
लेखक गांव अंतरराष्ट्रीय महोत्सव–2026 का भव्य समापन, 60 देशों की सहभागिता से साहित्यिक संवाद को मिला वैश्विक मंच
थानो, देहरादून। लेखक गांव में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति एवं कला महोत्सव–2026 का भव्य समापन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा की उपस्थिति में हुआ। 60 देशों के प्रतिभागियों की सहभागिता वाले इस महोत्सव में साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
महोत्सव का शुभारंभ राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने किया था। समापन समारोह में मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय राज्य मंत्री ने ‘धरती का स्वर्ग उत्तराखंड’ और ‘देवभूमि का काव्य पुष्प’ पुस्तिकाओं का विमोचन किया। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से देश-विदेश के साहित्यकारों, कलाकारों और विचारकों को विचार साझा करने का अवसर मिला।
लेखक गांव की परिकल्पना पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने की थी। वर्तमान में लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं। इसका उद्देश्य साहित्यकारों, कलाकारों, विचारकों और युवाओं को एक साझा मंच प्रदान कर भारतीय ज्ञान परंपरा और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है।
महोत्सव ने हिंदी सहित भारतीय एवं स्थानीय भाषाओं, सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं को भी सामने रखा। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की दिशा में इस आयोजन को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पांच दिवसीय महोत्सव ने लेखक गांव को साहित्य और संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को नई गति दी। यहां विचारों, सृजन और सांस्कृतिक चेतना का संगम देखने को मिला, जिसने उत्तराखंड की साहित्यिक पहचान को वैश्विक मंच पर विस्तार देने का संदेश दिया।
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