
झारखंड के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर विश्वकर्मा समाज ने जताया शोक
पटना:झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन और खेलकूद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर देश में शोक की लहर है।
निधन पर शोक व्यक्त करते हुए विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेम नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि 56 वर्षीय मंत्री सुदीप्य कुमार सोनू का शनिवार की देर रात हृदय गति रुकने से निधन हो गया।
उन्होंने साधारण परिवार से निकलकर अपने संघर्ष, मेहनत,ईमानदारी और जनसेवा के बल पर मंत्री पद तक का सफर तय किया था।उनके निधन से न केवल झारखंड, बल्कि पूरे विश्वकर्मा समाज ने एक होनहार,कर्मठ,दूरदर्शी और मजबूत नेता को खो दिया।
वे गिरिडीह के हरसिंगरायडीह स्थित अपने आवास पर थे, जहां अचानक सीने में तेज दर्द के बाद परिजन उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
वे गिरिडीह से दो बार के विधायक और झामुमो के वरिष्ठ नेता थे। निधन से एक दिन पहले ही उन्होंने शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। डॉ.विश्वकर्मा ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना शिक्षा जगत और विश्वकर्मा समाज सहित पूरे सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। समाज के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों और जनसेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।
शोक व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से बढ़ई विश्वकर्मा संघ ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक डॉ.सुरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष दिनेश शर्मा, रमाकांत शर्मा,महेश शर्मा,प्रो.अमिताभ ज्ञान रंजन,नरेंद्र ठाकुर,भोला ठाकुर, नीरज कुमार शर्मा,रवि भूषण शर्मा,अमर नाथ शर्मा,संजय प्रकाश शर्मा, शुशील शर्मा, प्रो.(डॉ.)उर्मिला शर्मा,डॉ.नीति प्रभा,प्रभाकर शर्मा,सत्य नारायण शर्मा, ई.राजेंद्र शर्मा,विजय ठाकुर, प्रवीण कुमार शर्मा।