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PATNA NEWS 24 LIVE

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चौतरवा में चला सघन वाहन जांच अभियान, सारण शिक्षक निर्वाचन को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट,
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चौतरवा में JP मार्ट एवं CP. EV मोटर्स का भव्य उद्घाटन, अब एक ही जगह मिलेंगे घरेलू सामान और इलेक्ट्रिक वाहन।
विधायक मनोज यादव ने 14 लाख के कला मंचों का किया उद्घाटन, दुर्गा मंदिरों में टेका माथा।

बिहार/बांका। बेलहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोज यादव ने बुधवार को चांदन और फुल्लीडुमर प्रखंड में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सात-सात लाख रुपये की लागत से निर्मित दो कला मंचों का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर मां भगवती के दर्शन किए और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विधायक मनोज यादव ने फुल्लीडुमर प्रखंड स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में सात लाख रुपये की लागत से बने कला मंच का उद्घाटन किया। वहीं, चांदन प्रखंड के सुईया स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भी सात लाख रुपये की लागत से निर्मित कला मंच का उद्घाटन किया। दोनों मंचों के निर्माण पर कुल 14 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस अवसर पर विधायक मनोज यादव ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। कला मंचों के उद्घाटन के बाद विधायक ने फुल्लीडुमर प्रखंड की सादपुर पंचायत के भलुआ बिजहरी दुर्गा स्थान, वैष्णवी माता थान दुर्गा मंदिर, खेसर बाजार दुर्गा मंदिर, भूतनाथ विश्वकर्मा टोला दुर्गा मंदिर, फुल्लीडुमर मुख्य सड़क स्थित दुर्गा मंदिर और केंदुआर दुर्गा मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य मंदिरों में पहुंचकर मां के दरबार में शीश नवाया। इस दौरान विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने विधायक का चुनरी भेंट कर स्वागत किया। विधायक ने मां भगवती से क्षेत्र की जनता को सुख-समृद्धि, खुशहाली और रोग-दुख से मुक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर फुल्लीडुमर प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश, जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह कैथा पंचायत के मुखिया एवं प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष चंदन कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कुमार साह, अनंत साह, अनिरुद्ध भगत सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मार्केट में JCB. को टक्कर देने आ गया BUL इंडियन तकनीक मशीन।
पुलिस वाहन की टक्कर से बाइक सवार व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत।
वीडियो पूरा देखें और शेयर करें, बातों में कितनी सच्चाई है। कमेंट में बताएं...
बीडीओ और थानाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया ज्ञान मंच का उद्घाटन, भक्ति और सौहार्द का दिया संदेश!

बेतिया/मझौलिया। पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड अंतर्गत माई स्थान बखरिया में आयोजित दुर्गा पूजा समारोह में भक्ति, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश गूंज उठा। ज्ञान मंच का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, थानाध्यक्ष अमर कुमार तथा बखरिया पंचायत की मुखिया कमलापति देवी के पति एवं समाजसेवी एकबाली राम ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर किया। इस दौरान मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर मुखिया पति की पहल चर्चा का केंद्र रही।अपने संबोधन में बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने कहा कि पर्व-त्योहार हमारी पौराणिक धरोहर हैं, जो एकता, शांति, देशभक्ति और अहिंसा का संदेश देते हैं। वहीं थानाध्यक्ष अमर कुमार ने विजयादशमी को असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बताते हुए लोगों से बुराइयों का त्याग करने की अपील की। इस अवसर पर मुखिया कमलापति देवी और उनके पति समाजसेवी एकबाली राम ने श्रद्धालुओं से मेले में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहार समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम हैं। मंदिर परिसर में पेवर ब्लॉक लगवाने के लिए पूजा समिति के अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने मुखिया पति एकबाली राम के प्रति आभार जताते हुए उन्हें सम्मानित किया। वहीं मुखिया की ओर से मंदिर परिसर में जल्द ही स्ट्रीट लाइट और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच लगवाने की घोषणा की गई। इस घोषणा से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों को उम्मीद है कि इन सुविधाओं से मंदिर परिसर की व्यवस्था बेहतर होगी और पूजा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। कार्यक्रम में पूजा समिति के अध्यक्ष बृजेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष जयनाथ साह, अभय कुमार, राहुल कुमार, पूरण दास, मनोज पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रसिद्ध गायक मुनीलाल परदेसी, पप्पू मिश्रा और कुमारी ममता ने भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना दिया। आयोजन समिति ने अतिथियों, कलाकारों और साउंड टीम को शॉल, अंगवस्त्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया।धार्मिक आयोजन के साथ मंदिर परिसर के विकास की घोषणा ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
गन्ने के खेत से छात्र का टुकड़ो में मिला शव, शव की पहचान के बाद परीजनो में मची चीख पुकार।
बखरिया में मां शारदे फ्यूल स्टेशन का भव्य शुभारंभ, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार।

सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने किया उद्घाटन, बोले—पेट्रोल पंप से बढ़ेगी आर्थिक गतिविधियां,

बेतिया/मझौलिया। पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड अंतर्गत बखरिया में विजयादशमी के शुभ अवसर पर मां शारदे फ्यूल स्टेशन का भव्य उद्घाटन हुआ। बेतिया-मोतिहारी मुख्य मार्ग पर शुरू हुए इस पेट्रोल पंप से क्षेत्र में रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के साथ वाहन चालकों में भी इसके शुभारंभ को लेकर खुशी देखी जा रही है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के तहत संचालित मां शारदे फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल, भाजपा नेता मनु बाबू कुशवाहा और प्रोपराइटर राजेश्वर कुमार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र के विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भारत सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप खुलने से केवल ईंधन की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप के आसपास चाय-पान की दुकानें, होटल और अन्य छोटे व्यवसाय विकसित होने की संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और छोटे कारोबारियों की आमदनी बढ़ने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। वाहन चालकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं पेट्रोल पंप के प्रोपराइटर राजेश्वर कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा और गुणवत्तापूर्ण सेवा को प्राथमिकता दी जाएगी। यहां 24 घंटे मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही स्नानघर, शौचालय, वाहनों में हवा भरने, यात्रियों के ठहरने और प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उद्घाटन समारोह में श्री मुखदेव राम, श्री रामानंद राम, रवि कुमार, राजन कुमार, गर्वित कुमार, बादल कुमार, अंकित कुमार, अमन कुमार, शुभम कुमार, आलोक कुमार, पीयूष कुमार, कुणाल कुमार, रामबाबू कुमार समेत भाजपा जिला महामंत्री मनु बाबू कुशवाहा, रजनीश पांडेय, शुभम चौबे, नितेश कुमार जायसवाल, अरशद अली, राकेश कुमार कुशवाहा, विदुर शाह, ज्ञानेश कुमार, हरि किशोर सिंह और लाल बाबू कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कुल मिलाकर, बेतिया-मोतिहारी मुख्य मार्ग पर मां शारदे फ्यूल स्टेशन की शुरुआत से ईंधन की उपलब्धता बेहतर होने के साथ स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पारस पकड़ी में नवरात्र की नवमी पर ज्ञान मंच का उद्घाटन, धर्म और सामाजिक एकता का दिया संदेश!

बेतिया/मझौलिया। पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड अंतर्गत पारस पकड़ी में शारदीय नवरात्र की नवमी के अवसर पर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित ज्ञान मंच का उद्घाटन जनसुराज की नेत्री नीतू शाही, बैध राज हुकुम तथा महना गन्नी पंचायत के मुखिया प्रत्याशी वेद प्रकाश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद वक्ताओं ने नवरात्र की महिमा, धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारे और जनकल्याण के महत्व पर अपने विचार रखे।
 जनसुराज की नेत्री नीतू शाही ने अपने संबोधन में नवरात्र पर्व की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवरात्र मां दुर्गा की आराधना, शक्ति, भक्ति और नारी सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को एक-दूसरे के करीब आने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं।वहीं, बैध राज हुकुम ने कहा कि पर्व-त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं, जो समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से मन को शांति मिलती है और समाज में एकता की भावना विकसित होती है। उन्होंने जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे हमेशा लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं तथा पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
वहीं, महना गन्नी पंचायत के मुखिया प्रत्याशी वेद प्रकाश ने कहा कि धार्मिक मंच केवल पूजा-अर्चना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और विचारों के आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए आपसी सहयोग, सद्भाव और जनहित की भावना जरूरी है। सभी लोगों को मिलकर क्षेत्र की खुशहाली और सामाजिक सौहार्द के लिए प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान नवरात्र की भक्ति और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। इस दौरान मंच का संचालन सरस्वती बाल विद्या मंदिर के निदेशक सनत कुमार होत्री ने बेहतर ढंग से किया तथा आगंतुक अतिथियों ने मेला समिति के सभी सदस्यों को अंग वर्ष देकर सम्मानित किया तथा उनके द्वारा किए गए कार्य को बेहतर ढंग से सराहा और उनका मनोबल बढ़ाया। मौके पर अध्यक्ष रूपेश पांडे कोषाध्यक्ष कुंदन झा सचिन सनत कुमार होत्री, प्रभात कुमार सिंह, राजन कुमार सिंह, मुकेश सिंह ,विकास यादव, शुभम जायसवाल, सुजीत सिंह ,नीतिश सिंह, रविकांत पांडे, सुमन पांडे ,सूरज शाह, राजन कुमार, धीरज कुमार ,उज्जवल पांडे ,दीपक पांडे, सनी कुमार, अशाेक कुमार, पथल सिंह ,संतोष कुमार, विकास पासवान ,संतोष कुमार ,राजा कुमार, रमन सिंह ,छोटन सिंह आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
रामनगर में दो टुकड़ों में मिले बच्चे के पिता ने क्या कहा आप जरूर सुने...
बिहार के बांका जिला में नवमी के अवसर पर बली प्रथा हेतु उमड़ी भक्तों की भारी भीड़।
अपहरण के 7 दिन बाद बच्चे का दो टुकड़ों में मिली लाश, रामनगर मेघवल मठिया गांव से 12 अक्टूबर से था लापता, पार्ट 1...... पार्ट 2 कुछ ही देर में परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप।
महानवा माई स्थान में हवन-यज्ञ से गूंजा भक्तिमय वातावरण, आचार्य आशीष मिश्रा ने बताया हवन का धार्मिक महत्व!

महानवमी पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी गईं आहुतियां, कन्या पूजन के बाद बच्चियों को कराया गया महाप्रसाद ग्रहण; अध्यक्ष जुलुम सहनी के नेतृत्व में 46 वर्षों से निभाई जा रही दुर्गा पूजा की परंपरा।

बेतिया/मझौलिया। पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड अंतर्गत महानवा स्थित करीब 200 वर्ष पुराने पावन माई स्थान पर महानवमी के अवसर पर भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित भव्य हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज और क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। हवन की सुगंध और मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।महानवमी के पावन अवसर पर आयोजित हवन-यज्ञ में आचार्य पंडित आशीष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विधि- विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया और श्रद्धालुओं को हवन के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व से अवगत कराया। आचार्य आशीष मिश्रा ने बताया कि सनातन धर्म में हवन-यज्ञ को विशेष स्थान प्राप्त है। यह देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का माध्यम है। हवन के दौरान मंत्रोच्चार और आहुतियों के माध्यम से भक्त ईश्वर से सुख-समृद्धि और लोककल्याण की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हवन मन में सकारात्मक भाव जगाने, एकाग्रता बढ़ाने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराने में सहायक होता है। यह भारतीय सनातन परंपरा और धार्मिक संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विधि-विधान से कन्या पूजन किया गया। बच्चियों के चरण पूजन के उपरांत उन्हें श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति के अध्यक्ष जुलुम सहनी ने बताया कि महानवा माई स्थान पर करीब 46 वर्षों से दुर्गा पूजा की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। पूजा को सफल बनाने में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। महानवा माई स्थान पर सुबह और शाम आयोजित धार्मिक प्रवचन श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता का संदेश दे रहे हैं, जबकि रात्रि में आयोजित रासलीला लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। करीब दो शताब्दी पुराने इस पावन स्थल की धार्मिक महत्ता और दशकों से चली आ रही पूजा परंपरा ने महानवा को आस्था का प्रमुख केंद्र बना दिया है। आचार्य पंडित आशीष मिश्रा के मार्गदर्शन और अध्यक्ष जुलुम सहनी के नेतृत्व में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मनोज कुमार राय ,रामबचन ठाकुर, हरिओम सोनी ,अमन पांडे ,राजन कुमार, हेमंत शर्मा ,अभय लाल ,राधेश्याम प्रसाद, नवल किशोर पंडित ,बबन पटेल, दुर्गा पंडित ,रॉबिन साह आदि शामिल थे ।
48 घंटे के अंदर हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई, हत्यारा गिरफ्तार
नवरात्र में रात्रि का विशेष महत्व है - पं० भरत उपाध्याय

भारत के प्राचीन ऋषियों-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है, इसलिए दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात में ही मनाने की परंपरा है। यदि रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता,तो ऐसे उत्सवों को रात्रि न कह कर दिन ही कहा जाता। लेकिन नवरात्र के दिन, नवदिन नहीं कहे जाते। ऋषियों एवं मनीषियों ने वर्ष में दो बार नवरात्रों का विधान बनाया है। विक्रम संवत के पहले दिन अर्थात चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) से नौ दिन अर्थात नवमी तक। और इसी प्रकार ठीक छह मास बाद आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी अर्थात विजयादशमी के एक दिन पूर्व तक। परंतु सिद्धि और साधना की दृष्टि से शारदीय नवरात्रों को ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है।इन नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति संचय करने के लिए अनेक प्रकार के व्रत, संयम, नियम, यज्ञ, भजन, पूजन, योग साधना आदि करते हैं। कुछ साधक इन रात्रियों में पूरी रात पद्मासन या सिद्धासन में बैठकर आंतरिक त्राटक या बीज मंत्रों के जाप द्वारा विशेष सिद्धियां प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।नवरात्रों में शक्ति के 51 पीठों पर भक्तों का समुदाय बड़े उत्साह से शक्ति की उपासना के लिए एकत्रित होता है। जो उपासक इन शक्ति पीठों पर नहीं पहुंच पाते, वे अपने निवास स्थल पर ही शक्ति का आह्वान करते हैं। आजकल अधिकांश उपासक शक्ति पूजा रात्रि में नहीं, पुरोहित को दिन में ही बुलाकर संपन्न करा देते हैं। सामान्य भक्त ही नहीं, पंडित और साधु-महात्मा भी अब नवरात्रों में पूरी रात जागना नहीं चाहते। न कोई आलस्य को त्यागना चाहता है। बहुत कम उपासक आलस्य को त्याग कर आत्मशक्ति, मानसिक शक्ति और यौगिक शक्ति की प्राप्ति के लिए रात्रि के समय का उपयोग करते देखे जाते हैं। मनीषियों ने रात्रि के महत्व को अत्यंत सूक्ष्मता के साथ वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में समझने और समझाने का प्रयत्न किया। रात्रि में प्रकृति के बहुत सारे अवरोध खत्म हो जाते हैं। आधुनिक विज्ञान भी इस बात से सहमत है। हमारे ऋषि मुनि आज से कितने ही हजारों- लाखों वर्ष पूर्व ही प्रकृति के इन वैज्ञानिक रहस्यों को जान चुके थे। दिन में आवाज दी जाए तो वह दूर तक नहीं जाएगी , किंतु रात्रि को आवाज दी जाए तो वह बहुत दूर तक जाती है। इसके पीछे दिन के कोलाहल के अलावा एक वैज्ञानिक तथ्य यह भी है कि दिन में सूर्य की किरणें आवाज की तरंगों और रेडियो तरंगों को आगे बढ़ने से रोक देती हैं। रेडियो इस बात का जीता जागता उदाहरण है। कम शक्ति के रेडियो स्टेशनों को दिन में पकड़ना अर्थात सुनना मुश्किल होता है , जबकि सूर्यास्त के बाद छोटे से छोटा रेडियो स्टेशन भी आसानी से सुना जा सकता है। वैज्ञानिक सिद्धांत यहभी है कि सूर्य की किरणें दिन के समय रेडियो तरंगों को जिस प्रकार रोकती हैं, उसी प्रकार मंत्र जाप की विचार तरंगों में भी दिन के समय रुकावट पड़ती है। इसीलिए ऋषि मुनियों ने रात्रि का महत्व दिन की अपेक्षा बहुत अधिक बताया है। मंदिरों में घंटे और शंख की आवाज के कंपन से दूर दूर तक वातावरण कीटाणुओं से रहित हो जाता है। यह रात्रि का वैज्ञानिक रहस्य है। जो इस वैज्ञानिक तथ्य को ध्यान में रखते हुए रात्रियों में संकल्प और उच्च अवधारणा के साथ अपने शक्तिशाली विचार तरंगों को वायुमंडल में भेजते हैं , उनकी कार्यसिद्धि अर्थात मनोकामना सिद्धि , उनके शुभ संकल्प के अनुसार उचित समय और ठीक विधि के अनुसार करने पर अवश्य होती है।
टोटो चालक ने साईकील सवार 13 वर्षिय बालक को मारी टक्कर,

परिजनों ने इलाज हेतु पहुंचाया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर।

बिहार/बांका। प्रखंड क्षेत्र के शंभूगंज एंव खेसर थाना क्षेत्र अंतर्गत कानी मोह मोड़ पर करीबन रात्री के 08 बजे लगभग एक टोटो जो खेसर बाजार आ रहा था ।खेसर थाना क्षेत्र कानी मोह मोड़ कर कानीमोह गांव के ही दीपक सिंह का 13 वर्षिय पुत्र दिव्यांशु कुमार साईकील लेकर खडा था इसी दौरान टोटो चालक ने अपना नियंत्रण खोते हुए दिव्यांशु कुमार को जोरदार धक्का मार दिया जिससे बच्चे काफी जख्मी हो गया दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों के द्वारा बच्चे के परिजनों को घटना की जानकारी दी गयी। और घटना की सुचना खेसर थाना को भी दिया गया सुचना पाते ही खेसर थाना की पुलिस घटनास्थल स्थल पर पहुंचे और टोटो को जप्त करते हुए चालक को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है ।उधर परीजनों के द्वारा बच्चे को इलाज हेतू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर लेजाया गया था जहां अस्पताल के डाक्टर के द्वारा गंभीर जख्मी बच्चे का भरपुर प्रयास बच्चे को बचाने को किया गया लेकिन सच नहीं पाया और इलाज के दौरान ही सच्चे ने अपना दम तोड दिया घटना को लेकर परीजनों में कोहराम मचगया जहां एक तरफ दुर्गा पूजा को लेकर खुसी का माहोल गांव में था की वहीं पूरे गांव में मातम छा गया । पुलिस के द्वारा लाश को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया करते हुए पोस्ट मार्टम को लेकर बांका भेज दिया गया है । थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी के द्वारा बताया गया है की परीजनो की ओर से अभी किसी प्रकार का लिखित आवेदन नहीं दिया गया है लिखित आवेदन मिलते ही कानुनी कार्यवाही करते हुए आगे की भी कार्यवाही सुनिश्चित भी की जाएगी ।
स्कूल के विवाद में हुई थी सुजीत की हत्या, 48 घंटा के अंदर पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी।

लौरिया। स्कूल के एक पुराने विवाद में हुई थी सुजीत कुमार की हत्या।लौरिया पुलिस ने अड़तालीस घंटा के अंदर हत्या की गुत्थी न सिर्फ सुलझा लिया बल्कि आरोपी को हत्या मे प्रयुक्त  फाईटर और पेचकस को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके लिए लौरिया थाना मे नरकटियागंज एस डी पी ओ प्रसन्ना कुमार एम भी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया। उन्होंने बताया की विगत 16अक्टुबर को प्रखंड के पराऊटोला बंसवरीया पंचायत के डुमरा गांव के सायर माई स्थान के पास एक सोलह वर्षीय किशोर की हत्या कर गन्ने के खेत में कर दी गई थी।उसी हत्या के उद्भेदन में पुलिस लगी हुई थी। शनिवार को शाम खबर मिली की डुमरा के ही एक किशोर को अपराधी सुबह उसके दरवाजे से उठाकर लेकर चले गये थे शाम को उसे उसी गांव स्थित सुखे नहर में पैर बांधकर छोड़ गये हैं।लौरिया पुलिस उक्त यूवक को पुछताछ के लिये थाना लायी ।देखने और पुछताछ पर पता चला कि यह युवक पुलिस को भरमाने के लिए ऐसा मनगढ़ंत कहानी बता रहा है। पुनः पुछताछ शुरू हुई तो यह युवक टुट गया और सुजीत की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।इस युवक की पहचान डुमरा गांव के ही बन्नू साह के पुत्र उन्नीस वर्षीय धर्मेन्द्र साह के रुप में हुयी। युवक के निशानदेही पर घटना के समय पहने हुये शर्ट और घटना मे प्रयुक्त एक पेचकस को घटना स्थल से पचास मीटर दक्षिण पश्चिम से बरामद कर लिया गया जो आरोपी गड्ढा खोदकर छुपा दिया था ।वही घटना में प्रयुक्त फाईटर आरोपी के घर से बरामद किया गया।एस डी पी ओ ने घटना के कारणों के बारे में बताया कि आरोपी एलेवन्थ का छात्र था जब कि मृतक दशवी का छात्र था। दोनों मे कुछ वर्षों पहले से हमेशा झगड़ा होता रहता था।एक वर्ष पहले मृतक आरोपी को किसी के साथ मिलकर पिटाई किया था। चुकी आरोपी की मां की मृत्यु हो चुकी है और पिता दुशरे राज्य मे जाकर मजदुरी करता है आरोपी साईको टाईप का हो गया है ।उसे समझाने वाला कोई नहीं था।वह मन ही मन मृतक को मारने का प्लान बना रहा था।घटना के दिन आरोपी को मौका मिल गया।सबसे पहले ईट से सर पर मारा।जब सुजीत गिर गया तो उसे ईख मे और भीतर खिंचकर ले गया और फाईटर ईट और पेचकस से उसकी हत्या कर दी। उद्भेदन टीम में एस डी पी ओ सहित पुलिस निरीक्षक सरफराज अहमद थानाध्यक्ष इन्द्रजीत पासवान प्रिया रंजना जयसल कुमार प्रियंका रंजन शिव कुमार सहित लौरिया थाना के अन्य सिपाही उपस्थित रहे।
बस और बाइक की टक्कर में पूर्व सरपंच सहित 3 जख्मी, गंभीर स्थिति में बेतिया रेफर
परसौनी चौक से दुकानदार को उलझाकर करीब 6 लाख रुपये के सोने चांदी की चोरी। मचा मचाहड़कम्प।
विपरीत दिशा से आ रही वाहन को बचाने के चक्कर में पिकअप गाड़ी फसा ।

बिहार/बांका। प्रखंड के खेसर पंचायत अंतर्गत खेसर रमसरैया मुख्य सड़क सुदामा भवन के पास मुख्य बाजार में खेसर की ओर से जा रही पीकअप विपरीत दिशा से आ रही बाहना को काफी भीड़ के कारण बचाने के दौरान पिकप चालक अपनी सन्तुलन खो दिया जिस कारण सड़क किनारे बने पक्की नाला में घुस गया,।जिस कारण से बड़ी दुर्घटना होने से बाल बाल बच गया। नहीं तो रोड पर काफी भिड़ होने के कारण बड़ी हादसा हो सकती थी। स्थानीय लोगों के द्वारा बताया गया की पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुदर्शन शाह के द्वारा नाला का निर्माण कराया जा रहा है जो लगभग तीन चार माह से लापरवाही से किया जा रहा है। पक्की नाला का ढक्कन मजबुत नहीं रहने के कारण ही यह घटना हो गयी। अगर नाला में पिकअप नहीं फसता तो कयी लोगों की जान जाने की सम्भावना बन सकती थी। चालक के काफी प्रयास से पिकअप को नाला से बाहर किया गया ।
फर्जी क्लिनिक में मां बच्चे की मौत, डॉक्टर क्लीनिक छोड़कर मौके से फरार, स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही पर उठे सवाल।
मां दुर्गा के पट खुलते ही उमड़ा आस्था का जनसैलाब!

मां के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; जय माता दी के जयघोष से भक्तिमय हुआ पूरा इलाका!

पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के सेनुवरिया में दुर्गा पूजा का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है। सर्वोदय मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा समारोह में जैसे ही जयघोष के बीच मां दुर्गा की डोली पहुंची और माता के दर्शन के लिए पूजा पंडाल के विधिवत पूजा के बाद माता का पट दर्शन के लिए  खोले दिए गए, वैसे ही पूरा परिसर भक्तों की भीड़ से पट गया। पट खुलते ही श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चहुंओर ‘जय माता दी’ और ‘जय मां शेरावाली’ के गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे। वातावरण भक्तिमय हो उठा और मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।पूजा पंडाल में दुर्गा चालीसा के श्लोकों की गूंज और दुर्गा सप्तशती के पाठ से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सुबह-शाम धार्मिक प्रवचन और संध्या बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।पूजा समिति के अध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव ने बताया कि सेनुवरिया में पिछले 30 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना होती आ रही है। यह आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग और सामूहिक आस्था का प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेकने पहुंचते हैं।वहीं, सेनुवरिया पंचायत की मुखिया ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश भी है। उन्होंने लोगों से अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर सत्य, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने की अपील की।सेनुवरिया में मां की भक्ति का रंग ऐसा चढ़ा है कि हर गली में आस्था, हर जुबान पर जयकारा और हर दिल में मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास नजर आ रहा है। मौके पर पंडित श्रीकांत उपाध्याय, शंभू तिवारी ,पवन दुबे ,जितेंद्र तिवारी ,बेलास चौधरी ,मंतोष साह, रिपु सूधन पांडे, निर्भय यादव, ललन महतो ,गुड्डू कुमार, अजय यादव, राजा सहनी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।
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