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Rajasthan Police राजस्थानी कारीगर बन केरल की पहाड़ियों में घुसी ANTF, 7 साल से फरार 25 हजार इनामी तस्कर सरगना को दबोचा संगरिया की आवाज़। #जयपुर राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। 'ऑपरेशन मदाविकाढ़त' के तहत मध्य प्रदेश से पकड़े गए तस्कर रमेश बंजारा से मिले इनपुट के बाद एएनटीएफ ने 'ऑपरेशन यमलकमली' चलाया। इसके तहत टीम ने रमेश के समधी और मुख्य साझीदार रणजीत दायमा उर्फ रंजीत बंजारा (निवासी मनासा, नीमच) को केरल से गिरफ्तार किया है। फलोदी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर पिछले 7 साल से सुदूर दक्षिण भारत में फरारी काट रहे इस 25 हजार रुपए के इनामी अपराधी को पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने 'गेटवे टू मारवाड़' (राजस्थान) से 'गेटवे टू मालाबार' (केरल) तक करीब 2500 किलोमीटर का सफर तय किया। ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने रणजीत दायमा भले ही शिक्षित नहीं है, लेकिन कन्नड़, तेलुगु और मलयालम भाषाओं पर उसकी मजबूत पकड़ थी। केरल के शोरानूर क्षेत्र में वह इतनी धाराप्रवाह मलयालम बोलता था कि स्थानीय लोग उसे मलयाली ही समझते थे। इसी कारण वह वर्षों तक पुलिस से बचता रहा। कमीशन पर चलता था नेटवर्क जांच में सामने आया कि रमेश बंजारा सौदे तय करता था, जबकि रणजीत माल की सप्लाई और सुरक्षित ठिकानों से निकासी का जिम्मा संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपए प्रति किलो कमीशन मिलता था। जब भी कोई तस्कर 100 से 500 किलो तक डोडा-चूरा खरीदता, तो रणजीत को 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की मोटी कमाई हो जाती थी। केरल में कंबल की दुकान और रोज 150 KM का सफर फरारी के दौरान रणजीत ने केरल के वडकनचेरी में कंबल की दुकान खोल रखी थी। वह रोज मोटरसाइकिल से करीब 150 किलोमीटर घूमकर कंबल बेचता था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहती थी। बीच-बीच में वह राजस्थान और मध्यप्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को सक्रिय रखता था और पुलिस को भनक लगने से पहले ही वापस केरल भाग जाता था। पहाड़ियों में बिछाया जाल एएनटीएफ टीम ने शोरानूर पहुंचकर खुद को राजस्थानी कारीगर बताकर इलाके में रेकी की। पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की दुर्गम बस्तियों में मोटरसाइकिल पर कंबल बेचने गया है। टीम ग्राहक बनकर उसके पास पहुंची और बड़ी खरीद का लालच देकर उसे कार तक बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद रणजीत ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि माल तो हर तरफ जाता था… मुझे खुद नहीं पता कि मेरे खिलाफ कहां-कहां मुकदमे दर्ज हैं। मुझे यह भी नहीं पता कि मुझे पकड़ने कौन से राज्य की पुलिस आई है। गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम तस्कर रणजीत को अपने साथ लेकर केरल से राजस्थान लेकर आई है, जहां उससे अन्य नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। संगरिया की आवाज़ Bikaner Police Igp Bikaner Ganganagar Police Hanumangarh Police संगरिया पुलिस Government of Rajasthan

Sangaria, Hanumangarh | Jun 23, 2026

MORE NEWS

Hanumangarh Police 
यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
50 ऑटो-रिक्शा जब्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 चालकों सहित 71 वाहनों को किया सीज
संगरिया की आवाज़। 
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना  के निर्देशानुसार यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 ऑटो एवं रिक्शा सहित कुल 73 वाहनों को सीज किया। कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, फिटनेस, परमिट तथा चालकों की वैधता की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया।
थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि अभियान के दौरान 13 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन सीज किए गए। इसके अलावा 8 वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के सड़क पर संचालित होते पाए गए, उन्हें भी सीज किया।
उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अभियान के दौरान कुल 50 ऑटो एवं रिक्शा विभिन्न अनियमितताओं के कारण जब्त किए गए। इनमें कई वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों, बिना वैध परमिट तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। नियमों की पालना से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संगरिया की आवाज़ 
Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner

Hanumangarh Police यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई 50 ऑटो-रिक्शा जब्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 चालकों सहित 71 वाहनों को किया सीज संगरिया की आवाज़। हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना के निर्देशानुसार यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 ऑटो एवं रिक्शा सहित कुल 73 वाहनों को सीज किया। कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, फिटनेस, परमिट तथा चालकों की वैधता की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया। थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि अभियान के दौरान 13 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन सीज किए गए। इसके अलावा 8 वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के सड़क पर संचालित होते पाए गए, उन्हें भी सीज किया। उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान कुल 50 ऑटो एवं रिक्शा विभिन्न अनियमितताओं के कारण जब्त किए गए। इनमें कई वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों, बिना वैध परमिट तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। नियमों की पालना से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। संगरिया की आवाज़ Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

आओ स्कूल चले

आओ स्कूल चले

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

स्मार्ट सिटी संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़

स्मार्ट सिटी संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी! संगरिया की आवाज़। आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए। वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा। गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं। अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था? खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है। सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे। जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏 Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️ संगरिया की आवाज़

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

#स्मार्ट_सिटी_संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal  ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़

#स्मार्ट_सिटी_संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी! संगरिया की आवाज़। आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए। वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा। गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं। अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था? खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है। सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे। जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏 Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️ संगरिया की आवाज़

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

#रोटेरी_क्लब_संगरिया द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन स्वर्गीय पुनीत जैन व स्वर्गीय नव्या जैन की स्मृति में लगाया गया
संगरिया की आवाज़। 
 ये बच्चे हमारे सीनियर मेंबर पवन जैन के पुत्र व पुत्रवधू थे उनकी याद में प्रत्येक वर्ष ये कैंप लगाया जाता है जिसमें शहर के व्यापारी उनके दोस्त व मजूदर सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिसमें सुनील व सुमन वर्मा पति पत्नी और केवल कृष्ण व समिता जैन पति पत्नी ने रक्तदान किया कुल 60 यूनिट रक्त दान हुआ रोटरी अध्यक्ष विजय कमीरिया सचिव जितेंद्र ऐरी सहित क्लब मेंबर्स पवन सेठी, पवन जैन, पुरुषोत्तम मांव, विनोद सोनी, राकेश चकती, अर्जुन अंगी, राजेंद्र बंसल मोहित नागौरी अमित बागला ने सेवाएं दी । इस कैंप में बहुत से ऐसे भी डोनर थे जिन्होंने एक से ज्यादा बार रक्तदान किया जिसमें रंजीव मरेजा द्वारा 62वां रक्तदान किया गया । इस कैंप में तपोवन ब्लड बैंक द्वारा सेवाएं दी गई जिसके प्रभारी विनोद कुमार थे
इस कैंप में क्लब मेंबर्स जितेंद्र ऐरी, पवन जैन, विनोद सोनी, राकेश चकती ने भी रक्त दान किया
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh

#रोटेरी_क्लब_संगरिया द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन स्वर्गीय पुनीत जैन व स्वर्गीय नव्या जैन की स्मृति में लगाया गया संगरिया की आवाज़। ये बच्चे हमारे सीनियर मेंबर पवन जैन के पुत्र व पुत्रवधू थे उनकी याद में प्रत्येक वर्ष ये कैंप लगाया जाता है जिसमें शहर के व्यापारी उनके दोस्त व मजूदर सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिसमें सुनील व सुमन वर्मा पति पत्नी और केवल कृष्ण व समिता जैन पति पत्नी ने रक्तदान किया कुल 60 यूनिट रक्त दान हुआ रोटरी अध्यक्ष विजय कमीरिया सचिव जितेंद्र ऐरी सहित क्लब मेंबर्स पवन सेठी, पवन जैन, पुरुषोत्तम मांव, विनोद सोनी, राकेश चकती, अर्जुन अंगी, राजेंद्र बंसल मोहित नागौरी अमित बागला ने सेवाएं दी । इस कैंप में बहुत से ऐसे भी डोनर थे जिन्होंने एक से ज्यादा बार रक्तदान किया जिसमें रंजीव मरेजा द्वारा 62वां रक्तदान किया गया । इस कैंप में तपोवन ब्लड बैंक द्वारा सेवाएं दी गई जिसके प्रभारी विनोद कुमार थे इस कैंप में क्लब मेंबर्स जितेंद्र ऐरी, पवन जैन, विनोद सोनी, राकेश चकती ने भी रक्त दान किया संगरिया की आवाज़ District Collector & Magistrate - Hanumangarh

Sangaria, Hanumangarh | Jun 21, 2026