सेवा की कहानी | ई-रिक्शा के पहियों से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं दीपाली मानिकपुरी
नवरात्रि में नारी शक्ति की आराधना के बीच कालीपुर की 20 वर्षीय दीपाली मानिकपुरी अपने हौसले और मेहनत से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। तीन बहनों में सबसे बड़ी दीपाली ने अपने पिता का आर्थिक सहारा बनने के लिए ई-रिक्शा चलाने का रास्ता चुना।
सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाली दीपाली साबित कर रही हैं कि आत्मविश्वास, परिश्रम और संकल्प से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
दीपाली की कहानी उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी निभा रही हैं।
नारी शक्ति केवल आराधना का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और साहस की जीवंत पहचान भी है।
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