
सफलता की कहानी
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किराना दुकान से राइस मिल तक का सफर, दिनेश गुप्ता ने 50 लोगों को दिया रोजगार
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एमएसएमई योजना का लाभ लेकर स्थापित की राइस मिल, 5 करोड़ रुपये का ऋण और 40 प्रतिशत अनुदान मिला
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मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में ग्राम रामपुर निवासी श्री दिनेश गुप्ता ने स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की अपनी सफलता की कहानी साझा की। किराना दुकान से व्यवसाय की शुरुआत करने वाले श्री गुप्ता ने शासन की एमएसएमई योजना का लाभ लेकर राइस मिल स्थापित की और आज उनके प्रतिष्ठान से लगभग 50 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
श्री गुप्ता ने बताया कि जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से एमएसएमई योजना के अंतर्गत राइस मिल संचालन के लिए 5 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। योजना के तहत उन्हें 40 प्रतिशत अनुदान का लाभ भी मिला। शासन की योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तार देने और राइस मिल स्थापित करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि राइस मिल के संचालन से वर्तमान में लगभग 50 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंक ऋण की 3 लाख 84 हजार रुपये की मासिक किश्त का नियमित भुगतान किया जा रहा है। राइस मिल व्यवसाय से वर्ष में लगभग 50 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो जाती है। इसके साथ ही वे किराना दुकान का संचालन भी कर रहे हैं।
उपार्जित धान की मिलिंग कर एफसीआई एवं नागरिक आपूर्ति निगम को चावल का विक्रय
श्री गुप्ता ने बताया कि उपार्जन केंद्रों से प्राप्त धान की राइस मिल में मिलिंग की जाती है। मिलिंग के बाद तैयार चावल को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में विक्रय किया जाता है। इससे धान के प्रसंस्करण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
स्वरोजगार योजनाओं को बताया आत्मनिर्भरता का माध्यम
श्री गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय को नई दिशा दी। किराना व्यवसाय से शुरू हुआ उनका सफर आज राइस मिल संचालन तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए। स्वरोजगार न केवल व्यक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करता है।
श्री गुप्ता की सफलता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासन की योजनाओं का उचित लाभ लेकर छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी आगे चलकर बड़े उद्यम का रूप ले सकता है और अनेक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकता है।
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