
*नागौर पुलिस का नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार*
• 55 लाख रुपये का 369 किलो डोडा पोस्त जब्त, स्कॉर्पियो और एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा समेत तीन तस्कर गिरफ्तार
जयपुर से कमलेश आमेटा
जयपुर 22 जून। जिले में चल रहे ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर के तहत नागौर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 55 लाख रुपये कीमत का 368 किलो 960 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो-एन और उसकी एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा कार भी जब्त की गई है। पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी विनोद कुमार के सुपरविजन में थाना मूण्डवा, डीएसटी, क्यूआरटी, रोल और कुचेरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
*डीएसटी की सूचना बनी बड़ी कार्रवाई का आधार*
रविवार को डीएसटी नागौर को सूचना मिली कि नराधना क्षेत्र से गुजर रही एक काली स्कॉर्पियो-एन में बड़ी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त ले जाया जा रहा है, जबकि उसके आगे-आगे एक क्रेटा कार एस्कॉर्ट कर रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी।
डीएसटी ने नराधना में स्कॉर्पियो को रोक लिया, जबकि एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा पुलिस को देखकर फरार हो गई। बाद में रोल थाना पुलिस ने पीछा कर क्रेटा को भी पकड़ लिया और उसमें सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
*18 कट्टों में मिला 369 किलो डोडा पोस्त*
स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर उसमें 18 प्लास्टिक कट्टों में भरा 368 किलो 960 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 55 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यह खेप चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र से खरीदकर बीकानेर के बरसिंगसर ले जा रहे थे।
*तीनों आरोपी बीकानेर के निवासी*
पुलिस ने इस मामले में बाबूलाल (26), दिनेश गोदारा (22) और मनोज गोदारा (25) निवासी बरसिंगसर थाना देशनोक जिला बीकानेर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ मूण्डवा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच जायल थाना प्रभारी को सौंपी गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप किसके इशारे पर लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का संबंध किसी संगठित अंतरजिला या अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से तो नहीं है।
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