वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर से जुड़े तीन ब्राह्मण पुजारियों को चौक थाने के अंदर मीडिया कैमरों के सामने कथित तौर पर कान पकड़कर उठक-बैठक कराने की घटना बेहद गंभीर और शर्मनाक है......!
सवाल सीधा है पुलिस को आखिर किस कानून या अधिकार के तहत किसी व्यक्ति को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का अधिकार मिला.....?
अगर किसी पुजारी से गलती हुई थी तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए थी,कैमरों के सामने बेइज्जती क्यों? और अगर यह कार्रवाई गलत तरीके से हुई है......!
तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सार्वजनिक माफी कब होगी? एक और सवाल जनता पूछ रही है, क्या कानून सबके लिए बराबर है.....?
बड़े आर्थिक घोटालों के आरोपों में घिरे लोगों के साथ भी क्या यही रवैया अपनाया जाता है? अगर नहीं, तो फिर छोटे लोगों को ही कैमरों के सामने अपमानित करने की यह व्यवस्था क्यों...?
#वाराणसी #बाबाविश्वनाथ #पुलिस #पुजारी #मानसम्मान #न्याय #Varanasi #Kashi #PoliceAction