
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब और गरमा गया है। भोजपुर पुलिस ने इस मामले में 3 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पहली FIR में मृतक भरत तिवारी, उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि भरत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और परिवार को हथियार की जानकारी थी।
दूसरी FIR कथित मुठभेड़ को लेकर दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी ने पुलिस पर कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार, कारतूस और खोखे बरामद करने का दावा भी किया है।
वहीं तीसरी FIR भरत की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और एनएच-922 जाम को लेकर दर्ज की गई है। इसमें बेलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव समेत 14 लोगों को नामजद किया गया है।
दूसरी तरफ परिवार पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है। मां सुमन देवी का दावा है कि भरत ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। उन्होंने एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मामले को फेक एनकाउंटर बताते हुए बिहार सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में फेक एनकाउंटर की घटनाएं हुई हैं और आरा मामले को लेकर सम्राट चौधरी को माफी मांगनी चाहिए। अब सबकी नजर जांच पर है कि पुलिस का दावा सही साबित होता है या परिवार के आरोप।
"क्या यह पुलिस की आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी या फिर फर्जी एनकाउंटर? अपनी राय कमेंट में बताइए।"
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