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स्वतंत्रता दिवस विशेष | सारण की वीर बेटियां मलखाचक की सरस्वती और शारदा का साहस: अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी दो बेटियों की आवाज भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ देशभर में ‘करो या मरो’ की गूंज थी, तब सारण के मलखाचक की दो नाबालिग बहनों सरस्वती और शारदा ने भी संघर्ष की कमान संभाली। पिता की गिरफ्तारी के बाद दोनों बहनों ने आंदोलनकारियों का नेतृत्व किया और दिघवारा थाने पर तिरंगा फहराने के लिए जनसैलाब के साथ कूच किया। पुलिसिया दमन और गिरफ्तारी के बावजूद उनका साहस नहीं टूटा। जानिए स्वतंत्रता संग्राम के इस प्रेरक और कम चर्चित अध्याय की पूरी कहानी 👉 पूरी कहानी पढ़ें: लिंक कमेंट बॉक्स में/ वेबसाइट पर भी पढ़ें! ✍️ विशेष आलेख: धर्मेन्द्र रस्तोगी #QuitIndiaMovement | #KaawKaawNews | #Chapra | #Saran | #Malkhachak | #Dighwara - Chapra News