
सोलन की बेटी ज्योति ठाकुर ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास
स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया हिमाचल और सोलन का गौरव, कंडाघाट में स्वागत का इंतजार
सोलन, 26 सितंबर। एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतकर सोलन की बेटी ज्योति ठाकुर ने जिले और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
ज्योति ठाकुर सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल के जखेड़ गांव से संबंध रखती हैं। यह उनका एशियाई खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भी वह 2022 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रही थीं और टीम ने स्वर्ण पदक जीता था।
परिवार को बेटी की उपलब्धि पर गर्व
ज्योति के पिता सुरेश ठाकुर, जो स्वयं पूर्व कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं, बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उनकी माता अनीता ठाकुर गृहिणी हैं। ज्योति की दो बड़ी बहनें अर्चना और कविता भी कबड्डी खिलाड़ी रही हैं और वर्तमान में वन विभाग में कार्यरत हैं।
सुरेश ठाकुर ने बताया कि जब ज्योति छोटी थीं, उस समय गांव में कबड्डी खेलने और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर बहुत कम मिलते थे। उन्होंने बताया कि परिवार ने शुक्रवार शाम ज्योति से फाइनल मुकाबले का समय जाना और फिर पूरा परिवार टीवी के सामने बैठकर मुकाबला देखता रहा।
चार साल की उम्र से शुरू किया कबड्डी का सफर
ज्योति ने महज चार वर्ष की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने कंडाघाट के सरकारी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और बाद में सोलन के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से कक्षा 12वीं की पढ़ाई की।
खेल के प्रति उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिले और उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के धर्मशाला स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम को मिली बड़ी सफलता
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए हैं। महिला कबड्डी टीम के स्वर्ण पदक ने एक बार फिर भारतीय खेलों में हिमाचल प्रदेश की प्रतिभा की मौजूदगी को उजागर किया है।
ज्योति के परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों को अब उनकी वापसी का इंतजार है, ताकि उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया जा सके।
सोलन की बेटी ज्योति ठाकुर की यह उपलब्धि जिले की उभरती महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।