
सिटी सेंटर में हथौड़े के बाद DC Bokaro का एक्शन प्लान, अवैध कब्जों पर होगी नजर, फूड स्ट्रीट फार्मूला समाधान
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Bokaro: शहर के सिटी सेंटर में वैध दुकानों पर हथौड़ा चलाए जाने के बाद शनिवार को व्यवसायियों ने उपायुक्त अजय नाथ झा से मुलाकात कर अपनी परेशानी और नाराजगी जाहिर की। बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय स्थित उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया।
##‘हम वैध हैं, टैक्स और किराया देते हैं, फिर हम पर ही कार्रवाई क्यों?’
व्यवसायियों ने उपायुक्त से कहा कि सिटी सेंटर में हुई कार्रवाई से वे बेहद परेशान हैं। उनका कहना था कि वे वैध रूप से दुकानें संचालित करते हैं और नियमित रूप से किराया व विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद दुकानों पर हथौड़ा चलाए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सम्मान को भी ठेस पहुंची है।
व्यवसायियों ने कहा कि सिटी सेंटर में जहां वैध दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं पार्किंग क्षेत्र और अन्य स्थानों पर अतिक्रमण कर संचालित हो रही दुकानों और ठेलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने पार्किंग लॉट में बनी अवैध दुकानों और ड्रेनेज नालों पर लगी गुमटियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि नालियों पर अतिक्रमण के कारण जलजमाव की समस्या भी पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि हम ये नहीं कहते की उन्हें उजड़ा जाये, क्युकी उनके परिवार और उनकी उससे रोजी-रोटी जुड़ी हुई है, पर सिटी सेंटर के बेतरकीब ढंग से संचालित दुकानों को कही और शिफ्ट करें।
## ‘हथौड़ा चलाने का मैंने आदेश नहीं दिया’
व्यवसायियों की बात सुनने के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रखना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिटी सेंटर में दुकानों पर हथौड़ा चलाने का आदेश नहीं दिया था। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी को पत्र लिखा है।
उपायुक्त ने कहा कि अतिक्रमण की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बाद अचानक कार्रवाई करने से रोजगार, व्यवसाय और विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए अतिक्रमण की नियमित निगरानी और शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई जरूरी है।
##‘फूड स्ट्रीट’ के लिए अलग जगह विकसित करने का सुझाव
उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन को सिटी सेंटर के स्ट्रीट फूड कारोबारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि बीएसएल क्षेत्र में कम यातायात वाले उपयुक्त स्थानों को चिह्नित कर व्यवस्थित तरीके से फूड स्ट्रीट विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान पर छोटे दुकानदारों के लिए पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना व्यवसाय कर सकें और मुख्य बाजार को भी अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके।
##अलग-अलग जोन में हो नियमित निगरानी
उपायुक्त ने बीएसएल क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर नियमित निगरानी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि यदि अतिक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए तो भविष्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी और व्यवसायियों, दुकानदारों तथा प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी।
##व्यवस्थित फूड स्ट्रीट से रोजगार और शहर की खूबसूरती दोनों
उपायुक्त ने कहा कि देश के कई शहरों में फूड स्ट्रीट की सफल अवधारणा देखने को मिलती है। बीएसएल प्रबंधन भी समय-समय पर स्ट्रीट फूड से जुड़े आयोजन करता रहा है, जिन्हें शहरवासियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। इसी मॉडल को स्थायी और व्यवस्थित रूप देने पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थान पर फूड स्ट्रीट विकसित होने से छोटे दुकानदारों को रोजगार का अवसर मिलेगा, जबकि सिटी सेंटर का मुख्य बाजार अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रखा जा सकेगा। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण और उससे जुड़े विवाद तथा विधि-व्यवस्था की समस्याओं में भी कमी आएगी। उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन से उपयुक्त स्थल चिह्नित कर इस दिशा में सकारात्मक और ठोस पहल करने का आग्रह किया है।
Chas, Bokaro | Sep 12, 2026