आर्य पीजी कॉलेज में निकाली तिरंगा यात्रा, कविता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बयां की विभाजन की पीड़ा
- एनएसएस स्वयंसेवकों ने देशभक्ति का दिया संदेश; पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रसेवा, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
पानीपत, शुक्रवार 14 अगस्त 2026:
हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत, जो 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत की एनएसएस इकाई द्वारा 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा को कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवकों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी तथा विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों एवं आमजन को अपने घरों तथा आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर स्टाफ सदस्य पंकज चौधरी, राजेश तुरान एवं राजेंद्र कुमार उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता एवं गौरव का प्रतीक है और हर नागरिक को इसके सम्मान के प्रति सजग रहना चाहिए।
एनएसएस पीओ डॉ. मनीषा डूडे़जा ने बताया कि तिरंगा यात्रा के बाद ‘विभाजन की विभीषिका’ विषय पर कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से भारत विभाजन के दौरान घटित भयावह घटनाओं एवं पीड़ादायक अनुभवों को अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में अमन ने प्रथम, नैन्सी ने द्वितीय तथा कुलदीप एवं भारती शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान ही सेवानिवृत्त कर्नल जगवीर सिंह जगलान ने विद्यार्थियों के साथ अपने सैन्य जीवन से जुड़े अनुभव एवं प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा के महत्व से अवगत कराया तथा उन्हें देशहित में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा केवल सेना में रहकर ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करके भी कर सकता है।
एनएसएस पीओ आस्था गुप्ता ने बताया कि इसी कार्यक्रम में सेवानिवृत्त हवलदार रामनिवास कौशिक ने भी विद्यार्थियों को अपने प्रेरणादायक कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने अब तक 6600 पौधे लगाए हैं तथा कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा कर देशवासियों में पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया है। उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति, संवेदनशीलता एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को देश के इतिहास से परिचित कराना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना एनएसएस का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।