
बाजपुर न्यूज
उत्तराखंड से 367 श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचा बाबा बूढ़ा अमरनाथ धाम
बाजपुर। उत्तराखंड से 367 श्रद्धालुओं का जत्था जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर स्थित मंडी में पवित्र बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी धाम पहुंचा। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर जलाभिषेक किया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन माह में देशभर से श्रद्धालु बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। वर्ष 2005 में आतंकी हमले के बाद यात्रा बाधित हुई थी। इसके बाद बजरंग दल ने यात्रा को पुन: संचालित करने की जिम्मेदारी लेते हुए इसे दोबारा शुरू कराया। तब से लगातार श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होकर बाबा के दर्शन करते आ रहे हैं।
प्रदेश मंत्री गौरक्षा दल एवं जिला अध्यक्ष एससी मोर्चा यशपाल राजहंस ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार रावण के दादा पुलस्त्य ऋषि वृद्धावस्था में अमरनाथ बर्फानी की यात्रा करने में असमर्थ होने पर पुंछ के मंडी क्षेत्र स्थित आश्रम में तपस्या करने लगे। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और उसी स्थान पर शिवलिंग प्रकट हुआ। इसी कारण सावन माह में बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी के स्वयंभू शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।
यात्रा के दौरान बाजपुर की अनमोल अंगना फाउंडेशन की संस्थापक अनीता शर्मा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष कुसुम सैनी एवं मातृशक्ति जिला संयोजिका लता गोयल द्वारा सीमा पर तैनात वीर सैनिकों के लिए राखियां भेजी गईं। मंदिर परिसर में दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति की बहनों ने सुरक्षा में तैनात सैनिकों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
इस दौरान बजरंग दल प्रांत संयोजक पूरन जोशी, जिला संयोजक अंकित पाल, प्रांत संयोजिका पूजा लटवाल, प्रांत परियोजना प्रमुख वरुण वशिष्ठ, जिला संयोजक अभिनव वर्मा, कंचन राजहंस, ओम राजहंस, लक्ष्मी बिष्ट, सुधा देवी, पर्मिला, संतोष रानी, प्रतिभा, राजकुमारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं मातृशक्ति मौजूद रही।
मातृशक्ति ने सैनिकों को राखी बांधकर संदेश दिया कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवान अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। श्रद्धालुओं ने बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी से सभी देशवासियों की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
हर हर महादेव। जय बाबा बूढ़ा अमरनाथ चट्टानी।🙏🙏