
छपरा शहर के प्रभुनाथ नगर से एक प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। योगेश्वर मिश्रा के पुत्र कुमार अंकित ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45वीं रैंक हासिल की है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के आधार पर उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) पद के लिए हुआ है। उनकी सफलता की खबर सामने आते ही परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
BPSC जैसी परीक्षा को बिहार की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण चयन कुछ ही उम्मीदवारों का हो पाता है। ऐसे में राज्य स्तर पर 45वीं रैंक हासिल करना कुमार अंकित की मेहनत, लगन और तैयारी की गुणवत्ता को दर्शाता है।
जैसे ही उनके चयन की सूचना लोगों तक पहुंची, घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, मित्रों और स्थानीय लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। यह सफलता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे छपरा शहर और सारण जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
अपनी सफलता पर कुमार अंकित ने विनम्रता दिखाते हुए इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि हर कठिन समय में परिवार और शिक्षकों ने उनका मार्गदर्शन किया और लगातार उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है।
कुमार अंकित की उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है जो BPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार किए जाएं, तो कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
एक साधारण परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और संकल्प की मिसाल भी है। छपरा और सारण जिले के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि कुमार अंकित एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के रूप में समाज और राज्य की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
Chapra, Saran | Jun 23, 2026