
आगरा में बहन के हत्यारे भाई को फांसी की सजा: पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांग रही थी; सिर और सीने में मारी थीं 6 गोलियां
आगरा में संपत्ति विवाद में सगी बहन की गोली मारकर हत्या करने वाले भाई को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। एडीजे-5 मृदुल दुबे की कोर्ट ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।
घटना नवंबर, 2022 में शाहगंज क्षेत्र में हुई थी। अविवाहित छोटी बहन भाई से प्रॉपर्टी में हिस्सा मांग रही थी। इसको लेकर हुए झगड़े के दौरान भाई ने तैश में आकर गोली मार दी थी।
शाहगंज थाना क्षेत्र के जोगी पाड़ा गांव में यतेंद्र चौधरी का मकान है। उनके दो बेटे रूपेश चौधरी व ललित उर्फ निक्कू चौधरी, 2 बेटियां दीपा और सबसे छोटी पूनम थीं। दीपा की शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में रहती है।
यतेंद्र और उनके बड़े बेटे रूपेश चौधरी की मौत हो चुकी थी। इसके बाद छोटी बेटी पूनम और रूपेश चौधरी की पत्नी नीलू चौधरी, ललित से पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रही थीं। इसी बात को लेकर परिवार में झगड़ा चल रहा था।
कहासुनी के बाद 7 राउंड फायरिंग कर दी
26 नवंबर, 2022 की सुबह इसी विवाद को लेकर ललित का नीलू और पूनम से झगड़ा हो गया। इस दौरान नीलू चौधरी ने ललित की दुकान पर ताला लगा दिया। वहीं, पूनम चौधरी पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रही थी। तभी ललित उर्फ निक्कू वहां पहुंच गया और पूछने लगा कि दुकान पर ताला क्यों लगा रही हो?
इस पर पूनम ने कहा कि यह उनका हक है। तुम दुकान किराए पर दे देते हो, लेकिन हमें कुछ नहीं देते। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई। विवाद बढ़ने पर ललित ने तमंचा निकाल लिया, पूनम और नीलू पर ताबड़तोड़ 7 राउंड फायरिंग कर दी।
बहन की मौके पर मौत, भाभी घायल हो गई थी
फायरिंग में पूनम चौधरी के सिर और सीने में 6 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, एक गोली नीलू चौधरी के बाजू में लगी, जिससे वह घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ललित उर्फ निक्कू मौके से भाग गया था।
घायल नीलू चौधरी ने शाहगंज थाने में शिकायत देकर ललित के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 28 नवंबर, 2022 को मुठभेड़ के बाद आरोपी ललित उर्फ निक्कू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी करार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत में पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार दिया। इसके बाद अपर जिला जज की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई