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GWALIOR BREAKING NEWS WALA

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बाबा रामदेव के सुर बदले; बोले- आजकल हम ज्यादा बात नहीं करेंगे...देखें! VIDEO

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ramdev nis:value=Ramdev nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=patanjali nis:value=Patanjali nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=दिल्ली nis:value=दिल्ली nis:enabled=true nis:link/> के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके में पुलिस टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना कागजात की बाइक मिलने पर पुलिसकर्मी उसे थाने ले जाने की कार्रवाई कर रहे थे। आरोप है कि इससे नाराज बाइक मालिक और उसके परिजनों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया।

हमलावरों ने पहले पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, इसके बाद ईंट-पत्थरों और डंडों से हमला किया। बीच-बचाव और मदद के लिए पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू को भी निशाना बनाया गया। इस हमले में कुल तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में गंभीर चोट आई है। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

घटना के बाद <nis:link nis:type=tag nis:id=पुलिस nis:value=पुलिस nis:enabled=true nis:link/> ने कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी सुनील उर्फ पंकज समेत अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक सुनील इलाके का घोषित बैड कैरेक्टर है और उसके खिलाफ पहले से 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो NDPS एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल हैं। भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने FIR नंबर 537/26 दर्ज कर BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=नीति nis:value=नीति nis:enabled=true nis:link/> आयोग की हालिया रिपोर्ट ने देश के युवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखी है। ‘विकसित भारत 2047 के लिए कौशल विकास की नई कल्पना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु के करीब 8.7 करोड़ युवा ऐसे हैं, जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं। रिपोर्ट में दिए गए ये आंकड़े वर्ष 2021 में किए गए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 78वें दौर के आंकड़ों पर आधारित हैं। यह स्थिति देश की युवा आबादी को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने की चुनौती को सामने रखती है।

नीति आयोग ने रिपोर्ट में युवाओं को स्वरोजगार और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने पर जोर दिया है। खासतौर पर कम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए किफायती और सब्सिडी वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक परेशानियों के कारण कई युवा अतिरिक्त प्रशिक्षण हासिल नहीं कर पाते और पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी योग्यता से कम वेतन वाली नौकरी स्वीकार करने को मजबूर हो जाते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=रिपोर्ट nis:value=रिपोर्ट nis:enabled=true nis:link/> में यह भी सामने आया है कि केवल 8.25 प्रतिशत लोग ही अपनी योग्यता के अनुरूप काम कर रहे हैं। ऐसे में नीति आयोग ने कौशल प्रशिक्षण को अधिक सुलभ बनाने, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने और शिक्षा से रोजगार तक बेहतर रास्ता तैयार करने की जरूरत बताई है। देश की बड़ी युवा आबादी को यदि सही शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो यही युवा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी nis:value=निवाड़ी nis:enabled=true nis:link/> प्रशासन के दावों की खुली पोल? सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला तो उठाया खौफनाक कदम, शिविर में फां*सी की कोशिश...देखें! खबर

Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Narayan Singh Kushwah Umang Singhar Jitu Patwari MOHAN 181 Collector Office Niwari PRO Jansampark Niwari Hemant Khandelwal | <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=janvishwasabhiyan2026 nis:value=janvishwasabhiyan2026 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=niwarinews nis:value=NiwariNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के पाटन से वरिष्ठ <nis:link nis:type=tag nis:id=bjp nis:value=BJP nis:enabled=true nis:link/> विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने प्रदेश में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक अखबार की रिपोर्ट साझा करते हुए विश्नोई ने कहा कि PWD और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की हालत लगभग एक जैसी खराब है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों से परेशान जनता सरकार को कोसती है और स्थानीय विधायक को जवाबदेह ठहराती है। विश्नोई के मुताबिक, उन्होंने सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार को कई बार पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित किया है।

विश्नोई ने शाहपुरा-पाटन क्षेत्र में सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि प्रमुख मार्गों के बंद या खराब होने के कारण भारी वाहनों का दबाव ऐसे वैकल्पिक रास्तों पर बढ़ गया है, जो इतने ट्रैफिक के लिए तैयार नहीं हैं। इससे सड़कों की हालत और बिगड़ रही है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क निर्माण व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार कम दर पर काम लेने के बाद मुनाफे और अधिकारियों को कथित रूप से दिए जाने वाले हिस्से को निकालते हैं, जिसके बाद घटिया गुणवत्ता का निर्माण होता है।

वरिष्ठ विधायक ने सड़कों की खराब हालत को लेकर सरकार और <nis:link nis:type=tag nis:id=pwd nis:value=PWD nis:enabled=true nis:link/> को फटकार लगाने पर हाई कोर्ट का आभार जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। इससे पहले भी विश्नोई शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में देरी और जबलपुर-पाटन सड़क के चौड़ीकरण को प्राथमिकता नहीं दिए जाने पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने सड़क निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था में सुधार के साथ बेहतर गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने की मांग की है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के कटनी में CSP नेहा पच्चीसिया पर गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि पुलिसिया दबदबे का इस्तेमाल करते हुए एक आरोपी की कीमती जमीन को कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर खरीदवाया गया।

मामले में जांच के बाद <nis:link nis:type=tag nis:id=csp nis:value=CSP nis:enabled=true nis:link/> नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंहवारा क्षेत्र की करीब 82.86 लाख रुपये गाइडलाइन मूल्य वाली जमीन को कथित तौर पर 18.20 लाख रुपये में हस्तांतरित कराने का आरोप है। इससे पहले उन पर एक ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली और अन्य मामलों को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री nis:value=मुख्यमंत्री nis:enabled=true nis:link/> ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर दबाव, लापरवाही या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी nis:value=निवाड़ी nis:enabled=true nis:link/> में <nis:link nis:type=tag nis:id=rto nis:value=RTO nis:enabled=true nis:link/> चेकिंग पॉइंट पर मचा बवाल; अवैध उगाही के आरोपों के बीच वायरल हो रही यह वीडियो

Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Uday Pratap Singh Hemant Khandelwal Collector Office Niwari PRO Jansampark Niwari | <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=niwarinews nis:value=NiwariNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के पन्ना जिले के प्राकृतिक हीरों को बड़ी पहचान मिली है। ‘Panna Diamond’ को भौगोलिक संकेत यानी GI टैग के तहत आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है। भारत सरकार के भौगोलिक संकेत रजिस्टर में ‘Panna Diamond’ को रजिस्ट्रेशन नंबर 1097 दिया गया है। इसका आवेदन 7 जून 2023 को पन्ना कलेक्टोरेट की डायमंड ब्रांच की ओर से दाखिल किया गया था।

<nis:link nis:type=tag nis:id=पन्ना nis:value=पन्ना nis:enabled=true nis:link/> लंबे समय से अपने प्राकृतिक हीरों के लिए देशभर में पहचान रखता है। GI टैग किसी क्षेत्र विशेष से जुड़े ऐसे उत्पाद को आधिकारिक पहचान देता है, जिसकी गुणवत्ता, विशेषता या प्रतिष्ठा उस भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती है। ‘Panna Diamond’ का GI पंजीकरण पन्ना के प्राकृतिक हीरों की विशिष्ट पहचान को औपचारिक रूप से दर्ज करता है।

GI रजिस्टर के अनुसार ‘Panna Diamond’ क्लास 14 में प्राकृतिक वस्तु के रूप में दर्ज है और इसका पंजीकरण प्रमाणपत्र 10 नवंबर 2025 को जारी किया गया। इस उपलब्धि से पन्ना के हीरों की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को मजबूती मिलने के साथ उनके संरक्षण, ब्रांडिंग और बाजार में अलग पहचान बनाने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=जयपुर nis:value=जयपुर nis:enabled=true nis:link/> में कॉकरोच पार्टी (<nis:link nis:type=tag nis:id=cjp) nis:value=CJP) nis:enabled=true nis:link/> के प्रवक्ता आशुतोष रांका के स्कूल निरीक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। खबर के मुताबिक, रांका एक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों ने उनके पहुंचने का विरोध किया। देखते ही देखते मामला हंगामे और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव भी किया और आशुतोष रांका को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बाहरी लोगों को बिना अनुमति गांव में आकर माहौल खराब करने या बच्चों की शिक्षा के मुद्दे पर राजनीति करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। घटना के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=bjp nis:value=BJP nis:enabled=true nis:link/> विधायक का अजीबोग़रीब तर्क; माँ सीता को बताया 'मौत का सामान' वीडियो वायरल

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralvideo nis:value=ViralVideo nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=gunanews nis:value=GunaNews nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> कांग्रेस ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ ‘युवा स्वाभिमान Gen-Z साइक्लोथॉन’ निकालने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में प्रस्तावित यह साइकिल यात्रा इंदौर से शुरू होकर भोपाल तक जाएगी।

इस अभियान के जरिए <nis:link nis:type=tag nis:id=कांग्रेस nis:value=कांग्रेस nis:enabled=true nis:link/> युवाओं के रोजगार, शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को उठाएगी। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

जीतू पटवारी ने सरकार और उसके मंत्रियों-विधायकों पर तंज कसते हुए ‘डिब्बे और इंजन’ का रूपक इस्तेमाल किया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की नीतियों और व्यवस्था के खिलाफ यह साइक्लोथॉन युवाओं की आवाज को सड़क से सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के शहडोल में छात्रावास की अव्यवस्थाओं से परेशान आदिवासी छात्राओं ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। कंचनपुर स्थित आदिवासी कन्या <nis:link nis:type=tag nis:id=छात्रावास nis:value=छात्रावास nis:enabled=true nis:link/> धुरवार की छात्राएं बुधवार (19 अगस्त) को करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। छात्राओं का कहना था कि वे अपनी समस्याएं किसी और के जरिए नहीं, बल्कि सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहती हैं। रास्ते में अधिकारियों ने उन्हें रोककर वाहन से कलेक्ट्रेट ले जाने की पेशकश भी की, लेकिन छात्राएं नहीं मानीं और पैदल ही आगे बढ़ती रहीं।

कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने छात्राओं को अपने कक्ष में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने भोजन और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें कीं। कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश देते हुए तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को छात्रावासों में मिलने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

बताया जा रहा है कि छात्राएं इससे पहले भी अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिल चुकी हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी वजह से इस बार छात्राओं ने खुद मोर्चा संभाला और करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई। छात्राओं का यह बेबाक और सीधे संवाद वाला विरोध अब नई पीढ़ी के बदलते आंदोलन के अंदाज के तौर पर भी चर्चा में है।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर शुल्क और सरकारी आय का मुद्दा चर्चा में है। खबर के मुताबिक करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों ने परीक्षा का फॉर्म भरा है और यदि प्रति अभ्यर्थी ₹1,000 आवेदन शुल्क है, तो इससे शासन के खाते में लगभग ₹15 करोड़ की राशि पहुंच सकती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=शिक्षक nis:value=शिक्षक nis:enabled=true nis:link/> संगठनों और अभ्यर्थियों का सवाल है कि परीक्षा शुल्क के जरिए इतनी बड़ी राशि जुटाने के बजाय सरकार को शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, शिक्षकों की समस्याओं और भर्ती प्रक्रिया पर अधिक ध्यान देना चाहिए। परीक्षा शुल्क को लेकर अब बहस तेज हो गई है कि यह अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है या परीक्षा प्रक्रिया के खर्च की आवश्यकता।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=newsupdate nis:value=NewsUpdate nis:enabled=true nis:link/>
सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि बच्चे अपने माता-पिता की देखभाल और भरण-पोषण की जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं, तो उन्हें माता-पिता की संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा और देखभाल देना सभ्य समाज की पहचान है।

मामला ऐसे बुजुर्ग दंपती से जुड़ा था, जिन्हें उनके बेटे ने उनकी ही संपत्ति में रहने से रोक दिया था। वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गठित ट्रिब्यूनल ने बेटे को संपत्ति से बेदखल करने का आदेश दिया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए ट्रिब्यूनल के फैसले को बहाल कर दिया।

<nis:link nis:type=tag nis:id=सुप्रीमकोर्ट nis:value=सुप्रीमकोर्ट nis:enabled=true nis:link/> ने स्पष्ट किया कि 2007 का कानून केवल भरण-पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भी है। यानी यदि बच्चे माता-पिता की जिम्मेदारी निभाने के बजाय उन्हें प्रताड़ित या उनकी ही संपत्ति से बेदखल करते हैं, तो कानून उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता देता है।

हालांकि, संपत्ति से बेदखली और विरासत से बेदखली एक जैसी बातें नहीं हैं। संपत्ति का प्रकार, उसके मालिकाना हक और उत्तराधिकार के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इस फैसले को यह समझना सही नहीं होगा कि हर परिस्थिति में माता-पिता अपने बच्चों का संपत्ति पर कानूनी अधिकार खत्म कर सकते हैं।

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<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री nis:value=मुख्यमंत्री nis:enabled=true nis:link/> डॉ. मोहन यादव आज 19 अगस्त को <nis:link nis:type=tag nis:id=मैहर nis:value=मैहर nis:enabled=true nis:link/> दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे मां शारदा लोक फेज-1 के विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे और मैहर को करीब 256 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त का वितरण होगा। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए राशि ट्रांसफर की जाएगी।

इस बार प्रत्येक पात्र लाड़ली बहना के खाते में कुल ₹1,750 आएंगे। इसमें ₹1,500 नियमित मासिक किस्त और ₹250 रक्षाबंधन के विशेष उपहार के रूप में अतिरिक्त राशि शामिल है। यानी इस महीने बहनों को सामान्य किस्त से ₹250 ज्यादा मिलेंगे।

सरकार के मुताबिक, इस पूरी राशि के लिए 2,148 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांसफर किया जाएगा। मुख्यमंत्री मैहर से प्रदेश की लाड़ली बहनों को यह सौगात देंगे, साथ ही मां शारदा लोक परियोजना के जरिए मैहर के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की कोशिश भी होगी।

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गृहमंत्री अमित शाह पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खरगे; बोले- मैं विधायक बना तब अमित शाह बच्चे थे

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झारखंड में SSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद छात्रों का विरोध तेज हो गया है। अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

छात्र संगठनों की मांग है कि पिछले 12 वर्षों में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच कराई जाए, ताकि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है।

मामले में एक दिलचस्प स्थिति यह भी है कि अब परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार भी धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का समाधान निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकता है।

अभ्यर्थियों ने साफ संकेत दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। SSC-CGL विवाद ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=jharkhand nis:value=Jharkhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ssccgl nis:value=SSCCGL nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ssc nis:value=SSC nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cbiinquiry nis:value=CBIInquiry nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=studentsprotest nis:value=StudentsProtest nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=मध्यप्रदेश nis:value=मध्यप्रदेश nis:enabled=true nis:link/> के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के जन्मदिन पर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी। कृष्णाराज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए सांसद ने राजेंद्र शुक्ला को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन पोस्ट में उन्हें ‘मध्यप्रदेश के <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री’ nis:value=मुख्यमंत्री’ nis:enabled=true nis:link/> के तौर पर संबोधित कर दिया गया।

पोस्ट सोशल मीडिया पर करीब एक से डेढ़ घंटे तक चर्चा में रही और वायरल होने के बाद इसे एडिट कर संबोधन को सुधारा गया। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री भी सामने आई है।

हालांकि इसे सामान्य टाइपिंग या लिखने की गलती माना जाए या इसके पीछे कोई राजनीतिक संकेत था, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में सांसद की इस पोस्ट ने सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज एक गलती थी या मध्य प्रदेश की राजनीति में किसी संभावित बदलाव की ओर इशारा?

फिलहाल, इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं और सियासी अटकलें तेज हैं।

Dr Mohan Yadav Rajendra Shukla Janardan Mishra BJP Madhya Pradesh Hemant Khandelwal | <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी nis:value=निवाड़ी nis:enabled=true nis:link/> जिला शिक्षाधिकारी का ऑडियो वायरल; रुके हुए संविलियन को करने के पहले बोले- 'तुम वो व्यवस्था, उन्हें कर दो' समझ गए।

<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=niwarinews nis:value=NiwariNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
साँची-साँची बतायो… सांची के पेड़े किस-किस को मिले खाने को?

सरकारी आदेश था कि 15 अगस्त पर स्कूलों में सांची के पेड़े बांटे जाएंगे। लेकिन कई स्कूलों से सामने आई तस्वीरों में बूंदी नजर आई।

अब स्थानीय पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने भी तंज करते हुए पूछा— “मोहन जी पूछता है प्रदेश के स्कूल का बच्चा, सांची पेड़ा किसने खाया?”

अब सवाल पेड़े का नहीं… सरकारी आदेश के पालन का है। आप बताइए—सांची के पेड़े आखिर पहुंचे कहां?

Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Narayan Singh Kushwah Hemant Khandelwal BJP Madhya Pradesh Collector Office Niwari | Jitu Patwari Umang Singhar <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=niwarinews nis:value=NiwariNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी nis:value=निवाड़ी nis:enabled=true nis:link/> जिले के <nis:link nis:type=tag nis:id=ओरछा nis:value=ओरछा nis:enabled=true nis:link/> तहसील अंतर्गत ग्राम नकटा के खसरा नंबर 87 की भूमि को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। रविवार 16 अगस्त को ओरछा तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और भूमि पर लगे कंटीले तार हटाते हुए बुलडोजर से कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि उक्त भूमि को लेकर प्रकरण जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर निवाड़ी जिला प्रशासन द्वारा भी मामले की जांच की जा रही है और संबंधित फाइल जिला कलेक्टर के समक्ष लंबित बताई जा रही है। परिवार का दावा है कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी का ओरछा में व्यतीत अज्ञातवास काल में सेवा करने वाले स्व. मलखान सिंह ठाकुर के सुपुत्र स्व. शंकर सिंह तोमर का इस भूमि पर करीब 50-60 वर्षों से कब्जा रहा है। भूमि पर उनके स्वर्गीय पुत्र नरेंद्र सिंह तोमर की समाधि भी मौजूद है, जिनका वर्ष 2003 में निधन हुआ था। परिवार द्वारा अपने कब्जे के समर्थन में विभिन्न दस्तावेज और अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।

मामले को लेकर पत्रकार रितुराज तोमर और उनका परिवार प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। उनका आरोप है कि रितुराज तोमर के द्वारा अपने संस्थान 'ब्रेकिंग न्यूज़ वाला' के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। रितुराज तोमर द्वारा आरटीओ के कथित पर्ची सिस्टम से अवैध वसूली, ओरछा में अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और पर्यटकों की सुविधाओं सहित कई स्थानीय मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। इसके अलावा अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के क्रांति स्थल से जुड़े करीब 95 लाख रुपये के प्रोजेक्ट और उसके मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को हस्तांतरण को लेकर भी उन्होंने प्रोजेक्ट की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग उठाई थी। हाल ही में 15 अगस्त को मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के कैंप में कथित तौर पर भीड़ जुटाने और स्थानीय समस्याओं पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने को लेकर भी 'Breaking News Wala' के माध्यम से सवाल उठाए गए थे।

अब सवाल यह है कि जब खसरा नंबर 87 से जुड़ा विवाद न्यायालय में लंबित है और जिला प्रशासन स्तर पर भी इसकी जांच चल रही है, तो ऐसी स्थिति में प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई किस आधार पर की? क्या यह सामान्य राजस्व कार्रवाई थी या इसका संबंध पत्रकार द्वारा लगातार उठाए जा रहे स्थानीय मुद्दों से है?

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Niwari Narayan Singh Kushwah | Jitu Patwari Umang Singhar <nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=niwarinews nis:value=NiwariNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=निवाड़ी: nis:value=निवाड़ी: nis:enabled=true nis:link/> झांसी-खजुराहो हाईवे पर प्रतापपुरा के पास नाराई चौकी स्थित <nis:link nis:type=tag nis:id=rto nis:value=RTO nis:enabled=true nis:link/> चेकिंग पॉइंट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 14-15 अगस्त की दरमियानी रात चेकिंग के दौरान ट्रक को रोकने के प्रयास में तेज रफ्तार दूसरी गाड़ी से भिड़ंत हो गई। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आरोप है कि हादसे के बाद RTO का अमला मौके से चला गया।

इस हादसे ने करीब एक महीने पहले Breaking News Wala की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उस दौरान एक ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया था कि RTO अमला अचानक ट्रक के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहन रोकता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी ग्राउंड रिपोर्ट में चेकिंग के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी LIVE कैमरे पर सामने आए थे। मार्च में 'ब्रेकिंग न्यूज़ वाला' ने RTO की कथित गुलाबी पर्ची को लेकर खबर की थी। जुलाई में दोबारा ग्राउंड रिपोर्ट करने पर पर्ची का रंग गुलाबी से नीला मिला, लेकिन आरोप था कि कथित वसूली की व्यवस्था जारी है। इन आरोपों के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठे।

जुलाई में जब टीम ने मौके पर मौजूद RTO कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए तो कर्मचारियों ने टीम पर बदतमीजी के आरोप लगाए और पुलिस में आवेदन दिया। इसके बाद भी चेकिंग पॉइंट की कार्यप्रणाली पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। अब उसी स्थान पर दोबारा हादसा होने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि हाईवे पर चेकिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या वाहनों को रोकने के लिए लगाई जा रही बैरिकेडिंग सुरक्षित है? हादसे के बाद चेकिंग अमला मौके पर क्यों नहीं रहा?

मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग चेकिंग पॉइंट की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराएगा या नहीं। खासकर यह कि हादसे के समय वाहन रोकने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और मौके पर मौजूद RTO अमले की क्या भूमिका थी।

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Narayan Singh Kushwah MOHAN 181 Collector Office Niwari 
<nis:link nis:type=tag nis:id=breakingnewswala nis:value=breakingnewswala nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpnews nis:value=MPNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bnwtv nis:value=BNWTV nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=बीजेपी nis:value=बीजेपी nis:enabled=true nis:link/> के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजा। पूनावाला ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है।

पूनावाला ने इस्तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और बीएल संतोष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उन्हें मंच, सम्मान और जिम्मेदारी दी, जिसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की व्यवस्था से अलग हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के विचारों व कार्यों का समर्थन आगे भी करते रहेंगे। बता दें कि शहजाद पूनावाला ने 2017 में <nis:link nis:type=tag nis:id=कांग्रेस nis:value=कांग्रेस nis:enabled=true nis:link/> से इस्तीफा दिया था। इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हुए और लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते रहे। अब करीब नौ साल बाद उन्होंने बीजेपी से भी अलग होने का ऐलान किया है।

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स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳

आजादी केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि उन वीरों के बलिदान की विरासत है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि सच, लोकतंत्र और जनहित की आवाज़ को हमेशा बुलंद रखेंगे।

कलम की ताकत से सच कहना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची स्वतंत्रता है।

वंदे मातरम् 🇮🇳 जय हिंद!

— रितुराज तोमर
संपादक — ब्रेकिंग न्यूज़ वाला

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<nis:link nis:type=tag nis:id=ओरछा nis:value=ओरछा nis:enabled=true nis:link/> में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के कैंप को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कैंप की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई। वहीं, सूत्रों के अनुसार भीड़ जुटाने के लिए शहरी क्षेत्र की प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई थी।

क्या वाकई लोगों को कैंप की जानकारी नहीं दी गई? भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को क्यों दी गई? देखिए पूरा मामला VIDEO में।

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