
गन्ने के खेत में बाघ के पगमार्क से मचा हड़कंप, काम छोड़ भागे किसान।
ठाढी कुटी के समीप मिले ताजा पदचिह्न, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
कैमरा ट्रैप से हो रही बाघ की ट्रैकिंग
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वाल्मीकिनगर रेंज से सटे थाड़ी गांव में बाघ की दस्तक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को थाड़ी कुटी के समीप जंगल की सीमा से सटे गन्ने के खेत में बाघ के पगमार्क मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। खेतों में काम कर रहे किसानों ने पगमार्क देखे तो कई लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। पगमार्क मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पदचिह्नों की जांच की। वनकर्मियों ने पगमार्क के आधार पर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की। इसके बाद टीम ने बाघ की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ कैमरा ट्रैप भी लगाए जा रहे हैं।ग्रामीणों का दावा है कि आसपास के इलाके में बाघ ने एक बछड़े का शिकार भी किया है। हालांकि, वन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों को आशंका है कि भेड़िहारी क्षेत्र में विचरण कर रहा बाघ अब थाड़ी के आसपास पहुंच गया है। जंगल से सटे ऊंचे गन्ने के खेत बाघ के छिपने के लिए अनुकूल माने जाते हैं, जिससे किसानों में मानव-बाघ संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।
पुराने हादसे की याद से सहमे ग्रामीण
पगमार्क मिलने के बाद ग्रामीणों को 15 अगस्त की घटना याद आ गई। भेड़िहारी गांव के समीप बाघ के हमले में किसान विजय हालदार की मौत हो गई थी। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में कमांड कैंप स्थापित कर निगरानी अभियान चलाया था।
डिवीजन-2 के डीएफओ विकास अहलावत ने बताया कि बाघ के पगमार्क को फॉलो किया जा रहा है। कैमरा ट्रैप के माध्यम से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। विभाग ने ग्रामीणों से अकेले खेतों अथवा जंगल के आसपास नहीं जाने, विशेषकर सुबह-शाम सतर्क रहने और बाघ के दिखने या पगमार्क मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।