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संगरिया की आवाज़

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BJP Uttar Pradesh 
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू, छोटी जीत-हार के इर्द-गिर्द रचा जा रहा बड़ी जीत का सियासी रोडमैप
संगरिया की आवाज़। 
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियों को बढ़ा दिया है। सभी पार्टियाँ अलग-अलग चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही हैं। पार्टियों की रणनीति अब उन सीटों पर भी केंद्रित हो गई है, जहाँ पिछली बार जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा था। बीजेपी, समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस का ऐसे विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस है, जहाँ 2022 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 91 सीटों पर जीत-हार का अंतर 5,000 वोटों से कम था। राजनीतिक दलों का आकलन है कि अगर इन सीटों पर 2-3% वोटों का भी रुख बदलता है, तो दर्जनों सीटों के नतीजे बदल सकते हैं।

🎯किसकी क्या तैयारी?

🪷बीजेपी

बीजेपी का फोकस करीबी मुकाबले वाली सीटों पर रहेगा। सत्तारूढ़ पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन सीटों को सुरक्षित रखना है, जहाँ पिछली बार मुकाबला बेहद कांटे का था। पार्टी बूथ समितियों के पुनर्गठन, लाभार्थी संपर्क अभियान, नए मतदाताओं तक पहुंच और सहयोगी दलों के साथ तालमेल को मज़बूत करने पर जोर दे रही है।

🚲समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी (सपा) छोटी हार को बड़ी जीत में बदलने का मंसूबा लेकर चुनाव में उतरेगी। समाजवादी पार्टी का मानना है कि 2022 में जिन सीटों पर हार का अंतर कुछ सौ या कुछ हज़ार वोट का ही था, वहाँ थोड़ी बेहतर संगठनात्मक तैयारी और सामाजिक समीकरण उसे बढ़त दिला सकते हैं। पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति के ज़रिए इन्हीं सीटों पर विशेष फोकस कर रही है।

🦣बहुजन समाजवादी पार्टी

बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की कोशिश उत्तर प्रदेश में कमबैक करने की रहेगी। बसपा अपने परंपरागत वोट बैंक को फिर से सक्रिय कर करीबी मुकाबले वाली सीटों पर वापसी की संभावना तलाश रही है।

✋कांग्रेस

कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव में कमबैक की कोशिश में रहेगी। इसके लिए कांग्रेस अपने संगठन विस्तार और स्थानीय नेतृत्व को मज़बूत कर उन क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जहाँ त्रिकोणीय मुकाबला बन सकता है।

एसआईआर का बड़ा असर
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों के एसआईआर में 2.86 करोड़ नाम मतदाता सूची से काटे गए थे। अप्रैल 2026 में संशोधित सूची के अनुसार 2.5 करोड़ नाम कटे हैं। ऐसी अनेक सीटें हैं, जहाँ पर जीत के अंतर से ज़्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इनमें 50 से ज़्यादा ऐसी सीटें भी हैं, जिनमें करीब डेढ़ दर्जन सीटों पर जीत-हार का अंतर 5,000 वोट से भी कम रहा था। ऐसे में कई सीटों का पूरा गणित बदल जाएगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। वर्तमान विधानसभा (2022 के चुनाव के बाद हुए कुछ बदलावों सहित) में दलों की स्थिति संक्षेप में इस प्रकार है:
विकिपीडिया के अनुसार 
भाजपा (BJP) – 257
समाजवादी पार्टी (SP) – 101
अपना दल (एस) – 13
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) – 9
सुभासपा (SBSP) – 6
निषाद पार्टी – 5
कांग्रेस – 2
जनता दल (लोकतांत्रिक) – 2
बहुजन समाज पार्टी (BSP) – 1
निर्दलीय – 4
रिक्त सीटें – 3 
बहुमत का आंकड़ा: 202 सीटें।
Vijay Singh Beniwal 
संगरिया की आवाज़
ISS मिशन पर जाएंगे भारतीय मूल के NASA अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन
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भारतीय मूल के नासा अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अपने पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन पर रवाना होंगे। उनका 8 महीने का अभियान अंतरिक्ष उड़ान और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधानों पर केंद्रित होगा। इस मिशन में रूसी कॉस्मोनॉट प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी उनके साथ होंगे। तीनों ISS पर एक्सपीडिशन 74/75 के सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
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करोड़ों के मालिक हैं प्रशांत किशोर, पीके से ज्यादा अमीर उनकी पत्नी, जानें सोना, जमीन का पूरा ब्योरा
संगरिया की आवाज़। 
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बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही चुनाव आयोग को दिए गए उनके शपथ पत्र (हलफनामे) में उनकी चल-अचल संपत्ति, आय, कर्ज और शैक्षणिक योग्यता का पूरा डिटेल सामने आ गया है। हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। दिलचस्प बात यह है कि चल संपत्ति के मामले में उनकी पत्नी उनसे कहीं अधिक संपन्न हैं। पीके ने अमेरिका सहित कई अन्य देशों में भी काम किया है।

पत्नी के नाम ज्यादा चल संपत्ति
हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास कुल 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 99.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज है। वहीं, प्रशांत किशोर के पास 65,570 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1.95 लाख रुपये नकद हैं।

FD, कर्ज और पार्टी को दान
हलफनामे में बताया गया है कि प्रशांत किशोर के नाम 7.36 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) है। वहीं उन पर 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अपनी पार्टी जन सुराज को 10 करोड़ रुपये का दान भी दिया है।

गाड़ी नहीं, लेकिन करोड़ों की जमीन और मकान
हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के नाम कोई निजी वाहन नहीं है। हालांकि, उनके पास 73.87 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और अन्य संपत्तियां दर्ज हैं। उनकी पत्नी के नाम 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां हैं। इसके अलावा सात अलग-अलग स्थानों पर मकान और बिल्डिंग होने का भी जिक्र किया गया है।हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की अचल संपत्ति का मूल्य 23.70 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी पत्नी के नाम 1.19 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति दर्ज है।

प्रशांत किशोर के पास 1.35 लाख रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी है। वहीं, उनकी पत्नी के पास 64.12 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 46 हजार रुपये मूल्य की चांदी दर्ज है।

कितनी है सालाना आय?
वित्त वर्ष 2024-25 में प्रशांत किशोर की कुल आय 58.45 लाख रुपये दर्ज की गई है। वहीं, उनकी पत्नी की वार्षिक आय 40.23 लाख रुपये बताई गई है।

कितने पढ़ें हैं पीके?
हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर ने 1991 में दसवीं और 1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1996 से 1999 के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। साल 2010 में उन्होंने फ्रांस की एक यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

आठ आपराधिक मामले भी दर्ज
चुनावी हलफनामे में प्रशांत किशोर ने अपने खिलाफ आठ आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया है।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=गुरूनानक_बस्ती nis:value=गुरूनानक_बस्ती nis:enabled=true nis:link/> की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की पहल
संगरिया की आवाज़ 
संगरिया शहर के गुरूनानक बस्ती में वार्ड संख्या 26 से 33 तक हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या बनी रहती है। सड़कों पर पानी भर जाता है, कई बार पानी घरों तक पहुंच जाता है और नगर पालिका को पंपों के माध्यम से पानी निकालने में भारी समय, श्रम और राजस्व खर्च करना पड़ता है।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से विधायक अभिमन्यु पूनिया टीम ने अपने स्वयं के खर्च एवं जनसहयोग से ग्राउंड वॉटर रिचार्ज प्वाइंट (Ground Water Recharge Points) बनाने की पहल की है। इन रिचार्ज प्वाइंटों से बरसाती पानी का शीघ्र निकास होने के साथ-साथ भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
इसी संबंध में आज नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Sanjeev Kumar Soni के नेतृत्व में Abhimanyu Poonia टीम ने नगर पालिका एवं स्थानीय प्रशासक एसडीएम जय कौशिक को ज्ञापन सौंपकर इस अभिनव ग्राउंड वाटर रिचार्ज प्वाइंट प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है तो यह केवल जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होगी, बल्कि जल संरक्षण की दिशा में भी संगरिया के लिए एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम साबित हो सकती है।
संगरिया की आवाज़ इस जनहित से जुड़े प्रयास पर अपनी नजर बनाए हुए है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sangariakiawaaz nis:value=SangariaKiAwaaz nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=groundwaterrecharge nis:value=GroundWaterRecharge nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=waterharvesting nis:value=WaterHarvesting nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sangaria nis:value=Sangaria nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=hanumangarh nis:value=Hanumangarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rainwaterharvesting nis:value=RainwaterHarvesting nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=abhimanyupoonia nis:value=AbhimanyuPoonia nis:enabled=true nis:link/> :::
आईबी अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार
संगरिया की आवाज़। 
IB Officer Ankit Sharma Murder Case
साल 2020 के दिल्ली दंगे मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी शामिल थे। अदालत ने ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है।

सबूतों के अभाव में 6 आरोपी बरी
सबूतों के अभाव में बाकी 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। अदालत में दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद ताहिर हुसैन फूट-फूटकर रो पड़ा। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

अरविंद केजरीवाल मांगे माफी, बीजेपी ने बोला हमला
दिल्ली दंगों के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी का बयान सामने आया है। इस पर बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा कि कोर्ट ने अंकित शर्मा मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। यह वही अंकित शर्मा हैं जिनकी हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि वे हिंदू थे। उन पर धारा 302 लगाई गई थी। जिस तरह अरविंद केजरीवाल और उनके गिरोह ने उन्हें बचाने की कोशिश की, उससे पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल हिंदुओं के खिलाफ थे। ताहिर हुसैन न केवल AAP के सक्रिय सदस्य थे, बल्कि AAP के पार्षद भी थे। उस समय AAP ने जिस तरह उनका बचाव करने की कोशिश की, उससे साफ है कि AAP ताहिर हुसैन के साथ खड़ी थी। अब जब उन्हें दोषी करार दिया गया है, तो क्या अरविंद केजरीवाल माफी मांगेंगे?

हुसैन सहित इन लोगों को ठहराया गया दोषी
आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है। उन्हें आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत अपराधों से बरी कर दिया गया है। न्यायाधीश ने अंकित शर्मा की हत्या के लिए जावेद, अनस, नाजिम और कासिम सहित चार अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया है।

हाई कोर्ट ने खारिज की हुसैन की जमानत याचिका
ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर इस मामले में बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई है। हुसैन की जमानत याचिका पिछले साल सितंबर में हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 65/2020 से संबंधित है।

अंकित शर्मा के पिता ने दर्ज कराई थी एफआईआर
मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। दंगों के दौरान जब उनका बेटा लापता हो गया था, तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अंकित का शव बाद में एक नाले से बरामद किया गया। जीटीबी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

एक नाले में मिला था अंकित शर्मा का शव
शिकायतकर्ता का बेटा अंकित शर्मा, जो खुफिया ब्यूरो में अधिकारी था, उक्त दिन शाम करीब 5 बजे किराने का सामान और घरेलू उपयोग की चीजें खरीदने के लिए घर से निकला था। हालांकि, कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा। बाद में उसका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले में पड़ा मिला।

उसके सिर, चेहरे, छाती, पीठ और कमर पर धारदार हथियारों से गहरे घाव थे। मृतक अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनके शरीर पर धारदार हथियारों और डंडे की 51 चोटें आई थीं।
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3 युद्ध लड़ने वाले 92 वर्षीय पूर्व सैन्य अफसर की राजस्थान में धोखाधड़ी से बेची गई ज़मीन 
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भारतीय सेना के 92-वर्षीय रिटायर्ड कैप्टन चुन्नीलाल का आरोप है कि जैसलमेर (राजस्थान) में उनकी ज़मीन धोखाधड़ी से बेची गई है। उन्होंने बताया कि फर्ज़ी दस्तावेज़ बनाकर और किसी दूसरे व्यक्ति को उनकी जगह पेश कर ज़मीन का सौदा किया गया। कैप्टन ने 1962 में चीन के साथ और 1965 और 1971 में पाकिस्तान संग युद्ध में भाग लिया था।
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Government of Rajasthan 
DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan

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19 वर्षीय छात्र ने अपने जिगरी दोस्त के नाम की ₹28 करोड़ की संपत्ति, वसीयत में बताई वजह 
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शंघाई के 19-वर्षीय छात्र ली ने अपनी ¥ 20 मिलियन (करीब ₹28 करोड़) की संपत्ति परिवार के बजाय जिगरी दोस्त के नाम कर दी है। बकौल साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट, वसीयत में उसने कहा कि माता-पिता के तलाक और उनसे भावनात्मक दूरी के कारण उसने यह फैसला लिया। एडवेंचर स्पोर्ट्स खेलने के कारण उसने कम उम्र में कानूनी वसीयत तैयार कराई।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=तेलंगाना nis:value=तेलंगाना nis:enabled=true nis:link/> के सरकारी स्कूल में पढ़ाएंगे 3 रोबोटिक शिक्षक, तकनीक आधारित शिक्षा की नई पहल 
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<nis:link nis:type=tag nis:id=तेलंगाना nis:value=तेलंगाना nis:enabled=true nis:link/> के रंगारेड्डी ज़िले के जनवाड़ा जिला परिषद हाईस्कूल में जल्द तीन रोबोटिक शिक्षक पढ़ाएंगे। इंडस इंटरनैशनल स्कूल हैदराबाद और राज्य सरकार के एमओयू के तहत शुरू हुई इस पहल से करीब 750 छात्रों को आधुनिक शिक्षण, नेतृत्व प्रशिक्षण और शैक्षिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा। नई जी +2 इमारत और बेहतर सुविधाओं से स्कूल तकनीक आधारित शिक्षा का मॉडल बनेगा।
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Ministry of Education 
Pmshri State School sangaria 
PM SHRI MGGS Ratanpura ,Sangaria PM Shri Organic Nutrition Garden 
MGGS Dhaban 
Government College, Sangaria 
Krishi Vigyan Kendra, Sangaria- Distt.-Hanumangarh

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<nis:link nis:type=tag nis:id=खुलासा nis:value=खुलासा nis:enabled=true nis:link/> : पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी ने पुस्तक में लिखा- ‘तब मनमोहन सिंह ने कहा था, मैं आत्महत्या कर लूंगा’
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=sy_quraishi_book nis:value=SY_Quraishi_Book nis:enabled=true nis:link/> 
नई दिल्ली पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एसवाई कुरैशी ने अपनी पुस्तक ‘इंडिया एंड आई: अ हंड्रेड मेमोरीज, नॉट अ मेमॉयर’ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। पुस्तक में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2012 में जब चुनाव आयोग के कामकाज पर मंत्रियों की बेतुकी बातों को लेकर उन्होंने पीएम के समक्ष नाराजगी जताई तो उन्होंने कहा था, मैं आत्महत्या कर लूंगा। सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव आयेाग न केवल भारत का गौरव है, बल्कि देश के लोकतंत्र की आत्मा भी है और हम इसे खो देते हैं तो सब कुछ खो देंगे।

कुरैशी ने बताया कि 2012 के यूपी चुनाव के दौरान तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक रैली में वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो नौकरी में मुसलमानों के लिए कोटा 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर देगी। इस पर बीजेपी ने आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की। इस पर चार आयोग ने चार दिन सुनवाई की। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की तरफ से अरुण जेटली ने पक्ष रखा।

'आलोचना से मुझे कभी परेशानी नहीं होती'
आयोग ने खुर्शीद के बयान की निंदा की तो कांग्रेस में ये बातें उठने लगीं कि चुनाव आयोग अहंकारी या मनमाना हो गया है। किताब में कुरैशी लिखते हैं कि आलोचना से मुझे कभी परेशानी नहीं होती, लेकिन ऐसी बातें जो संस्था की विश्वसनीयता को कम करती हैं, उनसे परेशानी होती है।

हमने अपनी शिकायत पीएम के प्रेस सचिव हरीश खरे के सामने बात रखी। खरे ने मनमोहन सिंह को अवगत कराया तो अगले दिन फोन की घंटी बजी। पीएम मनमोहन सिंह ने पूछा, कुरैशी जी मैं आपसे मिल सकता हूं? मैंने कहा, सर आप प्रधानमंत्री हैं, मैं आ जाऊंगा। पुस्तक में कुरैशी कहते हैं डॉ. सिंह दरवाजे पर इंजार कर रहे थे।

वे मुझे अंदर ले गए और इससे पहले ही हम ठीक से बैठ पाते, उन्होंने बहुत दुखी आवाज में कहा, हरीश ने मुझे सबकुछ बताया है। अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। मैं स्तब्ध रह गया। मेरी बात कुछ मंत्रियों के बारे में थी, उनके बारे में नहीं। कुरैशी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ की जाने वाली आलोचनाएं बंद हो गई।

‘सत्ता को सहजता से धारण किया’
डॉ. मनमोहन सिंह के बारे में कुरैशी लिखते हैं कि मैंने अपने जीवन में कई शक्तिशाली लोगों को देखा है, लेकिन बहुत कम ऐसे लोग मिले जिन्होंने सत्ता को इतनी सहजता से धारण किया और उसकी जिम्मेदारी का बोझ इतनी गहराई से महसूस किया।
संगरिया की आवाज़ 
Indian National Congress - Rajasthan

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‘कांग्रेस-सपा ने हमेशा भगवान राम को नकारने की कोशिश की’, अयोध्या राम मंदिर मामले पर केंद्रीय राज्य मंत्री का प्रमोद तिवारी को करारा जवाब
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Ayodhya Ram Mandir Trust Controversy
अयोध्या राम मंदिर चंदा एवं चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने पलटवार किया है। राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) पर लग रहे आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने अपना पक्ष रखा और कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी पर कई बड़े आरोप लगाए हैं।

मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा- चाहे कांग्रेस के नेता हों या समाजवादी पार्टी के, उन्होंने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया है। उन्होंने कभी भगवान राम में आस्था नहीं दिखाई। उन्होंने लगातार भगवान राम को नकारने की कोशिश की है। इसलिए उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। SIT इस मामले की जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने कहा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जानी जाती है। सरकार की कानून व्यवस्था के तहत कोई भी अपराधी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

प्रमोद तिवारी ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में शामिल असली दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि दोषियों की पहचान करके उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि असली दोषियों को बचाया जा रहा है।

असली दोषी अयोध्या में नहीं हैं। हर कोई जानता है कि वे कहां हैं? कहा गया था कि यह एक धार्मिक मामला है और इसका उद्घाटन शंकराचार्यों द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप, वे अयोध्या में हार गए। कांग्रेस सांसद ने अपनी बात दोहराते हुए कहा- मैं अब भी कहता हूं कि असली दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर हरियाणा कांग्रेस ने बड़ी मांग की है। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच होनी चाहिए। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने स्वयं कहा है कि यह डाका है। यह एक गंभीर मामला है। मंदिर का दरवाजा राजीव गांधी के समय पर खोला गया था। यह कोई नहीं बताता है।
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बच्चे का नाम तय नहीं? जानें Birth Certificate बनवाने के नियम और 6 अहम सवालों के जवाब
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1- बच्चे का नाम नहीं सोचा तो बर्थ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं क्या?

जवाब: हां, बिल्कुल बनवा सकते हैं। अगर बच्चे का नाम तय नहीं है, फिर भी जन्म के 21 दिन के भीतर बिना नाम के ही रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें। नाम तय ना होने की स्थिति में फॉर्म में बच्चे के नाम की जगह खाली छोड़ दी जाती है या "Baby of [माता / पिता का नाम]" लिख दिया जाता है।

बाद में नाम जुड़वाएं: जब भी नाम तय हो जाए, आप उसी कार्यालय में जाकर इसे अपडेट करा सकते हैं। जन्म से 1 साल के भीतर नाम जुड़वाने पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं लगती है। (राज्यों के हिसाब से नियमों में मामूली बदलाव हो सकता है)।

2- जन्म प्रमाण पत्र कहां बनता है?

'जवाब' यह बच्चे के जन्म स्थान ( शहर या गांव) के आधार पर अलग-अलग सरकारी संस्थाओं द्वारा जारी किया जाता है:

• शहरी क्षेत्रों में: नगर निगम, नगर पालिका या छावनी बोर्ड (Cantonment Board) कार्यालय द्वारा ।

ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्राम पंचायत कार्यालय (सरपंच या ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) द्वारा ।

• अस्पताल में जन्म होने परः यदि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ है, तो अस्पताल प्रशासन खुद जन्म का विवरण स्थानीय रजिस्ट्रार को भेज देता है। इसके बाद आप अस्पताल की रसीद या 'डिस्चार्ज स्लिप' दिखाकर संबंधित कार्यालय से सर्टिफिकेट ले सकते हैं।

3- क्या ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बन सकता है?

जवाब : जी हां, अब यह प्रक्रिया काफी हद तक डिजिटल हो चुकी है। आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

• केंद्र सरकार के CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी दर्ज की जा सकती है।

• इसके अलावा, राज्यों के अपने अलग ई-गवर्नेस पोर्टल भी हैं (जैसे राजस्थान में 'पहचान' (Pehchaan ) पोर्टल, यूपी में 'ई- नगर सेवा' आदि), जहां से आवेदन किया जा सकता है।

4- बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए किन कागजों की जरूरत पड़ेगी?

जवाब: बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मुख्य रूप से इन 4 कागजों की जरूरत होती है:
• जन्म का प्रमाण: अस्पताल की 'डिस्चार्ज स्लिप' (अस्पताल में जन्म होने पर) या बच्चे का 'टीकाकरण कार्ड' और गवाह/सरपंच का पत्र ( घर पर जन्म होने पर) ।

• आईडी प्रूफ: माता और पिता दोनों का आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।

• पते का प्रमाणः बिजली या पानी का बिल, राशन कार्ड या पते वाला आधार कार्ड ।

. विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate): कुछ नगर निगम या पंचायतों में इसकी मांग की जा सकती है।

5- बर्थ सर्टिफिकेट बनाने में कितना खर्चा आता है?

जवाब: जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करने पर यह पूरी तरह निःशुल्क (Free) बनता है। देरी होने मामूली फीस देनी पड़ती है। 

6- बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें? (ऑनलाइन स्टेप्स )

जवाब: ऑनलाइन सर्टिफिकेट बनवाने और

डाउनलोड करने का तरीका सबसे आसान है। इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

• स्टेप 1: भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल crsorgi.gov.in पर जाएं।

• स्टेप 2: वेबसाइट पर 'General Public Signup' पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं।

● स्टेप 3: लॉग-इन करने के बाद 'Add Birth Registration' विकल्प चुनें।

• स्टेप 4: फॉर्म में बच्चे और माता-पिता की सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।

• स्टेप 5: मांगे गए दस्तावेज (अस्पताल की रसीद, आईडी प्रूफ आदि) की स्कैन कॉपी अपलोड करें और सबमिट कर दें।

. स्टेप 6: भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट लें और इसे बताए गए समय के भीतर संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करें (कुछ राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है। अप्रूवल मिलने के बाद आप इसी पोर्टल से अपना प्रमाण पत्र (PDF फॉर्मेट में ) डाउनलोड कर सकते

संगरिया की आवाज़ 
Government of Rajasthan District Collector & Magistrate - Hanumangarh Ministry of Health and Family Welfare, Government of India 
IEC Hanumangarh
‘<nis:link nis:type=tag nis:id=हॉर्मुज nis:value=हॉर्मुज nis:enabled=true nis:link/> पर ईरान का अब कंट्रोल नहीं रहा, सभी जहाजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’, अमेरिकी सेना का बड़ा ऐलान
संगरिया की आवाज़। 
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ब्लॉकेड के बीच अमेरिकी सेना ने बड़ा बयान दिया है। ईरान के लगातार हमले, जहाजों को रोके जाने और धमकियों के बीच अमेरिका ने सख्त तेवर दिखाया है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा है कि हॉर्मुज अब सभी देशों के लिए खुला है और अमेरिकी नौसेना इसे सुनिश्चित करने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने यह भी ईरान का अब हॉर्मुज पर कोई कंट्रोल नहीं रहा।

अमेरिका की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब खाड़ी इलाके में तनाव चरम पर है। ईरान ने हाल में कई बार विदेशी जहाजों को परेशान करने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका की मजबूत मौजूदगी ने स्थिति को संभाल लिया।

किन जहाजों के लिए हॉर्मुज खुला?
यूएस सेंट्रल कमांड ने अपनी ट्वीट में कहा- हॉर्मुज उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तरीके से गुजरना चाहते हैं। अमेरिकी बल तैनात हैं और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने को तैयार हैं। कमांड ने ईरान की कार्रवाइयों को बिना वजह की आक्रामकता, उत्पीड़न और मनमानी घोषणाएं बताया है।

एक अन्य ट्वीट ने कमांड ने लिखा- ईरान की नेवी ने हाल ही में कहा कि कोई भी विदेशी जहाज ईरानी सेना की पहचान, ट्रैकिंग और निगरानी के बिना हॉर्मुज से नहीं गुजर सकता। हकीकत यह है कि हॉर्मुज में सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना तैनात है।

अब क्या है ईरान के सामने चुनौती?
ईरान के सामने अब बड़ी चुनौती है। अमेरिकी घोषणा के बाद ईरान अब हॉर्मुज में कैसे रोकेगा यह देखने वाली बात होगी। उधर ईरान के कुछ नेता बार-बार दावा करते रहे हैं कि जरूरत पड़ी तो वे हॉर्मुज बंद कर देंगे। लेकिन हकीकत यह है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यह स्ट्रेट सबके लिए खुला है। कोई एक देश इसे अपने कब्जे में नहीं ले सकता।

अमेरिका की नौसेना ने पहले भी कई बार ईरानी जहाजों को पीछे हटने पर मजबूर किया है। हाल के दिनों में भी ट्रैफिक सामान्य चल रहा है। टैंकर और मालवाहक जहाज बिना किसी रुकावट के आ-जा रहे हैं।

हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग
बता दें कि हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। अगर यह बंद हुआ तो पूरी दुनिया के तेल के दाम आसमान छू सकते हैं। भारत जैसे देशों पर भी इसका सीधा असर पड़ता है क्योंकि हमारा बड़ा तेल आयात खाड़ी से होता है।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> जिले के 'मेट मॉडलो' की नई कहानी!
संगरिया की आवाज़। 
हनुमानगढ़ जिले में इन दिनों "मेट" बनने से ज्यादा चर्चा "मेट" की सुर्खियों की हो रही है।
पहले बिरजा मेट अपनी ईमानदारी के किस्सों से चर्चित हुआ। फिर गौशाला चंदे के विवादों ने वही नाम अलग कारणों से चर्चा में ला दिया।
अब सरवन मेट पहले विवाह की अनुमति के लिए प्रशासन को ज्ञापन देकर सुर्खियों में आया, और अब चार बच्चों की मां के साथ जाने की खबरों को लेकर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
व्यंग्य यही कहता है कि आजकल काम से कम, कारनामों से ज्यादा प्रसिद्धि मिल रही है। लेकिन सच यह भी है कि समाज को सुर्खियां नहीं, अच्छे उदाहरण चाहिए। पहचान ऐसी हो जो आने वाली पीढ़ी प्रेरणा के रूप में याद रखे, न कि विवादों के रूप में।
चर्चा क्षणिक होती है, चरित्र स्थायी होता है।
नाम कमाइए, लेकिन ऐसे कामों से नहीं जिन पर समाज सवाल उठाए, बल्कि ऐसे कर्मों से जिन पर समाज गर्व करे।
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया_की_आवाज़ nis:value=संगरिया_की_आवाज़ nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=व्यंग्य nis:value=व्यंग्य nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सोशलमीडिया nis:value=सोशलमीडिया nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=एंटी_नारकोटिक्स_टास्क_फोर्स nis:value=एंटी_नारकोटिक्स_टास्क_फोर्स nis:enabled=true nis:link/> द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढाबां में नशा मुक्ति के लिए लक्ष्मण रेखा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
संगरिया की आवाज़। 
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती किरणजीत कौर  C I रही। इस मौके पर अनेक ग्रामीण जनों अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया इस कार्यक्रम में मुख्य वक्त के रूप में श्रीमती किरणदीप कौर, श्री सुखदीप सिधु ,श्री मनदीप सिद्धू ,श्री मनोज कुमार सहू ,श्री राजवंश कुलार तथा प्रधानाचार्य श्री कुलविंदर सिंह ने विद्यार्थियों एवं ग्राम वासियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम में नशा मुक्त हुए दो मुक्तवीरों ने अपनी सफलता की कहानी सुनाई। इस कार्यक्रम में नशे पर आधारित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी करवाया गया तथा विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखें। इस कार्यक्रम मैं श्री हनुमान वर्मा, श्री मक्खन सिंह कलसी ,श्री गुरजीत सिंह धालीवाल ,श्री भूपेंद्र सिंह धालीवाल श्री बाबूराम वर्मा, श्री राजेंद्र कुमार सेन ,राजू स्टूडियो श्री सतीश गुंबर, श्री बलदेव बेनिवाल एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
श्री सुखदीप सिधु द्वारा विद्यार्थियों को मिष्टान्न वितरण किया गया।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> में ट्रांसफर लिस्ट पर नया विवाद; मंत्री - ब्यूरोक्रेसी के बीच खुलकर सामने आए मतभेद, जानें किस विभाग में कितने तबादले
संगरिया की आवाज़। 
जयपुर। राजस्थान सरकार की ओर से तबादलों पर दी गई छूट की अवधि शनिवार को समाप्त होते ही तबादलों का दौर थम गया, लेकिन इसके साथ ही विवाद और असंतोष का नया दौर शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार इस बार राज्यभर में 40 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले हुए, जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार स्थानांतरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।

परिवहन विभाग में तबादला सूची को लेकर मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच मतभेद खुलकर सामने आए, जबकि कई अन्य विभागों की सूचियां समय पर जारी नहीं हो सकीं और कुछ अब भी सीएमओ में लंबित बताई जा रही है। शुक्रवार देर हात तक अधिकांश विभागों ने आदेश जारी किए, लेकिन कई जगह शुक्रवार की तारीख वाले आदेश शनिवार को सामने आए। समय सीमा बीतने के बाद बैकडेट में आदेश जारी होने की भी चर्चा रही। स्वायत्त शासन और नगरीय विकास सहित कुछ विभागों ने बाद में ऑफलाइन हस्ताक्षरयुक्त आदेश जारी किए, जबकि अधिकांश आदेश तय समय के भीतर डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हुए।

परिवहन विभागः सूची सीधे भेजी सीएमओ

अधिकांश विभागों ने तबादला प्रस्ताव अनौपचारिक रूप से सीएमओ को भेजे, पर अंतिम मंजूरी में देरी के चलते कई सूचियां समय पर जारी नहीं हो सकीं। परिवहन विभाग इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहा, जहां मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच सूची पर सहमति नहीं बन सकी। तबादला प्रस्ताव परिवहन आयुक्त स्तर तक भी नहीं पहुंचे और सूची सीधे सीएमओ भेज दी गई, जहां से अंतिम स्वीकृति न मिलने के कारण आदेश जारी नहीं हो सके। विभागीय कर्मचारी संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। हालांकि परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा का कहना है कि सूची निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही तैयार की गई।

शिक्षा विभागः विद्यार्थियों में आक्रोश, हाईवे जाम

शिक्षकों के तबादलों के बाद राजस्थान के कई जिलों में विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कहीं स्कूलों के मुख्य द्वार पर ताले जड़े गए तो कहीं धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम कर विरोध दर्ज कराया गया। जालोर के ऐलाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों, एक व्याख्याता और प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में विद्यार्थियों ने बाड़मेर-बिशनगढ़ स्टेट हाईवे जाम कर दिया। विद्यालय के स्वीकृत 24 पदों में से 13 पद अब रिक्त हो गए हैं।

श्रीगंगानगर के बीरमाना क्षेत्र में भी विरोध रहा। ग्राम पंचायत बख्तावरपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य गुरदीप नोखवाल के तबादले और रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जडकर धरना दिया। करीब एक घंटे की वार्ता के बाद आंदोलनकारी मंगलवार तक धरना स्थगित करने पर सहमत हुए। इसी क्षेत्र के रघुनाथपुरा में पीईईओ-प्रधानाचार्य रामकुमार सहू के तबादले के विरोध में भी स्कूल पर ताला जड़ा गया।

श्रीकरणपुर के विद्यालय 56 एफ में गणित शिक्षक रविंद्र कुमार के तबादले के विरोध में 67 अभिभावकों ने बच्चों की टीसी के लिए आवेदन देकर चेतावनी दी कि तबादला निरस्त होने तक बच्चे स्कूल नहीं आएंगे। बाड़मेर के धोरीमन्ना क्षेत्र स्थित गेनाणियों का तला विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित तीन वरिष्ठ शिक्षकों के एक साथ तबादले के विरोध में भी ताला जड़ा गया। अधिकारियों के आश्वासन और तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर लगाने के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

कहां कितने तबादले

शिक्षा विभाग -------15,000

राजस्व विभाग------4,000

वित्त विभाग--------989

विद्युत कंपनियां-----2,200

यूडीएच - डीएलबी----466

पंचायती राज विभाग --- 1,165

विधि विभाग--------300
कृषि विभाग--------1500

संगरिया की आवाज़
Government of Rajasthan DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
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<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> जिला स्थापना दिवस पर हुआ खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> में हनुमानगढ़ जिला स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोलांवाली में आयोजित की गई। पंचायत स्तर पर चयनित विजेता टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा शैक्षणिक संस्थाओं के  प्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस मौके पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सीमा भल्ला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हनुमानगढ़ जिले की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, सभ्यता और पुरातात्त्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिये आवश्यक हैं बल्कि ये मानसिक और भावनात्मक मजबूती भी प्रदान करते हैं। सीबीईओ ने युवा पीढ़ी को खेलों से जुड़ने और नियमित अभ्यास करने का संदेश दिया, ताकि समाज में  नासूर बन चुकी नशावृत्ति से दूर रहकर शारीरिक रूप से स्वस्थ और अनुशासित बनें तथा सामाजिक जीवन में सकारात्मक योगदान दे सकें।
विद्यालय की प्रधानाचार्य रेणु तनेजा ने प्रतियोगिता के आयोजन और प्रतिभागियों के उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, कबड्डी और खो-खो जैसे पारंपरिक व लोकप्रिय खेलों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के
खो-खो (महिला वर्ग): लक्ष्मी बाई क्लब विजेता, कबड्डी (पुरुष वर्ग): बाल विकास क्लब विजेता, वॉलीबॉल (पुरुष वर्ग): भगत सिंह क्लब विजेता रहे। प्रतियोगिता में वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक रामप्रताप गोदारा, राजाराम मंडा, मोहन लाल, नीरज बाला ने रैफरी की भूमिका निभाई।
विजेताओं को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समन्वय ब्लॉक शिक्षा कार्यालय व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोलांवाली द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान_अलवर nis:value=राजस्थान_अलवर nis:enabled=true nis:link/> में आयोजित जयपुर संभाग की केंद्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में <nis:link nis:type=tag nis:id=केंद्रीय_विद्यालय_लालगढ़_जाटान nis:value=केंद्रीय_विद्यालय_लालगढ़_जाटान nis:enabled=true nis:link/> के कक्षा 6 के छात्र <nis:link nis:type=tag nis:id=प्रवेश_सोनी nis:value=प्रवेश_सोनी nis:enabled=true nis:link/> पुत्र रमेश कुमार सोनी रासुवाला (संगरिया)ने अलवर में आयोजित जयपुर संभाग केंद्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में <nis:link nis:type=tag nis:id=स्केटिंग_अडर14 nis:value=स्केटिंग_अडर14 nis:enabled=true nis:link/> में <nis:link nis:type=tag nis:id=ब्रोंच_मेडल nis:value=ब्रोंच_मेडल nis:enabled=true nis:link/> प्राप्त किया प्रवेश सोनी के पिता भाजपा देहात मंडल संगरिया के मंत्री भी हैं ब्रोंज मेडल जीतने पर स्वर्णकार  समाज संगरिया वह रासुवाला में लोगों ने खुशी मनाई
संगरिया की आवाज़। 
Government of Rajasthan 
DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan
राहुल गांधी का ‘<nis:link nis:type=tag nis:id=कंप्रोमाइज’ nis:value=कंप्रोमाइज’ nis:enabled=true nis:link/> शब्द अब पंजाब कांग्रेस में बना मुद्दा, सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- ‘कांग्रेस को बोलने वाला नेता चाहिए, समझौता करने वाला नहीं’
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=punjab_congress_crisis nis:value=Punjab_Congress_Crisis nis:enabled=true nis:link/>
पंजाब कांग्रेस में पार्टी की कमान और साल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर अंदरूनी खींचतान सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस की ओर से इस्तेमाल किया गया 'समझौता' वाला शब्द अब पंजाब कांग्रेस की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पार्टी को मजबूती से बोलने वाला नेता चाहिए, न कि समझौता करने वाला। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया।

कांग्रेस को मजबूती से बोलने वाला नेता चाहिए
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और चन्नी समर्थक नेताओं के बीच बैठक के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी की जरूरतों को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसा नेता चाहिए जो मजबूती से बोल सके और किसी तरह का समझौता करने वाला नेता नहीं होना चाहिए। बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद थे और उन्होंने रंधावा के बयान पर सहमति जताई।

चन्नी 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे थे, लेकिन उस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को बड़ी हार दी थी। हालांकि 2024 में चन्नी जालंधर से लोकसभा सांसद चुने गए।

कौन है समझौता करने वाला नाम बताओं- वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता पर सवाल उठाया जा रहा है तो उसका नाम भी बताया जाना चाहिए। वड़िंग ने कहा कि कौन समझौता है, क्या उसने कोई नाम लिया है, अगर नहीं, तो आप लोग मुझ पर क्यों उंगली उठा रहे हैं। हमें अपनी पार्टी में किसी स्लीपर सेल या समझौता नेता की जरूरत नहीं है, उन्होंने कहा कि वह रंधावा से सहमत हैं कि पार्टी को ऐसे नेताओं की जरूरत नहीं है, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मतभेद जल्द सुलझ जाएंगे।

भूपेश बघेल ने भी दिया बयान
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने भी समझौता शब्द को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता किसी दबाव में काम करेगा तो पार्टी के लिए यह सही नहीं होगा। बघेल ने कहा कि हां, मैं मानता हूं कि कोई भी ऐसा नेता जो समझौता कर ले, वह काम नहीं करेगा। अगर कोई नेता BJP के साथ समझौता कर लेता है, तो वह काम नहीं करेगा। यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी नेता को लेकर पार्टी के फैसले में बदलाव नहीं होगा।

2027 चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर विवाद सामने आया है। हाल ही में कांग्रेस हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखा और चन्नी को चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन नियुक्त किया।

चन्नी के मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा पर विराम
भूपेश बघेल ने उन चर्चाओं को गलत बताया कि चरणजीत सिंह चन्नी को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जा सकता है। उन्होंने चंडीगढ़ में चन्नी गुट के नेताओं के साथ हुई बैठक को बातचीत बताया, न कि कोई राजनीतिक समझौता। बघेल ने कहा, 'यह कोई मीटिंग नहीं है, जब आप परिवार की तरह साथ रहते हैं, तो कई ऐसी बातें होती हैं जिनका सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया जाता।'
संगरिया की आवाज़
शिक्षा विभाग में स्थानांतरण हुए, अब व्यवस्था भी संभालनी होगी
संगरिया की आवाज़। 
राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में लंबे समय बाद बड़े स्तर पर किए गए स्थानांतरण निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम हैं। वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों और शिक्षकों का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक भी था।
लेकिन इसके साथ ही उन कुप्रभावों पर भी गंभीर मंथन होना चाहिए जो इन तबादलों के कारण सामने आए हैं। अनेक विद्यालयों में प्राचार्य और शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं। कई स्कूलों में पूरा स्टाफ बदल गया, जबकि कुछ जगहों पर स्थानांतरण तो कर दिए गए, लेकिन रिक्त पदों पर नए कार्मिकों की नियुक्ति नहीं हुई।
सबसे अधिक चिंता उन अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की है, जहां अनुभवी प्राध्यापकों को अन्य हिंदी माध्यम विद्यालयों में भेज दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर किसी योग्य शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में वर्षों की मेहनत से बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है।
प्रश्न यह भी है कि बिना प्राचार्य के विद्यालयों का प्रभावी संचालन कैसे होगा? विद्यार्थियों की पढ़ाई, प्रशासनिक कार्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार को चाहिए कि स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुई इन व्यावहारिक समस्याओं की तत्काल समीक्षा करे। जहां पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्तियां की जाएं तथा जिन विद्यालयों की व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। स्थानांतरण तभी सफल माने जाएंगे जब शिक्षा व्यवस्था भी पहले की तरह सुचारु और गुणवत्तापूर्ण बनी रहे।
Vijay Singh Beniwal 
संगरिया की आवाज़ 
Gurdeep Singh Shahpini Pramod Delu MADAN DILAWAR District Collector & Magistrate - Hanumangarh MGGS Dhaban Government of Rajasthan
Pmshri State School sangaria 
PM SHRI MGGS Ratanpura ,Sangaria

<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> विधानसभा क्षेत्र में 
क्या आपके भी नजदीक के किसी विद्यालय में स्थानांतरण की वजह से शिक्षक सीट खाली हुई है तो उसे भरने के लिए अपने गांव के सरपंच ,पंचायत समिति सदस्य ,जिला परिषद सदस्य, व सत्तापक्ष से जुड़े हुए विधायक , सांसद ,भाजपा जिला अध्यक्ष से एक बार संपर्क कर सीट को अवश्य भरवाने की कोशिश की जाए ताकि अपने-अपने गांव में शिक्षा व्यवस्था फिर पूर्ण रूप से सुचारू हो सके, स्थानांतरण होना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन उसके स्थान पर किसी भी योग्य व्यक्ति को लाना भी हमारे जनप्रतिनिधियों का धर्म बनता है।
विजयसिहं बैनिवाल
BJP Bihar 
बूथ पर पर्चा बांट रहे थे नीरज कुमार सिन्हा, बीजेपी
संगरिया की आवाज़। 
MLA उम्मीदवार बनाकर बदल दी किस्मत बांकीपुर (बिहार) सीट पर होने वाले विधानसभा उप-चुनाव के लिए बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार बनाया है। एक इंटरव्यू में नीरज ने बताया कि वह बूथ पर पर्चा बांट रहे थे तभी उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की जानकारी मिली। गौरतलब है, शुक्रवार शाम जेपी के अभिषेक कुमार सिन्हा ने अपनी उम्मीदवारी छोड़ने का एलान किया था।
संगरिया की आवाज़
BJP Uttar Pradesh 
<nis:link nis:type=tag nis:id=यूपी nis:value=यूपी nis:enabled=true nis:link/> में 1.5 साल के बच्चे की पटक-पटककर हत्या करने वाले शख्स को 41 दिन में मिली फांसी की सज़ा
संगरिया की आवाज़। 
फिरोज़ाबाद (यूपी) में 30 मई को 1.5 वर्षीय बच्चे की पटक-पटककर हत्या करने वाले युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई है। युवक बच्चे की मां से एकतरफा प्यार करता था और बच्चे को अपनी शादी के रास्ते में रोड़ा मानता था । एनकाउंटर में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती युवक पानी के लिए तड़पता दिखा था।
सीसीटीवी फुटेज में युवक बच्चे को ज़मीन पर पटकता दिखा था 
संगरिया की आवाज़
बांकीपुर उपचुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी, BJP पर प्रशांत किशोर के बयान से छिड़ी नई बहस
संगरिया की आवाज़। 
Bankipur By Election
जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार को बदलने का BJP का फैसला लोकतंत्र की ताकत को दिखाता है, क्योंकि उस इलाके के लोग जाति और धर्म-आधारित राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं। जो बांकीपुर उपचुनाव से चुनावी मैदान में उतरने वाले भाजपा के नेता मैदान छोड़कर भाग गए। जिस इलाके को कल तक BJP का गढ़ कहा जा रहा था, वहां अब उन्हें उम्मीदवार ढूंढने में भी मुश्किल हो रही है।

जनता के समर्थन को भाजपा ने गलत समझा
उन्होंने कहा कि BJP ने जनता के समर्थन को गलत समझा और जोर देकर कहा कि लोग सरकार के कामकाज से नाखुश हैं।उन्होंने कहा, नवंबर 2025 में लोगों को धोखा दिया गया। बदलाव के नारे लगाए गए, लेकिन जीतने के बाद कोई काम नहीं हुआ। लोगों की परेशानियां ही बढ़ी हैं। राशन कार्ड से नाम हटा दिए गए हैं, छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं मिल रहा है, गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं और मॉनसून शुरू होने के बाद भी नालियों की सफाई नहीं हुई है।

अब मतदाताओं को मिला नया विकल्प
किशोर ने आगे दावा किया कि BJP की पिछली चुनावी सफलता सत्ताधारी पार्टी के समर्थन के बजाय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के डर से वोट करने वाले मतदाताओं की वजह से मिली थी। उन्होने कहा, वह समर्थन इसलिए था क्योंकि लोग लालू प्रसाद यादव के डर से उन्हें वोट दे रहे थे। अब जब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है, तो BJP को लग रहा है कि उनके पैरों तले जमीन खिसक रही है।

उनकी यह टिप्पणी तब आई जब BJP ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार सिन्हा की जगह नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया। अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव से नाम वापस ले लिया था।

अभिषेक सिन्हा ने बताया कारण
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए अभिषेक ने कहा, पारिवारिक कारणों से, मैं विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ने में असमर्थ हूं। मैं एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर निष्ठापूर्वक सेवा करता रहूंगा। बिहार बीजेपी अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र को पढ़कर सुनाते हुए उन्होंने कहा, मैंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को एक पत्र सौंपा है, जिसे मैं अब आपके सामने पढ़कर सुना रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए NDA उम्मीदवार के तौर पर चुना था। इसके लिए मैं केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।

उपचुनाव का यह है शेड्यूल
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा की, जिनमें बांकीपुर, दतिया और मंझलपुर की हाई-प्रोफाइल सीटें शामिल हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई तय है और नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई होगी। उम्मीदवार अपना नाम 16 जुलाई तक वापस ले सकेंगे। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की 3 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी।
संगरिया की आवाज़
Government of Rajasthan 
स्वायत्त शासन विभाग में 148 अधिकारियों के तबादले, संगरिया के अधिशासी अधिकारी <nis:link nis:type=tag nis:id=पवन_चौधरी nis:value=पवन_चौधरी nis:enabled=true nis:link/> यथावत
संगरिया की आवाज़। 
राजस्थान के स्वायत्त शासन विभाग द्वारा 148 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं। जारी सूची में संगरिया नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन चौधरी का नाम शामिल नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल वे अपने पद पर यथावत बने रहेंगे।
यह संगरिया नगर पालिका के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि चल रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक योजनाओं में निरंतरता बनी रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पूर्व विधायक Gurdeep Singh Shahpini  तथा भाजपा जिला अध्यक्ष Pramod Delu की ओर से पवन चौधरी को संगरिया में बनाए रखने की अनुशंसा की गई थी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तबादला सूची में उनका नाम नहीं आने के बाद ऐसी चर्चाओं को बल मिला है।
अब उम्मीद की जा रही है कि नगर पालिका प्रशासन शहर के विकास कार्यों को और अधिक गति देगा तथा आमजन की समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से कार्य करेगा।
Vijay Singh Beniwal 
संगरिया की आवाज़ 

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विजयसिहं बैनिवाल