
#बिसाऊ_में_वोटिंग_का_रण_खत्म!
13,756 मतदाताओं ने सुनाया फैसला,
77 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद
कड़े प्रशासनिक रुख के बीच 74.28 प्रतिशत हुआ मतदान
बिसाऊ। नगरपालिका चुनाव को लेकर शुक्रवार को बिसाऊ में दिनभर चुनावी गहमागहमी का माहौल रहा। कहीं फर्जी मतदान की शिकायतें सामने आईं तो कहीं प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की पुलिस प्रशासन से तीखी बहस और तू-तू मैं-मैं देखने को मिली। इसी बीच प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बीच नगरपालिका चुनाव का मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
नगरपालिका के पिछले चुनावों की तुलना में इस बार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। सुबह 10 बजे तक कई मतदान केंद्रों पर जमकर मतदान हुआ, हालांकि इसके बाद मतदान की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई और शाम तक मतदाता धीरे-धीरे केंद्रों पर पहुंचते रहे।
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर फर्जी वोटिंग की शिकायतों को लेकर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने आपत्ति जताई। इसको लेकर पुलिसकर्मियों और प्रत्याशियों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
मीडिया पास के बावजूद हुई नोकझोंक
मतदान कवरेज के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर मीडिया कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला कलेक्टर द्वारा जारी मीडिया पास होने के बावजूद कुछ स्थानों पर पीठासीन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के रवैये को लेकर मीडिया कर्मियों में नाराजगी देखने को मिली। मतदान केंद्रों पर प्रवेश और कवरेज को लेकर कहासुनी की स्थिति भी बनी।
कांग्रेस ने संभाली कमान
कांग्रेस की ओर से नगरपालिका में बोर्ड बनाने को लेकर पार्टी की विधायक एवं जिला अध्यक्ष रीटा चौधरी दिनभर सक्रिय नजर आईं। उन्होंने अलग-अलग मतदान केंद्रों का फीडबैक लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदान की स्थिति की जानकारी लेती रहीं।
भाजपा के संगठनात्मक नेतृत्व की गैरमौजूदगी चर्चा में
वहीं भाजपा की ओर से मतदान के दौरान पार्टी के जिला पदाधिकारी या बिसाऊ मंडल अध्यक्ष की सक्रिय मौजूदगी नजर नहीं आई। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद श्री किशन पारीक ने कहा कि पार्टी के प्रत्याशी मंडल सदस्यों और जिले के पदाधिकारियों के बिना अपने स्तर पर चुनाव मैदान में डटे रहे।
संवेदनशील बूथों पर प्रशासन की पैनी नजर
मतदान के दौरान संवेदनशील मतदान केंद्रों पर प्रशासन की विशेष निगरानी रही। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग और पुलिस अधीक्षक कुलविंदर सिंह ने संवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कई मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और चलने-फिरने में असहाय मतदाताओं को व्हीलचेयर की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। दिव्यांग प्रकोष्ठ के पटवारी होसियार सिंह ने बताया कि प्रकोष्ठ को केवल एक व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई थी। इसके चलते कुछ केंद्रों पर परिजनों और वहां मौजूद लोगों की मदद से बुजुर्ग व असहाय मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया।
मौलाना आजाद स्कूल में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने पर पैरों की बीमारी से परेशान एक महिला मतदाता को एनसीसी कैडेट्स और परिजनों ने कुर्सी पर बैठाकर मतदान करवाया। वहीं वार्ड 18 के बूथ पर करीब 80 वर्षीय बीमार महिला को व्हीलचेयर के सहारे मतदान केंद्र तक ले जाया गया।
105 साल की तरविणी देवी ने किया 87वां मतदान
बिसाऊ के वार्ड 10 में लोकतंत्र के प्रति अद्भुत उत्साह देखने को मिला। 105 वर्षीय तरविणी देवी डीडवानिया अपने पोते-पोती की गोद में बैठकर मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने जीवन का 87वां मतदान किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान के प्रति उनका उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। वहीं वार्ड 24 की तारामणी देवी हाथ में फ्रैक्चर और पैरों में दर्द के बावजूद परिजनों के सहारे मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बूथों पर साथ-साथ नजर आए भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी
चुनावी मुकाबले और राजनीतिक गर्माहट के बीच वार्ड 10 के मतदान केंद्र पर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार भी एक-दूसरे के साथ नजर आए। तस्वीर ने चुनावी प्रतिस्पर्धा के बीच लोकतांत्रिक सौहार्द का संदेश दिया।
महिला मतदाताओं में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
मतदान केंद्र केजीएन इंग्लिश स्कूल और वार्ड 14 के इस्लामिया मदरसा में महिला मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्र पहुंचीं।
बिसाऊ के इस मतदान दिवस ने सिर्फ प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने के लिए वोट नहीं डाले, बल्कि कई ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं जिन्होंने लोकतंत्र की ताकत, बुजुर्गों का जज्बा, दिव्यांगों की परेशानी और प्रशासनिक व्यवस्था की कहानी एक साथ बयां कर दी।
उधर पुलिस ने जटिया अस्पताल के पास एक काले कलर की बैगर नंबरी गाड़ी को रोक कर जांच की तो उसमें एक लाइसेंसी पिस्टल मिली इस पर पुलिस गाडी को थाने ले गयी। इस मामले में सीआई उमाशंकर शर्मा का कहना है कि गाड़ी बैगर नंबरी होने से एमवी एक्ट में जप्त करली पिस्तौल का लाईसेंस था। वही सीआई उमाशंकर शर्मा वार्ड सात के मतदान केन्द्र पर हाथ में क्रिकेट स्टंप का डंडा लेकर कानून व्यवस्था बनाते नजर आएं।
सुबह से शाम तक चले मतदान के बाद अब 77 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया है। मतदाताओं ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना और किसके पक्ष में जीत का आंकड़ा जाएगा, इसका फैसला अब मतगणना के बाद सामने आएगा।
बिसाऊ की सियासत में अब अगला इंतजार नतीजों का है - किसके सिर सजेगा जीत का ताज और किसका राजनीतिक सफर थमेगा, यह तस्वीर मतगणना के बाद साफ होगी।
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