नूरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आर-पार की लड़ाई, 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे अकिल बक्शी
50 बेड के मातृ-शिशु अस्पताल को पूरी तरह शुरू करने और सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग; पहले दी थी 30 सितंबर तक की समयसीमा
नूरपुर। नूरपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं रंजीत बक्शी जन कल्याण फाउंडेशन के निदेशक अकिल बक्शी ने अब आंदोलन का ऐलान किया है। मातृ-शिशु अस्पताल को पूरी तरह क्रियाशील करने तथा सिविल अस्पताल नूरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर बक्शी 2 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं।
अकिल बक्शी ने इससे पहले प्रशासन और सरकार को 30 सितंबर तक की समयसीमा दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि 50 बेड के मातृ-शिशु अस्पताल को निर्धारित समय तक पूरी तरह शुरू नहीं किया गया, तो 2 अक्टूबर से सिविल अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
दरअसल, नूरपुर का 50 बेड वाला मातृ-शिशु अस्पताल लंबे समय से चर्चा में है। यह अस्पताल वर्ष 2022 में उद्घाटित किया गया था, लेकिन लंबे समय तक भवन के बावजूद यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं। रिपोर्टों के अनुसार अस्पताल को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार किया गया था, लेकिन स्टाफ और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के अभाव में इसका संचालन प्रभावित रहा।
सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी उठते रहे हैं सवाल
अकिल बक्शी ने नूरपुर के 200 बेड वाले सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी लगातार आवाज उठाई है। अगस्त में उन्होंने अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, त्वचा रोग विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ समेत महत्वपूर्ण विशेषज्ञ पदों के खाली होने का मुद्दा उठाया था।
जून 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट में भी अस्पताल से तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक महीने के भीतर चले जाने का उल्लेख किया गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल में 17 डॉक्टर कार्यरत थे, जबकि स्वीकृत संख्या 34 थी।
हालांकि, सितंबर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नूरपुर सिविल अस्पताल में पांच नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद मातृ-शिशु अस्पताल को पूरी तरह चालू करने सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी मांगों को लेकर अकिल बक्शी ने अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
अब सबकी नजर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती पर रहेगी, जब अकिल बक्शी नूरपुर सिविल अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस आंदोलन से पहले क्या कदम उठाए जाते हैं और मातृ-शिशु अस्पताल को पूरी तरह संचालित करने की दिशा में क्या ठोस कार्रवाई होती है।
न्यूज टुडे हिमाचल | नूरपुर ब्यूरो
Civil Hospital, Nurpur