#NEET पेपर लीक विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे पर पहली बार खुलकर बात की। भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि NEET विरोध-प्रदर्शनों के दौरान #GenZ को गुमराह करने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद उन्हें शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा।
#धर्मेंद्रप्रधान ने कहा कि Gen Z देश के बच्चे हैं और उनकी अपनी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए मंत्री का पद महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि देश के युवाओं का भविष्य ज्यादा अहम है।
प्रधान ने कहा कि भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं और पिछले 10 वर्षों में करीब 20 करोड़ बच्चे इस पीढ़ी का हिस्सा बने हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यही युवा भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
#breakingnewswala #DharmendraPradhan #NewsUpdate