
बीजेपी ने डॉ. सतीश पूनिया को बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार
भाजपा ने राजस्थान की राज्यसभा सीट के लिए डॉ. सतीश पूनिया का नाम लगभग फाइनल कर दिया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और आमेर से पूर्व विधायक पूनिया को ऊपरी सदन भेजकर पार्टी ने जाट समुदाय के अंदरूनी समीकरणों को साधने की मजबूत रणनीति अपनाई है।
जाट समाज में बेनीवाल vs पूनिया एंगल।
हनुमान बेनीवाल राजस्थान में जाट समुदाय के सबसे मुखर और प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के अध्यक्ष बेनीवाल ने पिछले कुछ समय में BJP और उसके जाट नेताओं पर तीखे हमले किए हैं। हाल ही में सतीश पूनिया ने बेनीवाल की बयानबाजी पर दो टूक जवाब दिया था, जिससे दोनों नेताओं के बीच जाट राजनीति का एंगल और तीखा हो गया।बीजेपी पूनिया को राज्यसभा भेजकर बेनीवाल के जाट वोट बैंक और प्रभाव वाले क्षेत्रों (खासकर नागौर-मारवाड़) में काउंटर करने की कोशिश कर रही है। पूनिया की छवि संगठन के मजबूत जाट नेता की रही है, जो बेनीवाल की तरह ही जाट समाज की आवाज बनने का दावा करते हैं।
जाट वोट बैंक पर असर
कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा (जाट) के अलावा अब हनुमान बेनीवाल का अलग प्रभाव भी जाट राजनीति को तीन धाराओं में बांटता दिख रहा है।
पूनिया की राज्यसभा एंट्री को BJP का जाट आंतरिक संतुलन साधने का कदम माना जा रहा है, ताकि बेनीवाल की आक्रामकता का मुकाबला किया जा सके।
यह फैसला 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले जाट बहुल इलाकों में BJP की पकड़ को और मजबूत करने के लिए है, जहां बेनीवाल का अपना वोट बैंक है।यह टिकट राजस्थान की जाट राजनीति में नया समीकरण बनाने वाला साबित हो सकता है।