
मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल द्वाराआज दिनांक 02 जून 2026 को जनपद के श्रीराम वाटिका इको पार्क ग्राम पंचायत बनाडी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक पर्यटन, कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, अभियंताओं एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की गयी। निरीक्षण के समय निम्नवत् स्थिति पायी गयीः-
निरीक्षण के दौरान अधोहस्ताक्षरी ने परियोजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ एवं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किए जाय। यह परियोजना चित्रकूट के पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके पूर्ण होने पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को एक नया एवं आकर्षक पर्यटन अनुभव प्राप्त होगा।
पर्यटन विभाग द्वारा शासनादेश संख्या 575/2023/आई/375964/001-41-1002-001- 73-2023-120-बजट-2023 दिनांक 25 अगस्त, 2023 के माध्यम से श्रीराम वाटिका इको पार्क पर्यटन विकास परियोजना हेतु रू0 1138.93 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक एवं आकर्षक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। निरीक्षण के समय लगभग 25 श्रमिक कार्य करते हुए पाये गये।
परियोजना में बाउंड्रीवाल, रेड स्टोन एवं मार्बल स्टोन कार्य, एम्फीथियेटर, गजेबो, पेवर ब्लॉक, ग्रेनाइट स्टोन फ्लोरिंग, रबर फ्लोरिंग पाथवे, टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर, बैठने हेतु बेंच, साइनेज, विभिन्न कलात्मक इंस्टॉलेशन एवं आर्टवर्क, परगोला, नालियों का सुधार एवं सफाई, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति व्यवस्था, बोरिंग, सबमर्सिबल पम्प, खेल उपकरण, गार्डन गजेबो, गार्ड रूम, हाईमास्ट, साउंड सिस्टम, लाउड स्पीकर, बाह्य विद्युतीकरण, प्रोजेक्शन एवं कम्युनिकेशन सिस्टम सहित अनेक विकास कार्य सम्मिलित हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि श्रीराम वाटिका इको पार्क का स्थान चित्रकूट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ’गणेश बाग’ के निकट होने के कारण विशेष महत्व रखता है। परियोजना में विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाएं तथा प्रस्तावित ’लेजर शो’ पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनेंगे। इससे चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ मनोरंजन एवं प्रकृति आधारित पर्यटन का एक अनूठा अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि परियोजना के सभी अपूर्ण कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा तकनीकी विशिष्टताओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित किसी भी प्रकार की बाधा अथवा समस्या का तत्काल निराकरण करते हुए कार्यों में अपेक्षित गति लाई जाए। यह परियोजना चित्रकूट को एक आधुनिक एवं आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधोहस्ताक्षरी द्वारा कार्यदायी संस्था को निर्देश प्रदान किये गये कि परियोजना को यथाशीघ्र पूर्ण कर आमजन एवं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जाए, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो सके।