़े अफसरों के बच्चों को भी उसी तरह.....!
आरक्षण का लाभ मिलता रहना चाहिए जबकि उनके परिवार को शिक्षा,संसाधन और अवसरों की कमी नहीं है? उनका कहना है जो वंचित नहीं है,उसे आरक्षण का लाभ क्यों......?
आरक्षण का लाभ वंचितों को मिलना चाहिए, बात कड़वी हो सकती है,लेकिन सवाल बड़ा है,अगर किसी परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति इतनी मजबूत हो चुकी है......!
कि वह अपने बच्चों को महंगे स्कूलों में पढ़ा सकता है,बेहतर संसाधन दे सकता है और जरूरत पड़े तो विदेश तक भेज सकता है, तो क्या आरक्षण का लाभ सबसे पहले उसी परिवार को मिलना चाहिए.......?
आरक्षण किसी की स्थायी जागीर नहीं,बल्कि वंचितों को अवसर देने का संवैधानिक माध्यम है,इसलिए बहस आरक्षण खत्म करने की नहीं,बल्कि यह सुनिश्चित करने की होनी चाहिए.......!
कि उसका लाभ वास्तव में उस व्यक्ति तक पहुंचे जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, सवाल सीधा है, जो पहले से सक्षम हो चुका है, क्या उसे बार-बार वही अवसर मिलना चाहिए.......!
जो किसी वास्तविक वंचित का हक बन सकता है? अब इस मुद्दे पर नारे नहीं,ईमानदार बहस और ठोस नीति चाहिए,आरक्षण रहे,लेकिन उसका लाभ सबसे जरूरतमंद तक पहुंचे.......!