
शाहजहांपुर में पुलिसकर्मियों पर साजिश रचकर ज्वेलर से दो लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि तिलहर थाने में तैनात चार सिपाहियों ने ज्वेलर की डिग्गी में स्मैक रखी और फिर उसे नशीले पदार्थ के मामले में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये वसूल लिए। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद एसपी ने चारों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी।
मामला शाहजहांपुर के परशुरामपुरी स्थित कानूनगोयान मोहल्ले का है। यहां रहने वाले राजेश क्षत्रिय ज्वेलर हैं। बताया जा रहा है कि वह किसी के इंतजार में एक स्थान पर खड़े थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र वहां पहुंचे। चारों सादे कपड़ों में थे।
आरोप है कि इनमें से एक सिपाही को ज्वेलर पहले से जानता था। परिचित होने के कारण जब पुलिसकर्मी ने उन्हें आगे चलने के लिए कहा तो वह उनके साथ चले गए। इसके बाद चारों उन्हें एक सुनसान जंगल में ले गए।
यहीं कथित तौर पर ज्वेलर की डिग्गी में स्मैक रख दी गई। इसके बाद नशीला पदार्थ रखने का आरोप लगाते हुए उन्हें पुलिस चौकी ले जाया गया।
ज्वेलर के आरोप के मुताबिक, चौकी में उसके साथ मारपीट की गई और उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। मजबूर होकर ज्वेलर ने चौकी से ही अपने पिता को फोन किया और दो लाख रुपये मंगवाए।
आरोप है कि रकम मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने पैसे आपस में बांट लिए और ज्वेलर को छोड़ दिया।
हालांकि, ज्वेलर ने हार नहीं मानी और पूरे मामले की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की। एसपी सौरभ दीक्षित ने मामले की जांच कराई। जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा साजिश रचकर ज्वेलर से कथित तौर पर वसूली किए जाने की बात सामने आने के बाद चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले में दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो के छुट्टी लेकर फरार होने की बात सामने आई है।
यह मामला पुलिस महकमे में हड़कंप मचाने वाला है। जिन पुलिसकर्मियों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं पर साजिश रचकर वसूली करने के आरोप लगना गंभीर सवाल खड़े करता है।