
*प्रदेश कांग्रेस सरकार के शिक्षा संबंधी निर्णय चिंता जनक: इंद्र सिंह गाँधी*
कहा शिक्षा के प्रति संवेदनशील नहीं है प्रदेश सरकार
*विधायक बल्ह श्री इंद्र सिंह गांधी ने प्रदेश सरकार के शिक्षा संबंधी निर्णयों पर जताई चिंता*
*व्यवस्था परिवर्तन की भेंट चड्ढा प्रधानाचार्य एवं दो सरकारी स्कूल
बल्ह/देवकांत पायलट।
बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कांग्रेस सरकार पर जनविरोधी फैसले लेने का आरोप लगाते हुए हमला बोला l उन्होंने अपने कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए शिक्षा संबंधी निर्णयों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कुछ राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई का दर्जा प्रदान किया गया है तथा कुछ सरकारी विद्यालयों का अन्य विद्यालयों में विलय किया गया है। इसी क्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला भंगरोटू को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई (बालक) भंगरोटू में सम्मिलित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कन्या पाठशाला भंगरोटू में अध्ययनरत छात्राएं असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि वे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं।
इंद्र सिंह गाँधी ने कहा कि इसके उपरांत सरकार द्वारा रा०व०मा०पा० (कन्या) भंगरोटू के प्रधानाचार्य ने जब इस बारे में शिक्षा विभाग को इस प्रकरण से अवगत करवाया तो विभाग द्वारा तुगलकी फरमान जारी करते हुए प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया गया तथा कुछ दिनों में ही उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने बताया कि इस विषय को लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) तथा स्थानीय जनता ने शिक्षा मंत्री से भी भेंट की थी। उस समय शिक्षा मंत्री द्वारा कन्या विद्यालय को यथावत रखने का आश्वासन दिया गया था, किंतु वर्तमान निर्णय उस आश्वासन के विपरीत प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में TGT (Non-Medical) CBSE अध्यापकों की नियुक्ति के दौरान भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जिन अध्यापकों के अधिक 60 या 70 प्रतिशत से भी अधिक अंक होने के वावजूद भी , उन्हें दूर-दराज के विद्यालयों, लगभग 150 कि.मी. दूर स्कूलों में नियुक्ति दी गई, जबकि कम अंक प्राप्त करने वाले अपने रिस्तेदार और चेहते अध्यापकों को नजदीकी विद्यालय दिए गए।
विधायक गाँधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।
इंद्र सिंह गांधी ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला बनौण कोठी, शिक्षा खंड रिवालसर के विषय में भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार का तर्क है कि जिन विद्यालयों में पांच से कम विद्यार्थी होंगे, उन्हें बंद अथवा अन्य विद्यालयों में विलय किया जाएगा, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला बनौण कोठी में वर्तमान में पाँच से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद विद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह इन निर्णयों पर पुनर्विचार करे तथा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला भंगरोटू में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत शिक्षण व्यवस्था को पूर्ववत जारी रखे। साथ ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला बनौण कोठी को भी विद्यार्थियों के हित में पुनः सुचारु रूप से संचालित किया जाए।
बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार पर हमला बोलत हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल सत्ता बचाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी।