
कमरौली पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में जागरूकता अभियान,
बाल श्रम के खिलाफ ग्रामीणों ने लिया संकल्प, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर दिया जोर,
शिवहर/पिपराही। उच्च माध्यमिक विद्यालय कमरौली में बुधवार को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से मुक्त रखने, उनके शिक्षा के अधिकार के प्रति जागरूक करने तथा समाज से बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के सुरेश सर सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान बाल श्रम से होने वाले नुकसान, बच्चों की शिक्षा के महत्व तथा बाल श्रम रोकने में अभिभावकों और समाज की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कमरौली पंचायत को बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने का संकल्प लिया गया। लोगों को बच्चों को विद्यालय से जोड़ने, किसी भी बच्चे से मजदूरी नहीं कराने तथा बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाल श्रम के खिलाफ शपथ लेते हुए संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल श्रम नहीं करेंगे और न ही अपने आसपास किसी बच्चे को बाल श्रम करने देंगे। साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का निर्णय लिया गया।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नुसरत जहां ने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, मजदूरी में नहीं। बाल श्रम बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है। कमरौली पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने के अभियान में विद्यालय की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
अभियान के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि बाल श्रम रोकना केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयास और जागरूकता के माध्यम से कमरौली पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।