
किशनगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में सशक्त पहल, आर्थिक अभाव अब इलाज में नहीं बनेगा बाधक
किशनगंज जिला अन्तर्गत स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता केवल अस्पतालों की संख्या या आधुनिक उपकरणों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि सबसे दूर बसे, सबसे कमजोर और सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा कितनी सहजता से पहुंचती है। जब किसी ग्रामीण परिवार का गंभीर रूप से बीमार बच्चा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थान तक पहुंचता है, तभी स्वास्थ्य व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग इसी सोच के साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से बच्चों में गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें समय पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। यह पहल केवल उपचार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य समानता और सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी मजबूत करती है। इसी क्रम में गुरुवार को सदर अस्पताल, किशनगंज से दो बच्चों को बेहतर उपचार के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) भेजा गया। पोठिया प्रखंड के गेवरालोटी निवासी मोहम्मद अनायत की साढ़े छह वर्षीय पुत्री अंतरा बेगम जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित है। उसे आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी ओपन हार्ट सर्जरी की जाएगी। वहीं, दिघलबैंक प्रखंड के हरूवाडांगा निवासी मोहम्मद अख्तर आलम के 18 माह के पुत्र आरिफ अंसारी को चाइल्डहुड एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के उन्नत उपचार के लिए रेफर किया गया है।
आरबीएसके: बीमारी की पहचान से लेकर उपचार तक सरकार की समग्र पहल
डीपिएम् डॉ मुनाजिम ने बताया की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भारत सरकार की एक व्यापक पहल है। इस योजना के अंतर्गत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकार, गंभीर बीमारियां, पोषण संबंधी कमियां तथा विकासात्मक विलंब की नियमित जांच की जाती है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष मोबाइल टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती हैं। जिन बच्चों में गंभीर बीमारी की पुष्टि होती है, उन्हें बिना आर्थिक बोझ के राज्य के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों तक रेफर किया जाता है, जहां जांच, सर्जरी और आवश्यक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। इस प्रकार आरबीएसके केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए जीवनरेखा है, जिनके लिए महंगा उपचार सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं होता।
समय पर रेफरल ने बढ़ाई दोनों बच्चों के स्वस्थ भविष्य की उम्मीद
आरबीएसके टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान दोनों बच्चों की बीमारी की पहचान की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के उपरांत उन्हें आईजीआईएमएस पटना रेफर किया गया। विभाग द्वारा रेफरल प्रक्रिया को त्वरित एवं सुगम बनाते हुए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे दोनों बच्चों का उपचार बिना विलंब शुरू हो सके। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि जन्मजात हृदय रोग और बच्चों में होने वाली एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी जैसी गंभीर बीमारियों में समय पर उपचार से स्वस्थ जीवन की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कोई भी बच्चा इलाज से वंचित नहीं रहेगा
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि जिले का कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव, भौगोलिक दूरी अथवा जानकारी के अभाव के कारण बेहतर उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों के जीवन की रक्षा करने वाली एक प्रभावी व्यवस्था बनकर उभरा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गंभीर बीमारी से पीड़ित प्रत्येक बच्चे तक समय पर जांच, रेफरल और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक सफलता अंतिम व्यक्ति तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने में है और जिला प्रशासन इसी लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है।
स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव
सिविल सर्जन ने कहा कि आरबीएसके के माध्यम से जिले में लगातार बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग, टीबी, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी समस्याएं, पोषण की कमी तथा अन्य जटिल बीमारियों की समय पर पहचान बच्चों के जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में अवश्य संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से न केवल जटिलताओं को रोका जा सकता है, बल्कि बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य भी दिया जा सकता है। #viralpost #viralreelschallenge #viralreels #viralchallenge #videogames #venezuela #vacaciones #2026Goals #newyork #BigBreaking
District Kishanganj
Dilip Jaiswal