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संगरिया की आवाज़

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‘ललित मोदी और विजय माल्या को कब भारत लाया जाएगा?’, विदेश मंत्रालय ने कहा- अभी कोई जानकारी नहीं
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धोखाधड़ी कर भारत से फरार दो मशहूर भगोड़ों विजय माल्या और ललित मोदी को अब तक केंद्र सरकार वापस लेकर नहीं आ पाई है। इस मामले में विदेश मंत्रालय से सवाल पूछे जाने पर चौंका देने वाला जवाब मिला है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साफ कहा है कि ललित मोदी और विजय माल्या दोनों के एक्सट्राडिशन के मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अभी और इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।

पासपोर्ट वाला मामला भी अनसुलझा
करोड़ों रुपये के कर्ज और आरोपों के साथ देश छोड़कर भागे इन कारोबारियों को वापस लाने की कोशिशें लगातार चल रही हैं, लेकिन विदेशी अदालतों और कानूनी उलझनों के कारण सफलता अभी दूर नजर आ रही है।

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ललित मोदी के पासपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे थे। क्या उन्होंने अपना पासपोर्ट हाई कमीशन को सौंप दिया है? इस पर रंधीर जायसवाल ने कहा कि उनके पास इसकी भी जानकारी नहीं है। वे इसकी पुष्टि करके बाद में बताएंगे।

यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज कई बार एक्सट्राडिशन प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। अगर फरारी पासपोर्ट सरेंडर नहीं करता तो कानूनी रास्ते और भी पेचीदा हो जाते हैं।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा - जितनी जानकारी है, वह यही है कि दोनों मामलों में लीगल प्रोसीडिंग चल रही है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि जैसे ही कोई ठोस अपडेट आएगा, वो मीडिया के साथ शेयर किया जाएगा।

यह बयान उन लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो उम्मीद कर रहे थे कि इन फरारियों को जल्द भारत लाया जाएगा। लेकिन सरकार की तरफ से यह भी भरोसा दिलाया गया है कि मामला नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।

क्या है दोनों का मामला?
विजय माल्या को किंग ऑफ गुड टाइम्स कहा जाता था। उनकी एयरलाइंस किंगफिशर के दिवालिया होने के बाद हजारों करोड़ का कर्ज चढ़ गया। बैंक उन्हें फ्रॉड का आरोप लगाते हैं।

माल्या ब्रिटेन में रह रहे हैं और सालों से एक्सट्राडिशन की लड़ाई लड़ रहे हैं। ललित मोदी आईपीएल के पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर आरोप हैं।

वे भी विदेश में ही हैं और भारत सरकार उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है। दोनों ही मामलों में कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसकी वजह से प्रक्रिया लंबी खिंच गई है।
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Indian National Congress - Rajasthan 
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AI मेरी नौकरी खा नहीं रहा, रोज़ मेरी नौकरी बचा रहा है', महिला का वीडियो हुआ वायरल
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AI द्वारा इंसानों की नौकरी छीनने को लेकर बहस के बीच एक महिला टेक प्रोफेशनल का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह AI को सहारा बता रही है। महिला ने कहा, " शुक्र है कि हमारे ऑफिस में AI का इस्तेमाल ज़रूरी कर दिया गया...वरना मेरा काम नहीं हो पाता। AI मेरी नौकरी खा नहीं रहा... रोज़ मेरी नौकरी बचा रहा है। "
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राजस्थानी कारीगर बन केरल की पहाड़ियों में घुसी ANTF, 7 साल से फरार 25 हजार इनामी तस्कर सरगना को दबोचा
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<nis:link nis:type=tag nis:id=जयपुर nis:value=जयपुर nis:enabled=true nis:link/> राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। 'ऑपरेशन मदाविकाढ़त' के तहत मध्य प्रदेश से पकड़े गए तस्कर रमेश बंजारा से मिले इनपुट के बाद एएनटीएफ ने 'ऑपरेशन यमलकमली' चलाया। इसके तहत टीम ने रमेश के समधी और मुख्य साझीदार रणजीत दायमा उर्फ रंजीत बंजारा (निवासी मनासा, नीमच) को केरल से गिरफ्तार किया है। फलोदी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर पिछले 7 साल से सुदूर दक्षिण भारत में फरारी काट रहे इस 25 हजार रुपए के इनामी अपराधी को पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने 'गेटवे टू मारवाड़' (राजस्थान) से 'गेटवे टू मालाबार' (केरल) तक करीब 2500 किलोमीटर का सफर तय किया।

ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने रणजीत दायमा भले ही शिक्षित नहीं है, लेकिन कन्नड़, तेलुगु और मलयालम भाषाओं पर उसकी मजबूत पकड़ थी। केरल के शोरानूर क्षेत्र में वह इतनी धाराप्रवाह मलयालम बोलता था कि स्थानीय लोग उसे मलयाली ही समझते थे। इसी कारण वह वर्षों तक पुलिस से बचता रहा।

कमीशन पर चलता था नेटवर्क
जांच में सामने आया कि रमेश बंजारा सौदे तय करता था, जबकि रणजीत माल की सप्लाई और सुरक्षित ठिकानों से निकासी का जिम्मा संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपए प्रति किलो कमीशन मिलता था। जब भी कोई तस्कर 100 से 500 किलो तक डोडा-चूरा खरीदता, तो रणजीत को 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की मोटी कमाई हो जाती थी।

केरल में कंबल की दुकान और रोज 150 KM का सफर
फरारी के दौरान रणजीत ने केरल के वडकनचेरी में कंबल की दुकान खोल रखी थी। वह रोज मोटरसाइकिल से करीब 150 किलोमीटर घूमकर कंबल बेचता था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहती थी। बीच-बीच में वह राजस्थान और मध्यप्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को सक्रिय रखता था और पुलिस को भनक लगने से पहले ही वापस केरल भाग जाता था।

पहाड़ियों में बिछाया जाल
एएनटीएफ टीम ने शोरानूर पहुंचकर खुद को राजस्थानी कारीगर बताकर इलाके में रेकी की। पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की दुर्गम बस्तियों में मोटरसाइकिल पर कंबल बेचने गया है। टीम ग्राहक बनकर उसके पास पहुंची और बड़ी खरीद का लालच देकर उसे कार तक बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद रणजीत ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि माल तो हर तरफ जाता था… मुझे खुद नहीं पता कि मेरे खिलाफ कहां-कहां मुकदमे दर्ज हैं। मुझे यह भी नहीं पता कि मुझे पकड़ने कौन से राज्य की पुलिस आई है। गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम तस्कर रणजीत को अपने साथ लेकर केरल से राजस्थान लेकर आई है, जहां उससे अन्य नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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BJP Odisha  को वोट देने वाले BJD-कांग्रेस के 11 विधायकों की सदस्यता क्यों बरकरार रही? स्पीकर ने बताई वजह
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<nis:link nis:type=tag nis:id=surama_padhi_statemen nis:value=Surama_Padhi_Statemen nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=ओडिशा nis:value=ओडिशा nis:enabled=true nis:link/> की राजनीति में बड़ा सियासी मोड़ आया है। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी (Surama Padhy) ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में घिरे बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले से 11 विधायकों को बड़ी राहत मिली है, जबकि दोनों विपक्षी दलों के कदम को झटका माना जा रहा है।

स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने फैसले पर दी सफाई
इस पूरे मामले पर ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, 'राज्यसभा चुनावों के बाद, मुझे बीजू जनता दल (BJD) के 8 और कांग्रेस के 3 सदस्यों को अयोग्य ठहराने के लिए आवेदन मिले। इन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी-अपनी पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन किया है।

इसके बाद, पार्टियों ने पहले तो इन सदस्यों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव की मांग की और फिर उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए याचिकाएं दायर कीं। बैठने की व्यवस्था बदलने की शुरुआती मांग पर उचित कार्रवाई की गई, और दूसरे मामले में, उन्होंने BJD के 8 और नेशनल कांग्रेस के 3 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं सौंपीं।

स्पीकर ने बताया याचिकाएं क्यों हुईं खारिज
स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने बताय कि BJD और कांग्रेस की ओर से विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए दायर याचिकाओं को कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के आधार पर खारिज कर दिया। स्पीकर ने बताया कि अयोग्यता नियम 6 और उप-नियम 7 के तहत याचिका में जरूरी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य था। इनमें याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए सभी दस्तावेजों पर स्याही से हस्ताक्षर होना और दस्तावेज के हर पन्ने पर हस्ताक्षर किए जाना जरूरी था। इसके अलावा याचिका के साथ शपथ-पत्र भी देना होता है।

स्पीकर ने कहा कि BJD और कांग्रेस की ओर से दायर याचिकाओं में ये जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं, इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।

क्रॉस वोटिंग मामले में आया फैसला
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को लेकर दायर अयोग्यता याचिकाओं पर स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने कहा कि बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों पर पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने के आरोप लगाए गए थे। दोनों दलों ने इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर याचिकाएं दाखिल की थीं। हालांकि, जांच में याचिकाओं में प्रक्रियात्मक कमियां पाई गईं और वे तय नियमों के अनुसार नहीं थीं। इसी वजह से अयोग्यता से जुड़े नियमों की जरूरी शर्तें पूरी नहीं होने के आधार पर इन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।

जानिए क्या है पूरा मामला
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर ओडिशा की राजनीति में विवाद खड़ा हुआ था। BJD और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उनके कुछ विधायकों ने पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर मतदान किया। इसी आधार पर दोनों दलों ने विधानसभा अध्यक्ष के पास अपने विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग वाली याचिकाएं दाखिल की थीं।

मामले की सुनवाई के बाद विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कहा कि याचिकाओं में अयोग्यता साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्य और जरूरी कानूनी आधार नहीं मिले। उन्होंने कहा कि फैसला कानून के प्रावधानों के अनुसार लिया गया है और इसी आधार पर 11 विधायकों के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।
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जान से मारने की नियत से कार द्वारा टक्कर मारकर फरार होने के मामले मे हनुमानगढ टाउन पुलिस की कार्यवाही ।
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अज्ञात ऑडी कार चालक की पहचान कर आरोपी बरबदिव्य निवासी हरियाणा गिरफ्तार ।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सिंह मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 21.05.2026 को श्री अनिल चिंदा हाल पुलिस निरीक्षक यातायात शाखा प्रभारी यातायात शाखा हनुमानगढ़ टाउन ने पुलिस थाना हनुमानगढ़ टाउन पर रिपोर्ट दी कि दिनांक 19.05.2026 को मै रात्रिगश्त हेतु यातायात शाखा स्टाफ के साथ हनुमानगढ टाउन से रवाना हुआ था। दौराने गश्त जरिये दुरभाष सुचना प्राप्त हुई की अल्फा सीटी हनुमानगढ टाउन में एक बिना नम्बरी ओडी कार चालक अल्फा सीटी में कार को तेज गति से दौड़ाकर खतरनाक स्टंट कर रहा है। उसी रात्रि मेरा पुत्र लक्ष्य भी अल्फा सीटी मार्केट हनुमानगढ़ टाउन में आया हुआ था । अल्फा सिटी के मैन गेट के पास पहुंचा तो वहां मेरा लडका खडा था तथा जिस ऑडी कार की सुचना मिली वो लापरवाही पूर्वक मैन गेट की तरफ आती दिखाई दी, तब मैने ईशारा कर कार को रोकने का प्रयास किया तो गाडी को ज्यादा तेज गति एवं लापरवाही से चलाकर वहा गेट पर खडे मेरे बेटे लक्ष्य के टक्कर मारकर भाग गया। जिस पर मेरे लडके लक्ष्य को घायल अवस्था में बैनीवाल अस्पताल हनुमानगढ़ टाउन में ईलाज हेतु भर्ती करवाया जहां पर मेरे लडके के ज्यादा चोटे के कारण हायर सैन्टर जनसेवा अस्पताल श्रीगगांनगर में रैफर करने पर जनसेवा अस्पताल श्रीगगांनगर में भर्ती करवाया वगैरा वगैरा रिपोर्ट पर प्रकरण सख्या 357 / 2026 जुर्म धारा 281, 125 (ए) बीएनएस 2023 में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान श्री कमलजीत सिह सउनि के सुपुर्द किया गया।

प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए प्रकरण मे संलिप्त अज्ञात कार चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी हेतु संबधित को निर्देशित किया जिस पर श्री अशोक बिश्नोई पुनि थानाधिकारी पुलिस थाना हनुमानगढ़ टाउन के नेतृत्व मे थाना स्तर पर एक टीम का गठन कर अज्ञात कार व कार चालक के द्वारा घटना की की वारदात को ट्रेस आउट करने के प्रयास शुरू किये गये। श्री कमलजीत सिंह सउनि मय टीम द्वारा तकनीकी सहायता, घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये व हरियाणा के सम्भावित स्थान डबवाली, सिरसा, चण्डीगढ व दिल्ली में अज्ञात मुलजिमान की तलाश की एवं मानवीय आसूचना संकलन कर घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात कार चालक व कार को ट्रेस आउट कर कार चालक आरोपी बरबदिव्य पुत्र स्वo रुपसिह सुथार उम्र 22 साल निवासी लखुआना तहसील डबवाली जिला सिरसा हरियाणा को जुर्म धारा 281, 125 (ए), 125 (बी), 110 बीएनएस 2023 में गुरुग्राम 'से गिरफतार किया गया। आरोपी घटनाकारित करने के बाद से गिरफ्तारी के भय से चण्डीगढ, दिल्ली, गुरुग्राम में पुलिस के भय से छिप कर फरारी काट रहा था। आरोपी से विस्तृत पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है।

🎯🚨पुलिस टीम- श्री कमलजीत सिंह सउनि श्री राकेश रमाणा हैडकानि 173, श्री भुपेन्द्र कुमार कानि 1326 पुलिस थाना हनुमानगढ़ टाउन

🎥 नाम पता अभियुक्त बरबदिव्य पुत्र स्व0 रुपसिह सुथार उम्र 22 साल निवासी लखुआना तहसील डबवाली जिला सिरसा हरियाणा
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<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> में अपराधियों के हौसले बुलंद, प्रशासन आखिर कब जागेगा?
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संगरिया शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों में पुलिस और प्रशासन का भय लगभग समाप्त हो चुका है। शहर में लूट और चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रभावी रोकथाम के मामले में प्रशासन के हाथ अब तक खाली दिखाई दे रहे हैं।
दो दिन पहले शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्र में दिनदहाड़े एक व्यक्ति का पर्स फाड़कर ₹37,000 लूट लिए गए। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पीड़ित ने पीछा भी किया, लेकिन बदमाश फरार हो गए और आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
अब ताजा घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। वार्ड नंबर 12 में देर रात चोर दीवार फांदकर घर में घुसे और दो मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। इनमें से एक मोबाइल सरकारी जनगणना विभाग के कार्य से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिससे सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
इसी रात वार्ड नंबर 2 में भी चोरों ने दीवार के सहारे घर में प्रवेश कर लगभग ₹60,000 नकद से भरा बैग चोरी कर लिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि अपराधी संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और उन्हें पकड़ने में प्रशासन अब तक नाकाम साबित हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहरवासी अपने घरों, दुकानों और सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आखिर पुलिस की गश्त, निगरानी और खुफिया तंत्र क्या कर रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? यदि अपराधियों पर समय रहते शिकंजा नहीं कसा गया तो आम जनता का कानून-व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है।
संगरिया के नागरिकों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। शहर में बढ़ते अपराधों पर तत्काल अंकुश लगाने, रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और हालिया वारदातों में शामिल अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की आवश्यकता है।
यदि प्रशासन अब भी नहीं चेता, तो यह माना जाएगा कि अपराधियों के हौसले उनकी अपनी ताकत से नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता से बढ़ रहे हैं। जनता जवाब चाहती है—सुरक्षा कब मिलेगी और अपराधियों पर कार्रवाई कब होगी?
Vijay Singh Beniwal 
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फार्मा कंपनी का डीलर बनकर नशे की तस्करी, फिर खुद ही बनाने लगा नकली दवा, पुलिस ने कसा शिकंजा
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नशा तस्कर अश्विनी शर्मा के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। श्रीगंगानगर शहर सदर पुलिस पहले से ही 4.68 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामदगी के मामले में उसकी तलाश कर रही है। वहीं सोमवार को इसी आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है।

हिमाचल प्रदेश स्थित विनमैक्स हेल्थकेयर फर्म के संचालक शशिभूषण काजल ने अपनी फर्म के नाम और ब्रांड का कथित रूप से दुरुपयोग कर नकली एवं कथित नशीली दवाइयों के निर्माण और बिक्री का आरोप लगाते हुए सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

फार्मा कंपनी संचालक ने दर्ज कराया मामला
हरियाणा के पानीपत निवासी एवं विनमैक्स हेल्थकेयर के संचालक शशिभूषण काजल पुत्र धर्मपाल ने अपनी रिपोर्ट में श्रीगंगानगर निवासी अश्वनी शर्मा, जेएमडी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर इकबाल सिंह तथा अन्य व्यक्तियों पर उनकी फर्म के नाम से कथित रूप से नकली एवं नशीली दवाइयों का निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय करने का आरोप लगाया है।

कार्रवाई के बाद बंद की दवा सप्लाई
रिपोर्ट में काजल ने बताया कि उनकी फर्म विनमैक्स हेल्थकेयर, विलेज जोहरान, त्रिलोकपुर रोड, कालाआंब, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) स्थित है, जो 4 मार्च 2025 को ड्रग्स विभाग नाहन में पंजीकृत हुई थी और 3 मार्च 2030 तक वैध है। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2017-18 से अश्विनी शर्मा को जानते हैं। आरोप है कि बाद में शर्मा एवं उसके पिता के खिलाफ नकली दवाइयों के मामले में कार्रवाई होने के बाद उन्होंने उससे संपर्क समाप्त कर लिया था।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 में शर्मा ने पुनः संपर्क कर जेएमडी ट्रेडर्स के नाम से दवा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संपर्क कर दवाइयां मंगवानी शुरू कर दीं। शशिभूषण काजल का आरोप है कि उन्होंने 10 मई 2025 से 29 जनवरी 2026 तक करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की 35 लाख टैबलेट और कैप्सूल बेचे, जिनमें से लगभग 80 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त हुआ, जबकि करीब 20 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं।

खुद की बनाने लगा नकली दवा
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अश्वनी शर्मा ने विनमैक्स हेल्थकेयर के नाम से कथित रूप से नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में बेचीं। इस संबंध में शशी भूषण काजल ने 2 अप्रैल 2026 को ड्रग्स विभाग अंबाला कैंट में शिकायत की थी, जिसके बाद विभाग ने जेएमडी ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई कर निरीक्षण किया तथा सैंपल लिए। परिवादी ने बताया कि उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को औषधि नियंत्रण विभाग श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं सिरसा को भी शिकायत भेजी थी।

कंपनी संचालक बोला, ऐसे किया फर्जीवाड़ा
शशी भूषण काजल का दावा है कि संबंधित बैच नंबरों की दवाइयां उन्होंने वैध बिलों के माध्यम से विभिन्न फर्मों को बेच दी थीं तथा प्रकरण में बरामद दवाइयां उनकी फर्म की नहीं हैं। उनका आरोप है कि उनकी फर्म के नाम, पैकेजिंग और ब्रांड का प्रतिरूपण कर फर्जी तरीके से नकली दवाइयों का निर्माण और विक्रय किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अश्विनी शर्मा, इकबाल सिंह एवं अन्य व्यक्तियों ने कथित रूप से उनकी फर्म की प्रतिष्ठा धूमिल करने, अनुचित लाभ अर्जित करने तथा आमजन को भ्रमित करने के उद्देश्य से यह षड्यंत्र रचा। मामले की जांच निरीक्षक सुभाष चन्द्र को सौंपी गई है।
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यमुना जल समझौते पर हरियाणा के साथ अंतिम सहमति, जानें क्या हैं समझौते की ख़ास बातें 
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को दिल्ली दौरे पर रहे, जहां वे एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय अंतर्राज्यीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में यमुना जल परियोजना को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबी और निर्णायक चर्चा हुई। इस त्रिपक्षीय बैठक का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी के पानी को राजस्थान, विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए तैयार किए जा रहे मेमोरेन्डम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) के विभिन्न विधिक और तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देना था। बैठक में दोनों राज्यों के जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और अपनी तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

किसानों और जनता को मिलेगा भरपूर पानी: CM भजनलाल
बैठक के समापन के बाद नई दिल्ली में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस बैठक को राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा और राजस्थान की सरकारें केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग से इस वृहद परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी गति के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के मूर्त रूप लेते ही राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर और झुंझुनूं) के नागरिकों को पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही, लंबे समय से सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे शेखावाटी के किसानों को भी पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे इस क्षेत्र का अन्नदाता खुशहाल और समृद्ध हो सकेगा।

'खत्म हो रहे हैं अंतर्राज्यीय जल विवाद'
मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के भीतर विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे पुराने जल विवादों का त्वरित और शांतिपूर्ण निराकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में हुए सफल समझौतों का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में ईआरसीपी (ERCP) परियोजना को लेकर दोनों राज्यों के बीच ऐतिहासिक सहमति बनी। यमुना जल के अधिकार को लेकर अब दोनों राज्य मिलकर समाधान की ओर बढ़ चुके हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच भी जल प्रबंधन को लेकर नई योजनाएं बनाई जा रही हैं और विवादों का हल निकाला जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में यमुना के पानी की मांग दशकों से की जा रही थी। आज की बैठक में इस मांग को विधिक रूप देते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया गया है और बहुत जल्द ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दोनों राज्यों के बीच अंतिम समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे।

पाइपलाइन बिछाने के लिए साझा की गई रिपोर्ट
यमुना जल परियोजना के तकनीकी विकास को लेकर बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। इसके तहत राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने से संबंधित एक विस्तृत संयुक्त परियोजना रिपोर्ट पूरी तरह से तैयार कर ली गई है।

इस संयुक्त DPR को केंद्रीय जल आयोग के समक्ष समीक्षा और अंतिम विधिक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ढांचागत निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलाई जा रही है ताकि MoU होते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत 2047 के बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस प्रकार के सुदृढ़ जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे का विकास अत्यंत आवश्यक है, और राज्य सरकार इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संगरिया की आवाज़ 
Government of Rajasthan
<nis:link nis:type=tag nis:id=श्रीगंगानगर nis:value=श्रीगंगानगर nis:enabled=true nis:link/> के मिनी बैंकों में 11 करोड़ से अधिक का घोटाला, किसानों-मजदूरों की गाढ़ी कमाई डूबी, उठे गंभीर सवाल
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श्रीगंगानगर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने और किसान-मजदूरों की छोटी बचत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित मिनी बैंक अब सहकारी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। जिले की 127 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संचालित मिनी बैंकों में करीब 150 करोड़ रुपए की जमा राशि निवेशित है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सामने आए करोड़ों रुपए के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों ने इन संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्रीगंगानगर जिले में कई मिनी बैंकों में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो चुका है। जैतसर क्षेत्र के 2 जीबी-ए मिनी बैंक में 8.92 करोड़ रुपए की अनियमितता सबसे बड़ा मामला है। इसके अलावा जानकीदासवाला और डूंगरसिंहपुरा समितियों में करीब एक-एक करोड़ रुपए, 4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समिति में 50 लाख रुपए से अधिक तथा 10 जैड समिति में 16 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। जांच में रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी प्रविष्टियां और जमा राशि के दुरुपयोग जैसे आरोप सामने आए हैं।

जमाकर्ता आज भी कर रहे इंतजार
चिंताजनक तथ्य यह है कि अधिकांश मामलों का खुलासा तब हुआ, जब कथित अनियमितताएं लंबे समय तक जारी रहने के कारण बड़ी राशि प्रभावित हो चुकी थी। शिकायतों के बाद जांच, निलंबन, नोटिस और एफआईआर जैसी कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन कई जमाकर्ता आज भी अपनी जमा पूंजी वापस पाने की राह देख रहे है। कुछ मामलों में न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण वसूली और कार्रवाई लंबी खिंच रही है।

निगरानी तंत्र पर भी उठ रहे सवाल
इन मामलों ने सहकारी संस्थाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं। समितियों के संचालन, वित्तीय सत्यापन और ऑडिट की जिम्मेदारी विभिन्न स्तरों पर निर्धारित है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि निरीक्षण और लेखा परीक्षण नियमित रूप से किए जाते हैं तो करोड़ों रुपए की अनियमितताएं वर्षों तक पकड़ में क्यों नहीं आईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था के लिए मिनी बैंक आवश्यक हैं, लेकिन इनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना समय की मांग है। डिजिटल लेखांकन, नियमित ऑडिट, आकस्मिक निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग से ही जमाकर्ताओं का विश्वास बहाल किया जा सकता है।

भरोसा लौटाना सबसे बड़ी चुनौती
मिनी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां जमा होने वाला पैसा किसी बड़े निवेशक का नहीं, बल्कि किसान, मजदूर और छोटे बचतकर्ताओं की जीवनभर की कमाई होती है। ऐसे में वित्तीय अनियमितताएं केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि पूरे सहकारी ढांचे की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं। अब जरूरत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें जमा राशि की सुरक्षा और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित हों।

कहां-कहां हुई गड़बड़ी
2 जीबी-ए मिनी बैंक में 8.92 करोड़ रुपए
जानकीदासवाला मिनी बैंक में 1 करोड़ रुपए
डुंगरसिंहपुरा समिति में 1 करोड़ रुपए
4-ओ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 50 लाख रुपए से अधिक
10 जैड समिति में 16 लाख रुपए
कुल उजागर राशि 11.5 करोड़ रुपए से अधिक
मिनी बैंकों में सामने आए अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। जहां-जहां शिकायतें या गड़बड़ियां सामने आई हैं, वहां जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। मिनी बैंक केवल सीमित बैंकिंग सुविधाओं के लिए संचालित किए जाते हैं, इसलिए लोगों को इनमें बड़ी राशि जमा कराने से बचना चाहिए और लेन-देन करते समय पूरी जानकारी एवं रसीद अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।

-संजय गर्ग, प्रबंध निदेशक (एमडी), दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक, श्रीगंगानगर
संगरिया की आवाज़
राजस्थान में पाक की ‘चौतरफा घुसपैठ’, आंतकी, जासूसी, हनीट्रैप और स्लीपर सेल ने बढ़ाई टेंशन; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=जयपुर nis:value=जयपुर nis:enabled=true nis:link/> देश की आंतरिक सुरक्षा के नजरिए से राजस्थान पर इस वक्त सबसे बड़ा संवेदनशील खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान अब केवल सीमा पार से ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया, हनीट्रैप, जासूसी नेटवर्क, स्लीपर सेल और कट्टरपंथी संगठनों के जरिये भारत के भीतर घुसपैठ की बहुस्तरीय साजिश रच रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष (2025-26) में जयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, अलवर और जोधपुर में सामने आए इन मामलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह केवल छिटपुट घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह एक सुव्यवस्थित पैटर्न है जिसके तहत देश के नागरिकों को पैसों का लालच देकर, प्रेमजाल (हनीट्रैप) में फंसाकर या सोशल मीडिया के जरिए ब्रेनवॉश कर देश के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है। गौरतलब है कि जयपुर आतंकी साजिश के तहत बम धमाकों का दंश भी झेल चुका है।

आंतरिक सुरक्षा को हिला देने वाले 5 बड़े केस (2025-26)

केस 1: जयपुर में छिपा था लश्कर का पाकिस्तानी आतंकी ‘खरगोश’
जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में देश की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ जयपुर के जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में फर्जी पहचान बदलकर करीब एक साल तक छुपा रहा। उसने यहीं के फर्जी विधिक दस्तावेज से भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया और भारत से भागकर सऊदी अरब पहुंच गया। जयपुर में रहते हुए उसने शादी भी की।

केस 2: जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल नेटवर्क गिरफ्तार
राजस्थान एटीएस ने जयपुर के वाटिका क्षेत्र से बबीता उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार, वह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सोशल मीडिया नेटवर्क और अन्य खतरनाक कट्टरपंथी समूहों के सीधे संपर्क में थी और यहां स्लीपर सेल तैयार करने के फोकस पर काम कर रही थी।

केस 3: अलवर में आइएसआइ का हनीट्रैप नेटवर्क ध्वस्त
अक्टूबर-2025 में अलवर निवासी मंगत सिंह को राजस्थान इंटेलिजेंस ने आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह दो साल से सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसा हुआ था और देश की संवेदनशील विधिक व सामरिक सूचनाएं सरहद पार भेज रहा था।

केस 4: जैसलमेर में सेना की खुफिया जानकारी लीक
सितंबर-2025 में जैसलमेर के हनीफ खान को सेना की गतिविधियों और महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों की गुप्त जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह महज चंद रुपए के लालच में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा था।

केस 5: सीमा क्षेत्र की रेकी करता नया आइएसआइ नेटवर्क पकड़ा
जून-2026 में जैसलमेर के मुश्ताक अली को दबोचा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में बीएसएफ और भारतीय सेना की गतिविधियों के खुफिया फोटो और वीडियो पाकिस्तानी हैंडलरों को भेज रहा था।

इन 4 मोर्चों पर सक्रिय है दुश्मन
आर्थिक प्रलोभन: स्थानीय और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को भारी रकम का लालच देकर सामरिक जासूसी करवाना।

<nis:link nis:type=tag nis:id=डिजिटल_हनीट्रैप: nis:value=डिजिटल_हनीट्रैप: nis:enabled=true nis:link/> सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर सेना, पुलिस और संवेदनशील विभागों के कर्मियों को प्रेमजाल में फंसाना।

ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन: सोशल मीडिया के जरिये युवाओं का ब्रेनवॉश करना और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलना।

फर्जी विधिक दस्तावेज और स्लीपर सेल: स्थानीय स्तर पर पहचान छुपाकर रहने वाले आतंकियों को पनाह देना और जाली दस्तावेज के आधार पर उनके भारतीय पहचान पत्र व पासपोर्ट तैयार करवाना।
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh 
Rajasthan Police 🚨
पिछले 10 सालों में UK में कितने प्रधानमंत्री रहे हैं? 
संगरिया की आवाज़। 
पिछले 10-वर्षों में यूके में 6 प्रधानमंत्री रहे हैं। जून-2016 में ब्रिटिश मतदाताओं द्वारा ईयू छोड़ने के पक्ष में मतदान करने के एक दिन बाद डेविड कैमरन ने इस्तीफा दिया। उनके बाद थेरेसा मे 2016-2019 तक प्रधानमंत्री रहीं और फिर बोरिस जॉनसन (2019-2022) ने पद संभाला। ऋषि सुनक 2022 2024 तक प्रधानमंत्री रहे और उनके बाद कीर स्टार्मर (2024-2026) प्रधानमंत्री बने ।

लिज़ ट्रस 2022 में ब्रिटेन की सबसे कम समय तक सेवा.... .... देने वाली प्रधानमंत्री बनी थीं
संगरिया की आवाज़
खेत बेचकर SUV खरीदना, दारू पीना और कंगाल हो जाना: पंजाब के युवाओं को लेकर वर्ल्ड बैंक चीफ
संगरिया की आवाज़। 
वर्ल्ड बैंक के भारतीय मूल के अध्यक्ष अजय बंगा ने पंजाब के युवाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि पंजाब कभी भारत का एग्रीकल्चरल सेंटर हुआ करता था। उन्होंने कहा, "आज...वहां के युवा अपने खेत बेच देते हैं... SUV खरीदते हैं, स्मोकिंग और खूब दारू पीते हैं... लेकिन जल्द ही कंगाल हो जाते हैं और गिग जॉब्स ढूंढने लगते हैं। "
संगरिया की आवाज़
Hanumangarh Police 
यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
50 ऑटो-रिक्शा जब्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 चालकों सहित 71 वाहनों को किया सीज
संगरिया की आवाज़। 
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना  के निर्देशानुसार यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 ऑटो एवं रिक्शा सहित कुल 73 वाहनों को सीज किया। कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, फिटनेस, परमिट तथा चालकों की वैधता की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया।
थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि अभियान के दौरान 13 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन सीज किए गए। इसके अलावा 8 वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के सड़क पर संचालित होते पाए गए, उन्हें भी सीज किया।
उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अभियान के दौरान कुल 50 ऑटो एवं रिक्शा विभिन्न अनियमितताओं के कारण जब्त किए गए। इनमें कई वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों, बिना वैध परमिट तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। नियमों की पालना से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संगरिया की आवाज़ 
Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner
आओ स्कूल चले
उद्धव ठाकरे को एक और झटका, 50 से ज़्यादा नेताओं ने साथ छोड़कर BJP का थामा दामन 
संगरिया की आवाज़। 
कई सांसदों की बगावत के बीच शिवसेना (यूबीटी) के 50 से ज़्यादा नेताओं-पदाधिकारियों ने वसई (महाराष्ट्र) में उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। कहा जा रहा है कि इस दलबदली ने यूबीटी गुट की स्थानीय संगठनात्मक ताकत को बड़ा झटका दिया है। यूबीटी गुट के कई सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं।
संगरिया की आवाज़
Hanumangarh Police 
8.021 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त सहित स्कूटी सवार एक आरोपी पुलिस थाना सदर हनुमानगढ़ द्वारा गिरफ्तार ।
संगरिया की आवाज़। 
श्री नरेन्द्र सिंह मीना, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ ने बताया कि जिला हनुमानगढ में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों, अवैध हथियारो, जुआ, सटटा, अवैध धंधो एवं संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम, वांछित अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाये गये विशेष अभियान की निरंतरता में समस्त अधिकारीगणो को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सख्ती से पालना करवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में श्री राकेश सांखला पुनि थानाधिकारी मय टीम पुलिस थाना सदर हनुमानगढ़ द्वारा दौराने नाकाबंदी स्कूटी सवार आरोपी सन्दीप सिंह पुत्र हजूर सिंह रायसिख उम्र 21 साल निवासी वार्ड नम्बर 08 सहजीपुरा पुलिस थाना सदर हनुमानगढ को 8.021 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त मय स्कूटी (आरजे 31 एसडब्ल्यु 9225) से सहित गिरफ्तार कर प्रकरण संख्या 206 / 2026 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज अनुसंधान श्री गजेन्द्र शर्मा उनि पुलिस थाना हनुमानगढ जंक्शन के सुपुर्द किया गया। उक्त कार्यवाही में साक्ष्य संकलन एवं गोपनीय आसूचना संकलन करने में डीएसटी हनुमानगढ़ की महती भूमिका रही है।

🎯🚨पुलिस टीम:- सर्व श्री राकेश सांखला पुनि, सुखविन्द्र सिंह सउनि, विनोद कुमार कानि 456, कमल कुमार कानि. 912, सुरेन्द्र कुमार चालक कानि. 1107 |

🎥नाम पता आरोपी:- सन्दीप सिंह पुत्र हजूर सिंह रायसिख उम्र 21 साल निवासी वार्ड नम्बर 08 सहजीपुरा पुलिस थाना सदर हनुमानगढ ।
संगरिया की आवाज़ 
Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police
<nis:link nis:type=tag nis:id=लखनऊ nis:value=लखनऊ nis:enabled=true nis:link/> कोचिंग अग्निकांड: ‘ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं’, डॉक्टर ने दिया एक और अपडेट
संगरिया की आवाज़। 
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि सोमवार को अस्पताल में 15 लोगों के शव लाए गए। सभी को अस्पताल लाते समय मौत हो चुकी थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।

डॉ। प्रेम राज सिंह ने बताया कि इस घटना में कुल 7-8 लोग अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं। एक युवक की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।

एक युवती के पैर में चोट आई
डॉक्टर ने बताया कि एक युवती के पैर में चोट आई है, उसकी जांच चल रही है। सभी घायल करीब 25 से 27 साल की उम्र के बताए जा रहे हैं।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुई हैं। उन्होंने बताया कि शवों को देखकर यही लग रहा है कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई और उनकी दम घुटने की वजह से जान चली गई।

जान गंवाने वाले ज्यादातर युवा
घटना में जान गंवाने वाले और घायल हुए ज्यादातर युवा हैं। उनकी उम्र 25-27 साल के बीच है। इस घटना के बाद परिवार अब सदमे में हैं। अस्पताल के बाहर परिजनों की रोने-चिल्लाने की आवाजें गूंज रही हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।

डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है। रीढ़ की हड्डी में चोट वाले युवक को आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है लेकिन निगरानी जरूरी है। पैर में चोट वाली युवती को एक्स-रे करवाया जा रहा है।

घटना की जांच शुरू
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हादसा कैसे हुआ? दम घुटने से इतनी बड़ी संख्या में मौतें होने की असल वजह क्या रही, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

केजीएमयू के अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमॉर्टम आज ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

स्थानीय स्तर पर दुख की लहर
खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। लोग एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इतने युवा एक साथ इस दुनिया से चले गए। कुछ लोग इसे किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं।
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वाहन चोरी के मामलों में हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस की बड़ी सफलता, 7 मोटरसाइकिल व 1 टेंपू बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार
संगरिया की आवाज़ 
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय क्षेत्र में वाहन चोरी के दर्ज प्रकरणों के खुलासे में हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 7 चोरीशुदा मोटरसाइकिलें एवं 1 टेंपू बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया है।

पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि वाहन चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं की रोकथाम तथा चोरीशुदा वाहनों की बरामदगी के लिए थाना हनुमानगढ़ जंक्शन में थानाधिकारी रामचन्द्र कस्वां के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी के मामलों का खुलासा किया।

पुलिस द्वारा प्रकरण संख्या 384/2026 में कार्रवाई करते हुए गुरी उर्फ गुरुप्यार सिंह पुत्र गुरलाल सिंह मजीबिसिख (19 वर्ष) निवासी वार्ड नं. 09 शेरगढ़, थाना संगरिया को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसके कब्जे से 04 चोरीशुदा मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

इससे पूर्व 18 जून 2026 को पुलिस ने पंकज पुत्र भादरराम (28 वर्ष) निवासी वार्ड नं. 05 हिरणावाली, जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद की थी।

वहीं 17 जून 2026 को बालकृष्ण उर्फ बंटी गुरिया पुत्र सुरेन्द्र कुमार ब्राह्मण निवासी वार्ड नं. 19 सादुलशहर तथा रामकुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार ब्राह्मण निवासी धाणक मोहल्ला, सादुलशहर को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के कब्जे से 01 चोरीशुदा टेंपू एवं 01 चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद की गई।

इसके अतिरिक्त 16 जून 2026 को हीरालाल पुत्र कृष्ण कुमार बावरी (27 वर्ष) निवासी वार्ड नं. 41 हाल वार्ड नं. 57 बिजली कॉलोनी, हनुमानगढ़ जंक्शन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 चोरीशुदा मोटरसाइकिल बरामद की गई थी।

पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में की गई इन कार्रवाईयों के दौरान कुल 7 मोटरसाइकिलें एवं 1 टेंपू बरामद कर वाहन चोरी के कई मामलों का सफल खुलासा किया गया है। क्षेत्र में चोरी एवं नकबजनी के अन्य प्रकरणों में भी विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश जारी है।

🎥🏍️🛻बरामद वाहनों का विवरण

1. हीरो HF डीलक्स
    * चेचिस नम्बर : MBLHA11ARF4F02272
    * इंजन नम्बर : HA11EHF4F02691
2. बजाज CT-100
    * चेचिस नम्बर : MD2B37AX5LP38711
    * इंजन नम्बर : PFXPLJ46620
3. हीरो HF डीलक्स
    * चेचिस नम्बर : MBLHAW029K4J05197
    * इंजन नम्बर : HA11ENK4J08701
4. हीरो CD डीलक्स
    * चेचिस नम्बर : MBLHA11EE99C26616
    * इंजन नम्बर : HA11EA99C43188
5. हीरो स्प्लेंडर प्रो
    * चेचिस नम्बर : MBLHA10ASC9F07098
    * इंजन नम्बर : HA10ELC9F07512
6. हीरो HF डीलक्स
    * चेचिस नम्बर : MBLHAR231J4A03286
    * इंजन नम्बर : HA11ENJ4A06052
7. बजाज CT-100
    * चेचिस नम्बर : MD2B37AY3HRE56463
    * इंजन नम्बर : PFYRHE33006
8. टेंपू
    * रजिस्ट्रेशन नम्बर : RJ 31 PA 1653

🎯🚨विशेष भूमिका : कांस्टेबल प्रताप सिंह सउनि एवं कांस्टेबल सुरेन्द्र सांखला, पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन।
संगरिया की आवाज़।
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केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) नीमच ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है।
 
इस मामले में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को 115.160 किलोग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया है। पकड़ी गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कौन है आरोपी मालाराम?
गिरफ्तार आरोपी मालाराम बिश्नोई, जो फलौदी का निवासी है, सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता है। मालाराम हाल ही में जोधपुर की महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनिता बिश्नोई पर की गई अभद्र बयानबाजी और विवादों के कारण चर्चा में आया था। अब उसके इस गंभीर अपराध में पकड़े जाने के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
सीबीएन को पुख्ता इनपुट मिला था कि गुवाहाटी से जोधपुर के लिए अफीम की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर टीम ने आरोपी की करीब 2000 किलोमीटर तक ट्रैकिंग की। अंततः 20 जून की सुबह आगरा-जयपुर हाईवे पर सिकंदरा टोल प्लाजा के पास झारखंड नंबर की हुंडई क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली गई।
इत्र और परफ्यूम से छिपाने की कोशिश
तस्करी का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी ने कार की डिक्की में 109 पैकेटों में कुल 115.160 किलो अफीम तीन बोरियों में छिपाकर रखी थी। मादक पदार्थ की तीखी गंध को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से छिपाने के लिए उसने पूरी कार में भारी मात्रा में इत्र और परफ्यूम का छिड़काव कर रखा था।
एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई, 2 दिन का रिमांड
सीबीएन की टीम ने अफीम और कार को जब्त कर लिया है। आरोपी मालाराम बिश्नोई को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर रविवार को दौसा के एनआई कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी एवं विपिन कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। टीम में निरीक्षक परिक्षित चौधरी, उप निरीक्षक मोहित यादव सहित अन्य अधिकारियों की अहम भूमिका रही।
Hanumangarh Police 
फैक्ट्री से नरमा चोरी करने के मामले में एक आरोपी <nis:link nis:type=tag nis:id=गोगामेडी_पुलिस nis:value=गोगामेडी_पुलिस nis:enabled=true nis:link/> द्वारा गिरफ्तार ।
संगरिया की आवाज़। 
श्री नरेन्द्र सिंह मीना, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ ने बताया कि जिला हनुमानगढ में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थो, अवैध हथियारो, जुआ, सटटा, अवैध धंधो एवं संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम, वांछित अपराधियो की धरपकड़ हेतु चलाये गये विशेष अभियान की निरंतरता में समस्त अधिकारीगणो को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सख्ती से पालना करवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में श्रीमती चन्द्रकला पु. नि. थानाधिकारी के नेतृत्व में श्री अक्षय कुमार सउनि मय टीम द्वारा प्रकरण संख्या 17/2026 धारा 331 (4), 305 (ए) बीएनएस में वांछित आरोपी सोनू उर्फ सोनी कुमार पुत्र बचूआराम बावरी उम्र 37 साल निवासी चक 35 एसटीजी, सरामसर पी एस पीलीबंगा जिला हनुमागढ को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पुछताछ एवं अनुसंधान जारी है।

उल्लेखनीय है कि श्री रामप्रसाद पुत्र सांवलाराम जांगिड़ उम्र 56 साल निवासी रामगढ़, तहसील नोहर ने पुलिस थाना गोगामेड़ी में उपस्थित होकर रिपोर्ट दी कि रामगढ़ और गोगामेड़ी के बीच स्थित मेरी फैक्ट्री में दिनांक 10.12.2025 से लेकर दिनांक 08.01.2026 के बीच लगातार नरमा चोरी होने की घटनाएं घटित हुई हैं हमारे रिकॉर्ड के अनुसार 235 क्विंटल नरमा चोरी हो चुका है वगैरा वगैरा रिपोर्ट पर प्ररकण संख्या 17/2026 धारा 303 (2) बीएनएस में दर्ज कर अनुसंधान श्री अक्षय कुमार सउनि के शुरू किया गया था। उक्त प्रकरण में पूर्व में दो आरोपीगणो को गिरफ्तार कर पेश न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चूका है।

🎯🚨पुलिस टीम:- सर्व श्री अक्षय कुमार सउनि, लीलाधर सउनि, बाबुलाल हैडकानि 2149

🎥नाम पता आरोपी:- सोनू उर्फ सोनी कुमार पुत्र बचूआराम बावरी उम्र 37 साल निवासी चक 35 एसटीजी, सरामसर पी एस पीलीबंगा जिला हनुमागढ
संगरिया की आवाज़ 
Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner
<nis:link nis:type=tag nis:id=अंतिम_यात्रा_सुचना nis:value=अंतिम_यात्रा_सुचना nis:enabled=true nis:link/>   <nis:link nis:type=tag nis:id=ॐशान्ति nis:value=ॐशान्ति nis:enabled=true nis:link/> 
संगरिया सीटू के जिला कमेटी सदस्य एफसीआई पल्लेदार मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष कामरेड रामचंद्र संगरिया हमारे बीच नहीं रहे। 
संगरिया की आवाज़। फेसबुक परिवार इस दुखद घड़ी में  परिवार के साथ खड़ा है और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता है। और प्रकृति से दुआ करते हैं इस दुःखद घड़ी में परिवार को सहनशक्ति प्रदान करें। 
कामरेड रामचंद्र  को अंतिम
भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं
संगरिया की आवाज़
Hanumangarh Police 
तार चोरी के मामले में एक आरोपी भादरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार, चोरीशुदा सामान बरामद व घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त ।
संगरिया की आवाज़। 
आरोपी आदतन अपराधी है, दोराने पुछताछ आरोपी ने निनाण रामदेव मंदिर से मुर्ति चोरी सहित कई जगह चोरी करना स्वीकार किया है।

श्री नरेन्द्र सिंह मीना, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ ने बताया कि जिला हनुमानगढ में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थो, अवैध हथियारो, जुआ, सटटा, अवैध धंधो एवं संपत्ति संबंधी अपराधो की रोकथाम, वांछित अपराधियो की धरपकड़ हेतु चलाये गये विशेष अभियान की निरंतरता में समस्त अधिकारीगणो को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सख्ती से पालना करवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया । इसी क्रम में श्री हनुमानाराम बिश्नोई पुनि थानाधिकारी पुलिस थाना भादरा के नेतृत्व में श्री महेन्द्र कुमार सउनि मय टीम द्वारा मानवीय एवं तकनीकी आसूचना संकलन कर प्रकरण संख्या 240 / 2026 धारा 136 विधुत अधिनियम में वांछित आरोपी भीमसिंह उर्फ भीमा को बाद अनुसंधान गिरफ्तार कर चोरीशुदा सामान बरामद व घटना मे प्रयुक्त मोटरसाईकिल को जब्त किया गया। आरोपी ने दौराने पुछताछ काफी जगह बोरवेल, कुऍ व मंदिरो मे चोरीयां करना स्वीकार किया। आरोपी द्वारा गांव निनाण रामदेव मंदिर से मुर्ति चोरी करना भी स्वीकार किया गया।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 18.06.2026 को श्री भागीरथ निवासी गुंजासरी ने रिपोर्ट पेश कि प्रार्थी के खेत मे कुआँ लगा हुआ है, ओर इस कुआँ पर थ्री फेश का कनेक्शन लगा हुआ है। प्रार्थी आज सुबह पाच बजे अपने खेत गया तो वहा पर लगी कोपर की 150 मीटर की तार चोरी हो गई । वगैरा वगैरा पर प्रकरण संख्या 240/ 2026 धारा 136 विधुत अधिनियम मे दर्ज कर तफतीश श्री महेन्द्र कुमार सउनि के सुपुर्द की गई।

🎯🚨पुलिस टीम :- सर्वश्री महेन्द्र कुमार सउनि, हंसराज हैडकानि 58, राजेश कानि0 1155, राजकुमार कानि0 521 पुलिस थाना भादरा ।

🚩🚨विशेष भूमिका :- श्री महेन्द्र कुमार सउनि पुलिस थाना भादरा ।

🎥 नाम पता आरोपी :- भीमसिंह उर्फ भीमा पुत्र बिरबल उर्फ मुंशि बांवरी उम्र 20 साल निवासी मोतीगढ पुलिस थाना छतरगढ जिला बीकानेर हाल घुमतू आबाद सुरतगढ खेजड़ी मंदिर जिला श्रीगंगानगर।
संगरिया की आवाज़ 
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स्मार्ट सिटी संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=स्मार्ट_सिटी_संगरिया nis:value=स्मार्ट_सिटी_संगरिया nis:enabled=true nis:link/> का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal  ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़
‘सही बस नहीं ली तो हम जिम्मेदार कैसे’, कांग्रेस की रैली के चलते छात्रों का नीट एग्जाम छूटने पर पार्टी ने झाड़ा पल्ला
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=neet_re_exam: nis:value=NEET_re_exam: nis:enabled=true nis:link/> कर्नाटक के बेंगलुरु में कांग्रेस की रैली के चलते तीन छात्राओं का नीट एग्जाम छूट जाने के मामले में अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है। कर्नाटक कांग्रेस के मंत्री प्रियांक खरगे ने इस मामले पर बयान देते हुए छात्रों का नीट एग्जाम छूटने के मामले में अपनी जिम्मेदारी से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या कोई नई बात नहीं है और इसी वजह से पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि अगर छात्रों ने सहीं बस नहीं ली तो उसके लिए सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

कांग्रेस की रैली के चलते तीन छात्रों का छूटा था पेपर
बता दें कि देशभर में शनिवार को नीट परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस दौरान कर्नाटक के बेंगलुरु से एक चिंताजनक मामला सामने आया था जहां ट्रैफिक में फंस जाने के चलते तीन छात्रों का पेपर छूट गया था। छात्रों के माता पिता ने देरी के लिए कांग्रेस की रैली को जिम्मेदार ठहराया था। उनका आरोप था कि वह समय से घर से निकले थे लेकिन शहर में कांग्रेस की रैली के चलते भारी ट्रैफिक जाम था जिसके चलते वह देरी से पहुंचे। यह मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने इसे लेकर कांग्रेस को घेरा था और जवाबदेही की मांग की थी जिसके बाद अब खरगे की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है।

छात्रों से सहानुभूति लेकिन हम जिम्मेदार नहीं - खरगे
प्रियंक खड़गे ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि बेंगलुरु में हमेशा से मोबिलिटी की बड़ी समस्या रही है। यह सबको पता है। इसी वजह से हमने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। अगर हमने एडवाइजरी जारी नहीं की होती या लापरवाही दिखाई होती तब हमें दोष दे सकते थे। हमने हेल्पलाइन भी शुरू की थी और हजारों छात्रों ने सफलतापूर्वक परीक्षा दी। हां, अगर एक भी छात्र परीक्षा से चूकता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन कोई छात्र गलत हॉल टिकट लेकर आया हो या मगडी से सही बस नहीं ली हो तो उसके लिए मुझे कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। खरगे ने आगे कहा कि हम सहानुभूति रखते हैं, लेकिन अगर राजनीति करनी है तो उसके लिए भी तैयार हैं। पहले पेपर लीक के लिए माफी मांगिए, एनटीए चेयरपर्सन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराइए, फिर मुझसे बात कीजिए।

बिहार में नीट परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा
इसी बीच बिहार के लखीसराय में नीट परीक्षा के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 9 कथित मुन्ना भाई, बायोमैट्रिक स्टाफ और एक मेडिकल छात्र शामिल है। जांच में सामने आया कि कई लोग असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे और पहचान सत्यापन प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की गई। पुलिस के अनुसार कुछ फर्जी परीक्षार्थियों को बिना बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल गया था। मामले में शामिल नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। कई आरोपी दूसरे जिलों से परीक्षा देने पहुंचे थे, जिससे पूरे गिरोह के संगठित तरीके से काम करने की आशंका जताई जा रही है।

रोहतक में STF की कार्रवाई
हरियाणा के रोहतक में भी नीट परीक्षा को लेकर एसटीएफ ने कार्रवाई की। पेपर बेचने और अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा पहुंचाने की सूचना पर दो डॉक्टर और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने निजी अस्पताल से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर जांच की, लेकिन शुरुआती जांच में लोक परीक्षा अधिनियम-2024 के उल्लंघन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। बाद में तीनों को छोड़ दिया गया। हालांकि जांच एजेंसियां अब भी यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं परीक्षा के नाम पर आर्थिक लेनदेन और अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की कोई बड़ी साजिश तो नहीं चल रही थी।
संगरिया की आवाज़