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संगरिया की आवाज़

@sangariakiaawaz
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🌿 विकास के नए संकल्प के साथ एक नई शुरुआत 🌿
वार्ड नं. 31 के विकास, स्वच्छता, सुविधा और बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ
संगरिया की आवाज़। 
श्रीमती सुलोचना कड़वासरा के चुनावी कार्यालय का शुभ मुहूर्त आज शाम 5:00 बजे आयोजित होने जा रहा है।
यह सिर्फ एक चुनावी कार्यालय का शुभारंभ नहीं, बल्कि वार्ड के विकास के लिए एक नई सोच, नई ऊर्जा और नए संकल्प की शुरुआत है।
आप सादर आमंत्रित है 💐
✨ ईमानदार सोच • साफ नीयत • पक्का इरादा ✨
श्रीमती सुलोचना कड़वासरा का संकल्प है कि वार्ड में साफ-सुथरी सड़कें, हरियाली, शिक्षा एवं युवाओं के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, महिलाओं का सम्मान एवं सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।
🙏 इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नई शुरुआत वार्ड नं. 31 के विकास और जनसेवा के लिए सफल एवं शुभ साबित हो।
विकास की राह, साथ आपका — प्रयास हमारा।
आपका विश्वास • हमारी जिम्मेदारी • विकसित वार्ड 31
Vijay Singh Beniwal  ✍️ 
संगरिया की आवाज़  

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Video 1
🚔 संगरिया में पुलिस प्रशासन की सक्रियता, अपराध नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक
संगरिया की आवाज़ 
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आज आईजी बीकानेर रेंज श्री ओमप्रकाश जी के संगरिया पहुंचने पर उप अधीक्षक पुलिस कार्यालय में पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर पेश कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
आईजी महोदय ने आज श्रीगंगानगर सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। संगरिया में इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक बठिंडा जगदीश बिश्नोई, जिला पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर हरिशंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई, पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल छाबा, थाना प्रभारी अमरसिंह सहित पुलिस विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
‘आवाज वार्ता’ में आईजी श्री ओमप्रकाश जी ने बताया कि आगामी चुनावों को देखते हुए इंटरस्टेट क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण, अवैध शराब के आवागमन पर रोक, स्टैंडिंग वारंटियों की धरपकड़ तथा गैंग्स की गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं एवं डाटा का आपसी आदान-प्रदान कर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर एवं सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
इस अवसर पर मेरे द्वारा भी जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ बी. आदित्य के नेतृत्व में नशे के विरुद्ध की जा रही ताबड़तोड़ एवं प्रभावी पुलिस कार्रवाइयों के लिए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया।
नशे के खिलाफ सख्ती और अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस प्रशासन की सक्रियता निश्चित रूप से संगरिया सहित पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश है। आमजन की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की यह सक्रियता सराहनीय है। 👏
Vijay Singh Beniwal ✍️
संगरिया की आवाज़।— जनता की आवाज़
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🌿 विकास के नए संकल्प के साथ एक नई शुरुआत 🌿
वार्ड नं. 31 के विकास, स्वच्छता, सुविधा और बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ
संगरिया की आवाज़। 
श्रीमती सुलोचना कड़वासरा के चुनावी कार्यालय का शुभ मुहूर्त आज शाम 5:00 बजे आयोजित होने जा रहा है।
यह सिर्फ एक चुनावी कार्यालय का शुभारंभ नहीं, बल्कि वार्ड के विकास के लिए एक नई सोच, नई ऊर्जा और नए संकल्प की शुरुआत है।
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🙏 इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
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Vijay Singh Beniwal ✍️ 
संगरिया की आवाज़ 

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🌿 विकास के नए संकल्प के साथ एक नई शुरुआत 🌿
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🙏 इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
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Vijay Singh Beniwal ✍️ 
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श्रीमती सुलोचना कड़वासरा का संकल्प है कि वार्ड में साफ-सुथरी सड़कें, हरियाली, शिक्षा एवं युवाओं के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, महिलाओं का सम्मान एवं सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।
🙏 इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नई शुरुआत वार्ड नं. 31 के विकास और जनसेवा के लिए सफल एवं शुभ साबित हो।
विकास की राह, साथ आपका — प्रयास हमारा।
आपका विश्वास • हमारी जिम्मेदारी • विकसित वार्ड 31
Vijay Singh Beniwal ✍️ 
संगरिया की आवाज़ 

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Bharatiya Janata Party (BJP) ने GenZ तक पहुंच बनाने के लिए बनाई स्पेशल टीम, जानें किस-किसको किया गया शामिल 
संगरिया की आवाज़। 
बीजेपी ने GenZ तक पहुंच बनाने के लिए एक टीम का गठन किया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंत्रियों को युवाओं से जुड़ाव मज़बूत करने के निर्देश दिए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया। बकौल रिपोर्ट्स, टीम में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत अन्य नेता शामिल हैं।

इससे पहले पीएम मोदी ने GenZ तक पहुंच बनाने के लिए.... ...इंस्टाग्राम रील्स भी शेयर की थीं
संगरिया की आवाज़
भारत के पास समुद्र में डूबा चीनी क्रू वाला जहाज़ 
संगरिया की आवाज़। 
PTI के मुताबिक, पनामा झंडे वाला एक कार्गो जहाज़ बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट से करीब 444 किलोमीटर दूर डूब गया है। जहाज़ पर 24 क्रू मेंबर सवार थे जिनमें अधिकांश चीनी नागरिक थे। सिंगापुर जा रहा यह जहाज़ ओडिशा से आयरन ओर लेकर रवाना हुआ था। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

जहाज़ शुक्रवार को ओडिशा तट से रवाना हुआ था
संगरिया की आवाज़
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रिपोर्ट आ गई, अब जवाबदेही किसकी? जल और सड़क सुरक्षा पर CAG के बाद अगला कदम क्या होगा
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> में जल जीवन मिशन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर नियंत्रक व महा लेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब चर्चा का केंद्र केवल ऑडिट में सामने आए निष्कर्ष नहीं, बल्कि उन पर सरकार और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई है। राज्य से जुड़ी CAG की कई रिपोर्टें आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हुईं। इनमें जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन और सड़क सुरक्षा प्रणाली पर निष्पादन लेखापरीक्षा रिपोर्ट भी शामिल हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=ऑडिट nis:value=ऑडिट nis:enabled=true nis:link/> में दर्ज आपत्तियों और कमियों के बाद सुधार की प्रक्रिया क्या होगी
नई रिपोर्ट को पुराने तरीके से केवल “CAG ने खामियां गिनाईं” वाली खबर के रूप में देखने के बजाय अब बड़ा सवाल यह है कि ऑडिट में दर्ज आपत्तियों और कमियों के बाद सुधार की प्रक्रिया क्या होगी, किस विभाग को जवाब देना होगा और इसका असर आम लोगों की सुविधा पर कब दिखाई देगा?

<nis:link nis:type=tag nis:id=रिपोर्ट nis:value=रिपोर्ट nis:enabled=true nis:link/> आने के बाद असली परीक्षा अब शुरू
CAG की रिपोर्ट किसी योजना या विभाग पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं होती। यह संवैधानिक लेखापरीक्षा संस्था की ओर से सरकारी कामकाज, खर्च और योजना के क्रियान्वयन की जांच के निष्कर्ष सामने रखती है।

इसलिए रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण संबंधित विभागों की Action Taken Report, जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई से जुड़ता है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> के मामले में यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों रिपोर्टें सीधे नागरिकों से जुड़े क्षेत्रों पर हैं। जल जीवन मिशन का संबंध ग्रामीण परिवारों के पेयजल से है, जबकि सड़क सुरक्षा का सीधा संबंध सड़क पर चलने वाले लोगों की जान-माल की सुरक्षा से है। यानी अब सवाल रिपोर्ट से आगे बढ़कर रिपोर्ट पर कार्रवाई का है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=जल_जीवन_मिशन: nis:value=जल_जीवन_मिशन: nis:enabled=true nis:link/> नल कनेक्शन से आगे अब पानी की निरंतरता
CAG की Report No. 4 of 2026 राजस्थान में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की Performance Audit है। यह मार्च 2024 को समाप्त वर्ष से संबंधित है और इसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से अगस्त 2019 से मार्च 2024 तक मिशन के क्रियान्वयन से जुड़ी गतिविधियों को ऑडिट के दायरे में लिया गया।

इस रिपोर्ट का महत्व इसलिए है क्योंकि जल जीवन मिशन का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि किसी गांव या परिवार तक पाइपलाइन या नल पहुंचा या नहीं।

ग्रामीण परिवार के लिए असली सवाल इससे आगे हैं—

नल से पानी कितनी नियमितता से आया?

पानी की उपलब्धता कितनी टिकाऊ रही?

बनी हुई व्यवस्था का रखरखाव किस तरह हुआ?

योजना पर किया गया खर्च वास्तविक सुविधा में कितना बदला?

यही वजह है कि अब रिपोर्ट के बाद सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऑडिट में उठाए गए मुद्दों पर सुधारात्मक कार्रवाई को जमीन तक पहुंचाना होगी।

पांच साल से ज्यादा पुरानी अवधि का ऑडिट, लेकिन असर आज पर
यहां एक अहम तथ्य भी समझना जरूरी है। जल जीवन मिशन की CAG रिपोर्ट मार्च 2024 तक की अवधि को कवर करती है। यानी रिपोर्ट में जिन गतिविधियों की जांच हुई, वे वर्तमान तारीख से पूरी तरह ताजा नहीं हैं। CAG के आधिकारिक रिकॉर्ड में ऑडिट अवधि अगस्त 2019 से मार्च 2024 बताई गई है।

इसका अर्थ यह नहीं कि रिपोर्ट आज अप्रासंगिक हो गई। बल्कि इसका महत्व इस बात में है कि ऑडिट ने उस अवधि में योजना के क्रियान्वयन की व्यवस्था और परिणामों की जांच की है।

अब सरकार के सामने दो अलग सवाल होंगे—उस समय जो कमियां थीं, क्या वे दूर हो चुकी हैं? और अगर नहीं, तो उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए?

यही फॉलो-अप रिपोर्टिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

आम जनता को इससे क्या मिलेगा?
किसी भी सरकारी ऑडिट का अंतिम मूल्यांकन कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर होता है।

अगर जल जीवन मिशन से जुड़ी कमियों पर सुधार होता है, तो इसका असर ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली पेयजल सुविधा में दिखाई देना चाहिए।

अगर सड़क सुरक्षा से जुड़ी कमियों पर कार्रवाई होती है, तो उसका असर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान, सड़क सुरक्षा उपायों और यातायात व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए।

यानी जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि CAG ने कितने पन्नों की रिपोर्ट जारी की, बल्कि यह है कि रिपोर्ट के बाद व्यवस्था कितनी बदली।

<nis:link nis:type=tag nis:id=रिपोर्ट nis:value=रिपोर्ट nis:enabled=true nis:link/> में कितने हिस्से हैं?
CAG के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जल जीवन मिशन की रिपोर्ट में कार्यकारी सारांश, सात अध्याय और परिशिष्ट उपलब्ध हैं। रिपोर्ट को 21 अगस्त 2026 को सदन में रखे जाने की तारीख दर्ज की गई है। इसे सरकार को 27 मार्च 2026 को भेजे जाने का रिकॉर्ड भी CAG पोर्टल पर उपलब्ध है।

सड़क सुरक्षा रिपोर्ट में कार्यकारी सारांश, चार अध्याय और परिशिष्ट हैं। इसे भी 21 अगस्त 2026 को टेबल किए जाने की तारीख दर्ज है और रिपोर्ट 24 फरवरी 2026 को सरकार को भेजे जाने का रिकॉर्ड उपलब्ध है।

इससे एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है—रिपोर्ट सार्वजनिक होने की तारीख और सरकार को रिपोर्ट भेजे जाने की तारीख अलग हो सकती है। इसलिए खबर में केवल “रिपोर्ट अब तैयार हुई” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=अब nis:value=अब nis:enabled=true nis:link/> आगे क्या देखना चाहिए?
आने वाले दिनों में राजस्थान सरकार और संबंधित विभागों की ओर से रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया, विभागीय जवाब और सुधारात्मक कदम महत्वपूर्ण होंगे।

विशेष रूप से यह देखना होगा कि जल जीवन मिशन में ऑडिट के दौरान सामने आए मुद्दों पर अब क्या स्थिति है और सड़क सुरक्षा व्यवस्था में कौन-से बदलाव किए गए हैं।

इसके अलावा विधानसभा की संबंधित प्रक्रिया और CAG रिपोर्टों पर आगे होने वाली कार्रवाई भी निगरानी का विषय होगी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=cag nis:value=CAG nis:enabled=true nis:link/> ने जो बताया, उस पर राजस्थान सरकार ने क्या बदला?
बहरहाल,जल जीवन मिशन की ऑडिट अवधि अगस्त2 019 से मार्च 2024 रही, जबकि सड़क सुरक्षा की Performance Audit 2018-19 से 2024-25 तक चली। सड़क सुरक्षा रिपोर्ट में नवंबर 2025 तक की कुछ घातक दुर्घटनाओं के संदर्भ भी शामिल किए गए। इसलिए आगे की पड़ताल का सवाल साफ है—CAG ने जो बताया, उस पर राजस्थान सरकार ने क्या बदला? यही सवाल जल, सड़क और सरकारी जवाबदेही—तीनों को एक साथ जोड़ता है। और इसी जवाब में इस रिपोर्ट का वास्तविक असर दिखाई देगा।
संगरिया की आवाज़ 
 DhruvRaj Godara 
Premsukh Godara PMO India Raj Kumar Jain
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
Abhimanyu Poonia
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
अभिमन्यु पूनिया
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
Sangaria Matdaan Maha Abhiyaan <nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया_नगरपालिका_आम_चुनाव: nis:value=संगरिया_नगरपालिका_आम_चुनाव: nis:enabled=true nis:link/> रिटर्निंग अधिकारी ने मतदान केंद्रों का किया व्यापक निरीक्षण, व्यवस्थाओं के दिए निर्देश
संगरिया की आवाज़। 
संगरिया रिटर्निंग अधिकारी जय कौशिक ने नगरपालिका क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर चुनाव के सफल, सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका पवन कुमार को निर्देश दिए कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर स्पष्ट रूप से मतदान केंद्र का नाम, संबंधित वार्ड संख्या तथा मतदान केंद्र संख्या अंकित की जाए जिससे मतदानकर्ताओं को चुनाव के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मतदान कर्मियों के बैठने की व्यवस्था तथा सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। शनिवार को निरीक्षण स्थानों में किसान शहीद स्मारक खालसा‌ स्कूल, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय नंबर 2, एलबीएस स्कूल, राउप्रावि वार्ड नंबर 1, बीएन उमावि, ग्रावि बालिका उच्च माध्यमिक, पीएम श्री राउमावि स्टेट स्कूल, एसकेएम पब्लिक स्कूल, स्वामी केशवानंद कालेज, मानव मंगल महिला शिक्षा महाविद्यालय, डीआर स्कूल और डीसी स्कूल शामिल रहे।
रिटर्निंग अधिकारी ने प्रत्येक बूथ पर प्रवेश-निकास मार्ग साफ और सुगम रखने,
दिव्यांग तथा बुजुर्ग मतदाताओं के लिए प्रविष्टि पर सुविधाएँ और रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh
संगरिया में ✋ टिकटों की चौपाल: सलाम-मशवरे से लेकर हिसाब-किताब तक!
संगरिया की आवाज़। 
संगरिया नगर निकाय चुनाव को लेकर आज विधायक Abhimanyu Poonia की अध्यक्षता में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक में टिकट के इच्छुक दावेदारों से सलाम-मशवरा हुआ। अब असली खेल शुरू है—किसके हाथ टिकट आएगी और कौन हाथ मलता हुआ वापस जाएगा, इसका शीशा कल तक साफ होने की उम्मीद है।
लेकिन कांग्रेस की इस टिकट चौपाल में असली दिलचस्पी टिकट से ज्यादा टिकट के बाद के रिश्तों में है।
क्योंकि सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि टिकट किसे मिलेगी?
सवाल यह भी है कि जिसे टिकट नहीं मिली, वह पार्टी के फैसले को मां का आशीर्वाद मानकर गले लगाएगा या फिर अगले ही दिन निर्दलीय पर्चा लेकर मैदान में दिखाई देगा?
और अगर निर्दलीय मैदान में उतरा तो पुराने बागियों से हाथ मिलेगा या नए समीकरणों की कोई ऐसी खिचड़ी पकेगी, जिसकी खुशबू चुनाव परिणाम तक आती रहेगी?
बैठक में एक उम्रदराज वरिष्ठ नेता भी अपने पुराने राजनीतिक अध्यायों की नई व्याख्या करते नजर आए। चर्चा यह रही कि परिवार के पार्षद रहते हुए जिन पर समय-समय पर गोलमाल के आरोपों की फुसफुसाहट होती रही, जिन्होंने कथित तौर पर कांग्रेस के नाम पर लिए गए फार्म हाउस के रास्ते किसी और के मार्फत पहुंचाए—वे भी आजकल अपने राजनीतिक चरित्र का प्रमाणपत्र खुद ही जारी करते दिखाई दे रहे हैं।
राजनीति भी गजब की चीज है साहब!
यहां कल तक जो हिसाब मांग रहा था, आज खुद हिसाब देने से बचता है और कल तक जिस पर सवाल उठ रहे थे, आज वही खुद को दूध का धुला हुआ साबित करने में लगा है। 😜

इसी बीच एक कार्यकर्ता ने विधायक जी सहित पार्टी के जिम्मेदार लोगों को साफ संदेश दे दिया कि कांग्रेस के टिकट पर जीतकर बाद में लालच की नजरों से इधर-उधर लाभ तलाशने वालों का हिसाब भी पार्टी को चुकता करना चाहिए।
बात कड़वी है, लेकिन चुनाव के मौसम में कड़वी बातें ही सबसे ज्यादा असर करती हैं।
उधर चार बार पार्षद रह चुके एक वृद्धोंव्य नेता के वार्ड में इस बार महिला आरक्षण आने के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर लिया है। अब सवाल यह है कि यह स्वेच्छा से लिया गया त्याग है या आरक्षण का राजनीतिक आदेश? 😜

इसका जवाब तो वही बेहतर दे सकते हैं।
फिलहाल संगरिया कांग्रेस में टिकट की दौड़ तेज है।
एक टिकट के लिए कई दावेदार,
एक वार्ड के लिए कई समीकरण,
और एक फैसले के बाद कई नए रिश्ते!
कल तक तस्वीर साफ होगी, लेकिन राजनीति में तस्वीर साफ होने के बाद भी कहानी खत्म नहीं होती।
क्योंकि असली मजा तो तब आएगा जब टिकटों की सूची जारी होगी और पता चलेगा कि कौन कांग्रेस के साथ खड़ा है, कौन निर्दलीय होकर खड़ा है और कौन किसी और के साथ खड़ा है!
संगरिया की राजनीति में अभी सलाम-मशवरा चल रहा है…
कल से शायद सलाम और सवाल—दोनों का दौर शुरू हो जाए!
Vijay Singh Beniwal ✍️
संगरिया की आवाज़ — राजनीति पर नजर भी, सवाल भी।
Indian National Congress 
Sachin Pilot 
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<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> : फर्जी कागज बनाकर विदेशों में भेजे 815 करोड़, सीए के दफ्तर से चल रहा था पूरा खेल, आयकर विभाग ने मारा छापा
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=श्रीगंगानगर_रायसिंहनगर nis:value=श्रीगंगानगर_रायसिंहनगर nis:enabled=true nis:link/> शहर में बीते मंगलवार एक सीए के कार्यालय में आयकर विभाग की टीम की छापेमारी के बाद अरबों रुपए के फर्जी विदेशी रेमिटेंस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आयकर विभाग के अनुसार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 815 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजे जाने का मामला सामने आया है। विभाग की जांच के आधार पर चार्टर्ड अकाउंटेंट शेरिल गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और कथित फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने के आरोप में आयकर विभाग (जांच) श्रीगंगानगर के उप निदेशक कन्हैया लाल मीना की ओर से शुक्रवार को पुलिस में मामला दर्ज करवाया है।

18 अगस्त को जयपुर से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने पुरानी धान मंडी स्थित मैसर्स शेरिल गुप्ता एसोसिएट के कार्यालय पर सर्वे किया था। सर्वे में पाया गया कि सीए शेरिल गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान कुल 1674 फॉर्म 15 सीबी जारी किए। विभाग के अनुसार इनमें से 1405 फॉर्म 15सीबी का डेटा डाउनलोड किया जा सका, जिससे पता चला कि 56 अलग-अलग रेमिटर कंपनियों और व्यक्तियों के जरिए 8 अरब 15 करोड़ 52 लाख 13 हजार 553 रुपए विदेश भेजे गए हैं। बाकी 269 फॉर्म 15 सीबी का डेटा डाउनलोड न हो पाने से विभाग को आशंका है कि घोटाले की रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है।

क्या है 15 सीबी?
फॉर्म 15 सीबी वह अनिवार्य प्रमाण पत्र है, जो भारत से बाहर पैसा भेजने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा यह प्रमाणित करने के लिए दिया जाता है कि संबंधित रकम पर टैक्स देनदारी क्या है और डीटीएए का लाभ सही है या नहीं।

फर्जी कंपनियों का जाल
आईआईएफ रिपोर्ट में 56 एंटिटी को शेल या बोगस बताया गया है। इनका नेटवर्क कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, गोवा, हिमाचल, पंजाब और राजस्थान तक फैला है। जांच में कई कंपनियां या तो आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं या कम टर्नओवर दिखा रही थीं, जबकि फ्रेट, शिपिंग और सॉफ्टवेयर सेवाओं के नाम पर विदेशों में बड़ी रकम भेजी गई।

सबसे बड़ा मामला बेंगलुरु के अरशद खान से जुड़ा
रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ा मामला बेंगलुरु के अरशद खान से जुड़ा है। उसके जरिए 990 ट्रांजेक्शन में 610.55 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए। केरल के कोच्चि में एक ही पते से संचालित दो एंटिटी के जरिए 44.63 करोड़ और 28.17 करोड़ रुपए भेजे गए। गुजरात की एल कॉमेटिडो मरीन शिपिंग ने 39.96 करोड़ रुपए विदेश भेजे। इसके अलावा मुंबई, कांगड़ा, भुवनेश्वर और गुरुग्राम की कंपनियां भी संदिग्ध लेन-देन में शामिल बताई गई हैं।

ऐसे हुआ करोड़ों का खेल
आयकर विभाग के अनुसार नियम 37 बीबी के तहत विदेश में भुगतान भेजने के लिए फॉर्म 15 सीबी जारी करते समय चार्टर्ड अकाउंटेंट को रेमिटर और विदेशी प्राप्तकर्ता के बीच हुए करार, बिल, बही-खाते तथा टीडीएस की दर की गहन जांच करनी होती है। आरोप है कि संबंधित सीए ने इन जरूरी दस्तावेजों की जांच किए बिना ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए। वहीं सर्वे के दौरान लिए गए बयान में आरोपी सीए ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने दस्तावेज और बही-खाते देखे बिना प्रमाण पत्र जारी किए।

विभाग का आरोप है कि यह काम अवैध आर्थिक लाभ के लिए किया गया। आयकर विभाग के मुताबिक बिना टीडीएस काटे और वास्तविक सेवा के अभाव में विदेशों में रकम भेजना भारतीय रिजर्व बैंक के प्रावधानों तथा एफईडी मास्टर डायरेक्सन का उल्लंघन है।

विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर
आयकर विभाग का आरोप है कि गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर विदेश में रकम भेजी गई, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को नुकसान हुआ। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 234, 229 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले में 21 अगस्त को रायसिंहनगर थाने में सीए और 56 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।
संगरिया की आवाज़ 
DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan Government of Rajasthan
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
K K Jain
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> ✋
<nis:link nis:type=tag nis:id=जयराम_ढुकिया nis:value=जयराम_ढुकिया nis:enabled=true nis:link/>
Chetna Radio 90.4 FM 
शानदार पांच साल 
हार्दिक शुभकामनाएं 💐🇮🇳💐
राज्य स्तरीय अण्डर 16 पुरुष प्रतियोगिता हेतु हनुमानगढ़ टीम का चयन ट्रायल 26 अगस्त को। 
संगरिया की आवाज़। 
राज्य स्तरीय अण्डर 16 पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हनुमानगढ़ जिले की प्रतिनिधि टीम के चयन हेतु  चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रायल बुधवार, दिनांक 26 अगस्त  2026 को प्रातः 07:30 बजे से जिला क्लब क्रिकेट मैदान, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित होगा। इस दौरान खिलाड़ियों को मेडिकल परीक्षण से भी अनिवार्य रूप से गुजरना  होगा।

जिला क्रिकेट संघ, हनुमानगढ़ के सचिव श्री मनीष धारणिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रायल में भाग लेने की पात्रता केवल हनुमानगढ़ जिले के मूल निवासी खिलाड़ियों की ही होगी। 

उक्त चयन ट्रायल  हेतु  01-09-2010 से 31-08-2012 के मध्य जन्मे खिलाड़ी ही पात्र होंगे। 

 इच्छुक खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय का पालन करते हुए निर्धारित तिथि व स्थान पर प्रातः 07:30 बजे उपस्थित रहें।

ट्रायल में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को नीचे दर्शाए गए दस्तावेजों की मूल एवं स्वप्रमाणित छायाप्रतियों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है:
 • खिलाड़ी एवं उनके पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र / वैध पासपोर्ट
 • खिलाड़ी, माता एवं पिता का आधार कार्ड (खिलाड़ी के आधार कार्ड की फोटो 01 अप्रैल 2026 या उसके बाद की हो )
 • राशन कार्ड
 • पिछले तीन वर्षों की शैक्षणिक अंक तालिकाएं
 • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की दो रंगीन फोटो

इसके अतिरिक्त, सभी खिलाड़ियों को ट्रायल के दौरान  निर्धारित सफेद  क्रिकेट किट पहनकर आना अनिवार्य होगा।

संघ ने जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है। 
चयन समिति द्वारा चयनित टीम हनुमानगढ़ का प्रतिनिधित्व आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में करेगी।
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh 
Blue Bells Cricket Academy 05 NTW Sangaria
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> में घग्गर नदी के पेट में मिट्टी की भर्ती… और शहर की खामोशी क्यों?
संगरिया की आवाज़। 
पूरे देश और प्रदेश में इन दिनों नदी, नालों, जोहड़ों और पायतन की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने का प्रयास चल रहा है। उद्देश्य साफ है—नदियों को चौड़ा किया जाए, नालों का प्राकृतिक प्रवाह सुचारू हो, जलभराव की समस्या कम हो और गांवों के जोहड़ों को पुनर्जीवित किया जा सके।
लेकिन इसी बीच हनुमानगढ़ जिले की घग्गर नदी, जिसे प्राचीन सरस्वती नदी से भी जोड़ा जाता है, को लेकर एक बेहद गंभीर सवाल सामने खड़ा है।
घग्गर नदी के अंदर, दीवार के पीछे चुपचाप मिट्टी की भर्ती चल रही है… और शहर खामोशी से सब कुछ देख रहा है।
सवाल यह नहीं है कि मिट्टी कौन डाल रहा है?
सवाल यह है कि मिट्टी डालने की अनुमति किसने दी?
कौन सा विभाग इसके आदेश दे रहा है?
किस नियम के तहत नदी की भूमि को भरा जा रहा है?
अगर यह किसी की निजी भूमि थी तो फिर इसके आगे पुल की दीवार क्यों बनाई गई थी?
अगर यह नदी की भूमि नहीं थी तो तटबंध यहां तक क्यों बनाया गया था?
और अगर यह नदी का हिस्सा था, तो फिर आज इसे मिट्टी डालकर भरने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है?
सबसे बड़ा सवाल—क्या नदी, नाले, जोहड़ और पायतन की भूमि को बचाने के लिए बनाए गए तमाम नियम और सरकारी आदेश हनुमानगढ़ में लागू नहीं होते?
एक तरफ जंगलों और सरकारी जमीनों से कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी तरफ शहर के बीचोंबीच घग्गर नदी के क्षेत्र में मिट्टी की भर्ती होती दिखाई दे रही है।
क्या नदी-नालों के लिए कानून अलग है और बाकी सरकारी जमीन के लिए अलग?
या फिर यहां भी आंकड़ों की जादूगरी में करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन का खेल होने वाला है?
आज जरूरत किसी पर सीधे आरोप लगाने की नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष और सार्वजनिक जांच की है।
जनता जानना चाहती है—
👉 यह जमीन किसकी है?
👉 राजस्व रिकॉर्ड में इसका दर्जा क्या है?
👉 घग्गर नदी की वास्तविक सीमा कहां तक है?
👉 यहां मिट्टी डालने की अनुमति किस विभाग ने दी?
👉 अनुमति किस अधिकारी ने जारी की?
👉 किस नियम और किस आदेश के तहत दी गई?
👉 क्या जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग या नगर निकाय से इसकी अनुमति ली गई?
👉 अगर अनुमति नहीं है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
👉 नदी के प्राकृतिक बहाव और भविष्य के जलभराव पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
👉 क्या इस भूमि का भू-उपयोग बदला गया है?
👉 और सबसे महत्वपूर्ण—क्या करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति को धीरे-धीरे निजी लाभ की जमीन में बदलने की तैयारी तो नहीं?
हनुमानगढ़ की जनता को इन सवालों के जवाब चाहिए।
और सवाल सिर्फ प्रशासन से नहीं है।
तथाकथित जागरूक लोग कहां हैं?
पत्रकार कहां हैं?
यूट्यूब चैनल कहां हैं?
डिजिटल मीडिया कहां है?
सोशल मीडिया के तथाकथित जागरूक प्रहरी कहां हैं?
टायर-ट्यूब की तरह हर मुद्दे पर घूमने वाले लोग आज इस मुद्दे पर खामोश क्यों हैं?
आखिर ऐसा क्या है कि इतना बड़ा काम शहर के बीचोंबीच हो और किसी को दिखाई ही न दे?
हम सब अपनी आंखों के सामने अगर ऐसे काम होते देखते रहें और फिर भी चुप रहें, तो कल सवाल सिर्फ प्रशासन से नहीं होगा—हमसे भी होगा।
आज सवाल पूछना जरूरी है।
कौन करवा रहा है?
किसके लिए करवा रहा है?
किसकी अनुमति से करवा रहा है?
और किसके हित में नदी की जमीन को भरा जा रहा है?
अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है तो प्रशासन सामने आए और जनता को दस्तावेज दिखाए।
अगर नियमों के विरुद्ध है तो तत्काल काम रुकवाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
क्योंकि नदी किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होती।
नदी का प्राकृतिक बहाव आने वाली पीढ़ियों की विरासत है।
आज घग्गर का रास्ता संकरा होगा तो कल बरसात का पानी रास्ता खुद बनाएगा।
और उस दिन नुकसान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं होगा—पूरा शहर भुगतेगा।
कभी हम बाढ़ के पानी को दोष देते हैं, कभी प्रशासन को, कभी मौसम को।
लेकिन अगर हम आज ही नदी के प्राकृतिक रास्ते को रोकने लगेंगे, तो कल प्रकृति अपना रास्ता खुद बनाएगी।
और एक सवाल उस हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी को लेकर भी है—क्या उसका उद्देश्य सिर्फ खानापूर्ति था?
क्या राज्य सरकार द्वारा नदी-नालों और जलस्रोतों को बचाने के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
क्या राजस्थान के आदेश हनुमानगढ़ आते-आते बदल जाते हैं?
यह मामला किसी पार्टी का नहीं है।
यह मामला किसी व्यक्ति का नहीं है।
यह मामला हनुमानगढ़ के भविष्य, पानी और सार्वजनिक संपत्ति का है।
इसलिए आइए, आरोप लगाने से पहले दस्तावेज मांगें।
रिकॉर्ड सामने आए।
नदी की सीमा सार्वजनिक हो।
मिट्टी भर्ती की अनुमति सार्वजनिक हो।
जिम्मेदार विभाग और अधिकारी सामने आएं।
और अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है तो जनता को संतुष्ट किया जाए।
लेकिन अगर नियमों की आड़ में नदी की जमीन का खेल हो रहा है, तो इसे किसी भी कीमत पर चुपचाप नहीं होने दिया जाना चाहिए।
आज सवाल घग्गर से है।
कल सवाल हमारे जोहड़ों से होगा।
परसों नालों से होगा।
और फिर शायद हमारे पास बचाने के लिए कुछ भी नहीं होगा।
घग्गर नदी को बचाना है तो सवाल पूछने होंगे।
खामोशी तोड़नी होगी।
रिकॉर्ड मांगना होगा।
और जिम्मेदारी तय करनी होगी।
📢 हनुमानगढ़ बोले—घग्गर की जमीन पर मिट्टी भर्ती किसके आदेश से?
आओ चर्चा करें…
सवाल पूछें…
जवाब मांगें…
Vijay Singh Beniwal ✍️
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh 
DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan 
Hanumangarh Police 
Dr Rampratap Amit Choudhary Pramod Delu Manish Makkasar Manish Dharnia Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan 
<nis:link nis:type=tag nis:id=घग्गर_नदी nis:value=घग्गर_नदी nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सरस्वती_नदी nis:value=सरस्वती_नदी nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=नदी_बचाओ nis:value=नदी_बचाओ nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जल_स्रोत_बचाओ nis:value=जल_स्रोत_बचाओ nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=अवैध_कब्जे nis:value=अवैध_कब्जे nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जमीन_का_खेल nis:value=जमीन_का_खेल nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़_की_आवाज nis:value=हनुमानगढ़_की_आवाज nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सवाल_जरूरी_है nis:value=सवाल_जरूरी_है nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=आओ_चर्चा_करें nis:value=आओ_चर्चा_करें nis:enabled=true nis:link/>
राजस्थान में खेजड़ी माफियाओं से ‘पुलिस टीम’ की मिलीभगत? ₹200 करोड़ की वसूली का आरोप, IAS-IPS अधिकारी भी जांच के घेरे में
संगरिया की आवाज़। 
सोलर कंपनियों से करोड़ों रुपए की वसूली के मामले में राजस्थान पुलिस बीकानेर रेंज में तैनात अपने ही एक सीआइ की तलाश कर रही है। पुलिस निरीक्षक पवन सिंह पिछले छह माह से न तो जांच अधिकारी को मिला और ना ही ड्यूटी पर उपस्थित हो रहा है। खास बात यह है कि पुलिस मुख्यालय ने आरोपी निरीक्षक के खिलाफ निलंबन जैसी सामान्य विभागीय कार्रवाई तक नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह जांच में 2 IPS,1 IAS और 4 RPS अधिकारी के नाम शामिल होना बताया जा रहा है। आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक गिरोह से सांठगांठ कर सोलर कंपनियों और खेजड़ी माफियाओं से करीब दो सौ करोड़ से ज्यादा की रकम बटोरी है। आरोपी सीआइ के सगे भाई की कंपनी में 40 करोड़ से अधिक का लेनदेन सामने आ चुका है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=पूगल nis:value=पूगल nis:enabled=true nis:link/> में थानाधिकारी रहते रचा खेल
सीआइ पवन सिंह ने वर्ष 2025 में पूगल थानाधिकारी रहते हुए भाई के नाम करणी कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई। इस कंपनी में आपराधिक गिरोह से जुड़े कई लोगों को शामिल कर लिया गया। यह लोग सोलर व्यापारियों को डरा धमकाकर कंपनी को काम देने के बहाने रुपए ऐंठने लगे। साथ ही पुलिस से मिलीभगत का दावा कर खेजड़ी कटाई के ठेके लेने लगे। करीब छह माह में ही इस कंपनी में 40 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है।

गोपनीय शिकायत पर सरकार ने कराई जांच
इस मामले में सोलर कंपनियों की ओर से राज्य सरकार को गोपनीय शिकायत भेजी गई। इस पर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर बीकानेर रेंज आइजी ने IPS अधिकारी से मामले की जांच कराई। इसी बीच रतनगढ़ थाना इलाके में आरोपी सीआइ पवन सिंह से ही जुड़े एक मामले में पुलिस ने हाल बीकानेर निवासी और चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र के हरदेसर गांव निवासी संदीप स्वामी को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ में सोलर कंपनियों से वसूली की परतें खुल गई।

जांच में जुड़ी कड़ियां
IPS अधिकारी की ओर से की गई जांच में 200 करोड़ से ज्यादा की वसूली की कड़ियां जुड़ गई हैं। यह पैसा 2 IPS, 1 IAS और 4 RPS अधिकारियों में बांटने के तथ्य सामने आए हैं। सरकार ने इन अधिकारियों का बीकानेर से स्थानांतरण कर दिया लेकिन मुख्य आरोपी सीआइ पवन सिंह के अभी तक सामने नहीं आने से मामला अटका हुआ है।

पिता ने लिखित में दिया…छह माह से घर नहीं आया
सीआइ पवन सिंह के पिता शिवपाल सिंह ने जांच अधिकारी को लिखित में दिया है कि पवन पिछले छह माह से घर नहीं आया है। उसको जरूरत होती है तो फोन करता है। हमारा फोन नहीं उठाता।

तीन बिंदू…चार रिमाइंडर…नहीं दिया स्पष्टीकरण
जांच अधिकारी ने सीआइ पवन सिंह से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। अंतिम अवसर पर भी जवाब नहीं दिए जाने पर उसकी दुराचरण रिपोर्ट अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतर्कता को भेज दी गई है।

आपके भाई के नाम से कंपनी रजिस्टर्ड है, जिसमें सालाना करोड़ों रुपए का टर्नओवर है। कंपनी का संचालन आप द्वारा करने की जानकारी प्राप्त हुई है।
आपका पदस्थापन एमटी शाखा, पुलिस मोटर ड्राइविंग स्कूल बीकानेर में 24 फरवरी, 2026 से हैं। अभी तक नव पदस्थापन स्थान पर ज्वाइनिंग क्यों नहीं की गई है।
पुलिस थाना रतनगढ़ में दर्ज प्रकरण संख्या 168-2026 में आपकी मौजूदगी अनाधिकृत रूप से होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
शिकायत गंभीर, जांच कर रहे
शिकायत गंभीर है। सीआइ पवन सिंह पर इस मामले में आरोप है। वह छह माह से बिना सूचना के अनुपस्थित है। जांच के संबंध में भी उसने अभी तक अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया है। बीकानेर पुलिस से जांच के तथ्य प्राप्त हुए हैं। इनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

एस. सेंगाथिर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सतर्कता, जयपुर
संगरिया की आवाज़
जंतर-मंतर पर '<nis:link nis:type=tag nis:id=आरक्षण_हटाओ_आंदोलन' nis:value=आरक्षण_हटाओ_आंदोलन' nis:enabled=true nis:link/> में शामिल हुए हज़ारों प्रदर्शनकारी, बढ़ रही भीड़ 
संगरिया की आवाज़। 
देश में आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर (दिल्ली) पर हज़ारों लोग पहुंचे हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बीच लोग वहां पहुंच रहे हैं। पुलिस ने रामलीला मैदान में अधिकतम 500 लोगों के साथ विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति दी है।

UGC नियमों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं प्रदर्शनकारी
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=कंदुखेड़ा nis:value=कंदुखेड़ा nis:enabled=true nis:link/> के सरकारी स्कूल में "बिज़नस ब्लास्टर मेला" — विद्यार्थियों ने स्टॉल लगा कर सीखे व्यावसायिक कौशल
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया। nis:value=संगरिया। nis:enabled=true nis:link/> सीमावर्ती गांव कंदुखेड़ा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को स्कूल परिसर में "बिज़नस ब्लास्टर मेला" का आयोजन किया गया। स्कूल की सीनियर सेकेंडरी कक्षा के विद्यार्थियों ने अलग-अलग स्टॉल लगाकर विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक आइडिया प्रस्तुत किए और ग्राहकों को सेवाएँ तथा उत्पाद बेचकर व्यावहारिक व्यापार कौशल का अभ्य़ास किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रिंसिपल इंद्रजीत सिंगला ने किया। इस मौके पर प्रिंसिपल ने कहा कि आज के युवा सिर्फ नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाले भी बन सकते हैं। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि व्यवसायिक गुणवत्ता विकसित कर आत्मनिर्भर और उद्यमी बनने की ओर कदम बढ़ाएँ। प्रिंसिपल ने छात्रों के नवाचारी विचारों और टीम वर्क की सराहना की।
कार्यक्रम प्रभारी अंजु बाला ने बताया कि यह मेला "बिजनेस स्किल डेवलपमेंट" के तहत राज्य सरकार की योजना के अनुरूप आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि मेले का उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता की भावना जगाना, ग्राहक सेवा तथा विपणन के व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। प्रभारी अध्यापक ने बताया कि प्रत्येक समूह को स्टॉल के लिए सीमित बजट दिया गया था और छात्रों ने लागत-लाभ, प्रस्तुति, और ग्राहक संवाद पर काम किया।
मेले में होममेड स्नैक्स, हैंडीक्राफ्ट, हर्बल सोप, स्टेशनरी, लोक गायन कला प्रमुख स्टॉलें रही। आगन्तुकों ने छात्रों की रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल की प्रशंसा की। कई स्टॉलों पर बिक्री भी अच्छी रही और छात्रों ने नगद प्रबंधन व ग्राहक सेवा का व्यवहारिक अनुभव लिया।
इस मौके पर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी अध्यक्ष गुरजीत सिंह, बख्शीश सिंह, इंद्रजीत बिश्नोई, गुरदीप सिंह, अमृतपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, कैंपस मैनेजर देवीलाल, नीरू माकड़, सोनिया जाखड़, अंजु बिश्नोई, मीनाक्षी‌ सहित ग्रामवासी एवं स्कूली बच्चे शामिल हुए।
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh
नगरपालिका आम चुनाव:
राजकीय महाविद्यालय संगरिया से होगी मतदान दलों की रवानगी
संगरिया की आवाज़। 
व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

संगरिया। नगरपालिका आम चुनाव की आधिकारिक घोषणा के साथ ही प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नगर पालिका सदस्यों का चुनाव 9 सितंबर को होना निर्धारित हैं। मतदान कार्य के लिए मतदान दलों का प्रशिक्षण एवं रवानगी शहर के राजकीय महाविद्यालय से होगा। 
रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक ने शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय का निरीक्षण कर मतदान दलों की रवानगी स्थल और प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान दलों के प्रशिक्षण हेतु निर्धारित स्थान पर बैठने, कार्मिकों की उपस्थिति, ईवीएम वितरण, मतदान के लिए सामग्री वितरण, पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और पार्किंग संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने  बताया कि 8 सितंबर को मतदान दलों का प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद मतदान केंद्रों के लिए मतदान दलों की रवानगी होगी। नगरपालिका के 35 वार्डों के लिए 35 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं तहसीलदार मोनिका बंसल, चुनाव शाखा प्रभारी भरत सांवरिया मौजूद रहे। वहीं मतदान केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं तहसीलदार तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी अरविंद खन्ना ने शुक्रवार को मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।