
कुल्लू दशहरा से पहले हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, देवता बंशीरा महाराज सिधवां को नहीं मिलेगा आधिकारिक निमंत्रण और विशेष सुविधाएं
शिमला/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव से पहले देवी-देवताओं को निमंत्रण देने और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने देवता बंशीरा महाराज सिधवां की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी है। याचिका में दशहरा उत्सव के दौरान अन्य आमंत्रित देवी-देवताओं की तरह निमंत्रण, बैठने के लिए स्थान और टेंट सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी। (Hindustan Times)
⚖️ क्या है पूरा मामला?
देवता बंशीरा महाराज सिधवां की ओर से मांग की गई थी कि उन्हें हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा जाए। साथ ही, दशहरा मैदान में बैठने की जगह, टेंट, तिरपाल और चटाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।
हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को दिए फैसले में याचिका खारिज करते हुए कुल्लू के उपायुक्त के 10 जनवरी 2025 के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने माना कि उपलब्ध रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता देवता के ऐतिहासिक महत्व और परंपरागत मान्यता को साबित करने वाले पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं। (News4Himachal)
📜 ऐतिहासिक रिकॉर्ड में नहीं मिला उल्लेख
सुनवाई के दौरान सामने आया कि देवता बंशीरा महाराज सिधवां वर्ष 1990 में मूल देवता बंशीरा से अलग होकर स्थापित हुए थे। मूल देवता का रथ वर्ष 2007 से कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग ले रहा है।
अदालत ने यह भी गौर किया कि संबंधित क्षेत्र के ऐतिहासिक राजस्व दस्तावेज, जिन्हें वाजिब-उल-अर्ज कहा जाता है, उनमें याचिकाकर्ता देवता का उल्लेख नहीं मिला। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें अन्य पारंपरिक रूप से आमंत्रित देवी-देवताओं के समान सुविधाएं देने की मांग स्वीकार नहीं की। (Hindustan Times)
🏕️ क्यों नहीं मिलेंगी विशेष सुविधाएं?
प्रशासन और दशहरा उत्सव समिति की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उत्सव में जगह और बजट सीमित हैं। यदि सभी नए या व्यक्तिगत देवताओं को समान सुविधाएं दी जाने लगें, तो व्यवस्थाओं को संभालना मुश्किल हो सकता है।
अदालत ने कुल्लू जिला देवता कारदार संघ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना। नए देवी-देवताओं को उत्सव में आमंत्रित करने के संबंध में सिफारिश करने में संघ की अहम भूमिका रहेगी। (Amar Ujala)
🙏 कब से शुरू होगा कुल्लू दशहरा?
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव 21 से 27 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष उत्सव के लिए 347 देवी-देवताओं और 20 देशों के कलाकारों को आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह उत्सव हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और परंपराओं का प्रमुख प्रतीक है। (News4Himachal)
निष्कर्ष: हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, देवता बंशीरा महाराज सिधवां को कुल्लू दशहरा में अन्य आमंत्रित देवी-देवताओं की तरह आधिकारिक निमंत्रण और विशेष सुविधाएं देने की मांग स्वीकार नहीं की गई है।
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Kullu, Kullu | Oct 18, 2026