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राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की शिष्टाचार भेंट, झारखंड के विकास को गति देने का जताया संकल्प,श्रीनाथजी के अनन्य भक्त हैं परिमल नथवाणी
नई दिल्ली.झारखंड से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री परिमल नथवाणी ने हाल ही में नई दिल्ली में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया।
श्री नथवाणी ने झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा मिले महत्वपूर्ण और निर्णायक समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व का विशेष रूप से धन्यवाद किया।

'कर्मभूमि' झारखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद परिमल नथवाणी ने कहा कि पीएम मोदी का राष्ट्र निर्माण और विकास को लेकर जो विजन है, वह बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने संक�
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जैसा कि अभी आप सबके सामने आया है, न तो दवाइयाँ आ रही हैं और न ही कोई सप्लाई हो रही है। आज जनता बेहद दुखी और परेशान है, और योजनाएँ सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह गई हैं। यह बहुत गंभीर और चिंताजनक मामला है। हमारी सरकार की यह इतनी शानदार स्वास्थ्य योजना थी जिसकी तारीफ़ आज भी पूरे हिंदुस्तान और हर राज्य में हो रही है। शायद दुनिया के किसी भी कोने में ₹25 लाख तक का मुफ़्त इलाज नहीं मिलता, जहाँ एमआरआई, सीटी स्कैन, दवाइयाँ और डायलिसिस सब कुछ मुफ़्त था। 

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस दिन आप राजस्थान में यमुना का पानी ले आएँगे, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर आकर आपको माला पहनाऊँगा. <nis:link nis:type=tag nis:id=ashokgehlot nis:value=ashokgehlot nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rajasthan nis:value=rajasthan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=trendingudaipur nis:value=trendingudaipur nis:enabled=true nis:link/>
सांवलिया सेठ का खजाना फिर छलका, 7 चरणों में हुई गणना में मिले 40.81 करोड़ से ज्यादा

पिछले साल से 11 करोड़ ज्यादा चढ़ावा, सांवलिया सेठ के भंडार ने बनाया नया आंकड़ा

चित्तौड़गढ़। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री सांवलिया सेठ मंदिर में जून महीने के मासिक भंडार की गणना पूरी हो गई है। हर महीने की तरह इस बार भी मंदिर मंडल की मौजूदगी में भंडार खोला गया और प्राप्त राशि की सार्वजनिक गणना की गई।
मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि जून महीने के भंडार की गणना 7 चरणों में पूरी की गई, जिसमें प्राप्त नकदी, सोना-चांदी और अन्य चढ़ावे की गिनती की गई। इस बार श्री सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार से कुल 40 करोड़ 81 लाख 40 हजार 278 रुपए की राशि प्राप्त हुई है।
इसमें भंडार से 33 करोड़ 15 लाख 18 हजार 759 रुपए तथा ऑनलाइन और भेंटकक्ष से 7 करोड़ 66 लाख 21 हजार 519 रुपए प्राप्त हुए।
गणना के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित 1 किलो 738 ग्राम 800 मिलीग्राम सोना और 110 किलो 648 ग्राम चांदी भी प्राप्त हुई �
चित्तौड़गढ़ का अपना अर्थ है। अर्थ भी है और अर्थशास्त्र भी। 
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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का उदयपुर दौरा: 24 जून को पहुंचेंगे, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल
​उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया 24 जून (बुधवार) से  उदयपुर के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। उनके आधिकारिक दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।
​तय कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल कटारिया ट्रेन से उदयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। दो दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। शाम 07:00 बजे राज्यपाल कटारिया उदयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और रात्रि 08:20 बजे की इंडिगो फ्लाइट (6E-6229) से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मेक्सिको की कार्यवाहक राजदूत का किया आत्मीय स्वागत
मेवाड़ की समृद्ध विरासत एवं संस्कृति से अभिभूत हुईं राजदूत

उदयपुर.मेक्सिको की कार्यवाहक राजदूत (चार्ज द'अफ़ेयर्स, मेक्सिको दूतावास) क्लौडिया केलर लापेयर ने सिटी पैलेस पहुँचकर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से शिष्टाचार भेंट की। डॉ. मेवाड़ ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा का निर्वहन करते हुए राजदूत क्लौडिया केलर लापेयर, उनके साथ आई उनकी बहन गिसेला केलर लापेयर तथा गनेरीवाल फाउंडेशन के ट्रस्टी कुणाल गनेरीवाल का मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया तथा स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।

सिटी पैलेस में आयोजित इस विशेष भेंट के दौरान भारत एवं मेक्सिको के सांस्कृतिक संबंधों, मेवाड़ की गौरवशाली विरासत, कला, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर मेक्सिको की कार्यवाहक
योग दिवस पर शहर में एक बेहद खूबसूरत नजारा गणगौर घाट पर भी देखने को मिला। यहां राष्ट्र सेविका समिति की 125 सेविकाओं ने मिलकर योगाभ्यास किया। इस आयोजन की खास बात यह थी कि महिलाओं ने हनुमान चालीसा बजाकर सूर्य नमस्कार किया।
घाट पर महिलाओं ने एक से बढ़कर एक कठिन योग आसन किए। पानी के किनारे सुबह की ताजी हवा में योग कर महिलाओं ने पूरे शहर को शारीरिक रूप से फिट रहने का मैसेज दिया। इसके अलावा उदयपुर जिले भर में अलग-अलग जगहों पर योग के कई कार्यक्रम हुए, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
12 वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योगमय हुई झीलों की नगरी

महाराणा भूपाल स्टेडियम में चल रहा जिला स्तरीय कार्यक्रम

स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग थीम के साथ हो रहा आयोजन

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री  बाबूलाल खराड़ी, प्रभारी सचिव टी रविकांत, विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा , संभागीय आयुक्त  प्रज्ञा केवल रमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल एसपी डॉ अमृता दुहन, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, पुष्कर तेली सहित हजारों लोगों ने  एक साथ किया योग
श्रीनाथजी प्रभु की अटूट भक्ति और सेवा का एक सुंदर क्षण!
श्रीनाथजी ​उदयपुर मंदिर के अधिकारी श्री अनिल सनाढ्य जी की ओर से कराया गया अलौकिक मनोरथ। 
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हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ पर समर्पित सिटी पैलेस में स्मृति प्रदर्शनी

उदयपुर, 18 जून।

मेवाड़ की गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में समर्पित महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा मेवाड़ तथा भारत के इतिहास की एक निर्णायक घटना ‘हल्दीघाटी युद्ध’ के 450वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘‘450 वर्ष: हल्दीघाटी युद्ध‘‘ नामक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन मेवाड़ राजपरिवार के 77वें श्री एकलिंग दीवान श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के करकमलों से हुआ।

फाउण्डेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शनी सिटी पैलेस संग्रहालय के छोटा दरीखाना में 18 जून 2026 से 28 अगस्त 2026 तक आमजन के लिए खुली रहेगी। फाउण्डेशन द्वारा प्रदर्शित प्रदर्शनी के माध्यम से ‘हल्दीघाटी युद्ध’ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अमर विरासत तथा मेवाड़ की अदम्य आत्मा को समर्पित है, जिसकी सम्मान, कर्तव्य, स्वाभिमान और स्वाधीनता के प्रति अटूट निष्ठा, आज भी विश्वभर की पीढ़ियों को प्रेरित करती है।

हल्दीघाटी: इतिहास, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक:

वर्ष 1576 ईस्वी में मेवाड़ के महाराणा प्रताप और आमेर के कुंवर मानसिंह के नेतृत्व वाली मुगल सेना के मध्य लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध राजस्थान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग रहा है। यह युद्ध सदियों से साहस, त्याग, स्वाभिमान, सम्मान और स्वाधीनता की रक्षा के प्रतीक के रूप में स्मरण किया जाता रहा है। लोक परंपराओं, साहित्य, लोककथाओं तथा कला के विविध माध्यमों ने इस स्मृति को जीवंत बनाए रखा है।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1576 से 2026 तक के 450 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को चिह्नित करती यह प्रदर्शनी दो शताब्दियों से अधिक समय में विकसित हुई कलात्मक व्याख्याओं का एक अद्वितीय दृश्य-आख्यान प्रस्तुत करती है।

प्रदर्शनी में मेवाड़ दरबार के विख्यात चित्रकार चोखा द्वारा उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में महाराणा भीम सिंह (1778-1828 ई.) के शासनकाल में निर्मित हल्दीघाटी युद्ध विषयक पाँच दुर्लभ चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। इनके साथ वर्ष 1935 में कलाकार चतुर्भुज द्वारा निर्मित एक विशाल कलाकृति तथा वर्ष 2026 में आर्टिस्ट राहुल माली द्वारा विशेष रूप से निर्मित नवीन चित्रकला भी प्रदर्शित की गई है।

ये सभी कलाकृतियाँ सामूहिक रूप से दर्शाती हैं कि किस प्रकार हल्दीघाटी की स्मृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित, पुनर्परिभाषित और पुनर्सृजित किया जाता
उदयपुर में राष्ट्र चेतना का विराट संगम हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा:“महाराणा प्रताप की जयंती मनती है, अकबर की नहीं। विजय किसकी हुई, इसका उत्तर इतिहास स्वयं देता है।”
सरसंघचालक जी ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध मात्र दो सेनाओं का युद्ध नहीं था, बल्कि राष्ट्रचेतना और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सम्पूर्ण समाज द्वारा लड़ा गया महासंग्राम था। “भारत का इतिहास पराधीनता का नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध निरंतर संघर्ष और प्रतिरोध का है।”उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध के बाद भी मुगलों में भय और असुरक्षा बनी रही। ऐसे में वास्तविक विजय किसकी हुई, यह इतिहास स्वयं बताता है।
महाराणा प्रताप की सेना में सम्पूर्ण समाज एकजुट था, जाति-पंथ से ऊपर उठकर।
सीमित संसाधनों के बावजूद विशाल मुगल साम्राज्य को चुनौती दी गई।
महाराणा प्रताप ‘हिंदुआ सूरज’ बनकर सनातन संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के प्रतीक बने।

निम्बार्काचार्य श्रीजी श्याम शरण देवाचार्य जी ने कहा कि यह आयोजन इतिहास की भ्रांतियों का अंत और सनातन गौरव की पुनर्स्थापना का महापर्व है।
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उदयपुर में प्री मानसून की पहली बारिश
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वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर मोती मगरी स्मारक में श्रद्धा का महासंगम
विशेष पूजा-अर्चना, 486 दीपों का प्रज्ज्वलन एवं 486 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अर्पित

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा हेतु समर्पित रहने का दिया संदेश

उदयपुर.भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर महाराणा प्रताप स्मारक समिति, मोती मगरी, उदयपुर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई।

इस अवसर पर मोती मगरी स्थित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य अश्वारूढ़ प्रतिमा को पुष्पमालाओं एवं आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया। मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के वंशज श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ की ओर से महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। साथ ही 486 दीप प्रज्ज्वलित कर 486 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया।

महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ के निर्देशानुसार महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक स्मारक पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और संघर्ष का अनुपम प्रतीक है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर युवा पीढ़ी राष्ट्र निर्माण एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाए, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राजा का फैसला बदलकर प्रताप को गद्दी पर बैठाया था,महाराणा ने मुगलों की बंदी महिलाओं को वापस भेजा, पढ़िए– इतिहास के 5 अनसुने किस्से 
https://dainik.bhaskar.com/iT3cITB613b
ब्राह्मण को ब्राह्मण रिप्लेस करेगा, ब्राह्मण नेता नए पद के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। रिप्लेसमेंट के लिए,री-ब्रांडिंग चल रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=jaipur nis:value=jaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mewar nis:value=mewar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chittorgarh nis:value=chittorgarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kota nis:value=kota nis:enabled=true nis:link/>
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंचे उदयपुर, एयरपोर्ट से ओम बिरला राजतिलक स्थली गोगुन्दा पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
श्रीजी प्रभु की उदयपुर हवेली में अधिक मास के संपूर्ण होने के अंतिम दिवस बड़े मनोरथ में श्री विशाल बावा  ने श्रीजी  को अरोगाया अधिक का छप्पन भोग
 

 प्रभु श्रीनाथजी की हवेली उदयपुर में अधिक मास के अवसर पर प्रभु के मनोरथ की अनवरत निरंतर आनंद की रसधार बरस रही । श्रीजी प्रभु में अलौकिक मनोरथ में बड़े मनोरथ में अधिक का"छप्पन भोग"मनोरथ में श्रीजी प्रभु को लाडले लाल प्रभु  संग श्रीजी प्रभु में पधराकर कर  श्री विशाल बावा व लाल बावा ने प्रभु को छप्पन भोग अरोगाया। व मनोरथ में प्रभु को लाड लड़ाए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज आएंगे
गांधी ग्राउंड में कल हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को करेंगे संबोधित

उदयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 16 जून को उदयपुर प्रवास रहेंगे। जिला कलक्टर ने भागवत की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार मोहन भागवत 16 जून को शाम 7.25 बजे विमान से महाराणा प्रताप एयरपोर्ट डबोक पहुंचेंगे। वहां से सड़क मार्ग द्वारा प्रताप गौरव केंद्र आएंगे। उनका रात्रि विश्राम वहीं रहेगा। अगले दिन सुबह 8 बजे प्रताप गौरव केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 10.40 बजे गांधी ग्राउंड पहुंच कर हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर संबोधित करेंगे। इसके पश्चात् 12.10 बजे पुनः प्रताप गौरव केंद्र पहुंच कर स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। भागवत शाम को मुंबई के लिए प्रस्थान करेंगे।
मेवाड़ परिवार ने किए ठाकुर जी श्री जगन्नाथ राय जी के छप्पन भोग मनोरथ दर्शन

उदयपुर. मेवाड़ की समृद्ध परम्परा अनुसार मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री जगदीश मंदिर में ठाकुर जी श्री जगन्नाथ राय जी महाराज के छप्पन भोग एवं विशेष सेवा-पूजा धराई। 

इस अवसर पर आयोजित भव्य छप्पन भोग मनोरथ दर्शन हेतु डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के नेतृत्व में श्रीमती निवृत्ति कुमारी मेवाड़ अपने सुपुत्र महाराज कुमार हरितराज सिंह मेवाड़, सुपुत्रियां बाईजीलाल मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ एवं बाईजीलाल प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ तथा अपने माता-पिता ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनकवर्धन सिंह देव पटना बालंगीर एवं बालंगीर लोकसभा सांसद संगीता कुमारी सिंह देव पटना बालंगीर के साथ मंदिर पधारे।

मंदिर पहुंचने पर पुजारी परिवार एवं उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी के जयकारों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। सभी ने भी श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और सभी को शुभकामनाएं और बधाइयां दी।

दर्शन उपरांत परिवार ने ठाकुर जी के श्रीचरणों में विशेष सेवा-पूजा अर्पित कर भेंट समर्पित की तथा सभी ने प्रार्थना की। इस अवसर पर श्री जगदीश मंदिर परिसर एवं जगदीश चौक श्रद्धालुओं की अपार आस्था और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया। छप्पन भोग मनोरथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से ओत-प्रोत हो उठा। पुरुषोत्तम मास के समापन पर आयोजित यह धार्मिक आयोजन मेवाड़ की समृद्ध सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और भगवान जगन्नाथ के प्रति जनआस्था का अनुपम उदाहरण है।
नित्या सिंघल की पुस्तक 'हीलिंग एट होम- नित्या के नुस्खे' का थर्ड स्पेस में हुआ विमोचन

प्रकृति, परंपरा और आत्म-देखभाल की ओर लौटने का आमंत्रण है "हीलिंग एट होम"

उदयपुर. आईआईएम कोझिकोड से स्नातकोत्तर तथा देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारों से ताल्लुक रखने वाली नित्या सिंघल की नवीन पुस्तक "हीलिंग एट होम" का विमोचन रविवार को थर्ड स्पेस में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ, उद्योगपति तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।

लेखिका नित्या सिंघल ने पुस्तक के महत्वपूर्ण अंशों का सारगर्भित विवेचन किया। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य और उपचार की वास्तविक शुरुआत अस्पतालों से नहीं, बल्कि घर से होती है। हमारी रसोई, हमारी जीवनशैली और हमारी दैनिक आदतें ही स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव हैं।

नित्या ने कहा कि "हीलिंग एट होम" प्रकृति, परंपरा और आत्म-देखभाल की उस भारतीय जीवन संस्कृति में ले जाती है, जिसे कथित आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हम धीरे-धीरे पीछे छोड़ते जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह पुस्तक केवल घरेलू नुस्खों का संकलन नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, आयुर्वेदिक ज्ञान और प्रकृति की उपचार शक्ति पर आधारित एक समग्र जीवन-दर्शन है। पुस्तक में माइग्रेन, साइनस, सर्दी-जुकाम, अस्थमा, कब्ज, एसिडिटी, मधुमेह, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, जोड़ों का दर्द, अनिद्रा, बाल झड़ना, दांतों की समस्याएँ, प्रतिरोधक क्षमता, डेंगू और निमोनिया सहित 30 से अधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए घरेलू एवं प्राकृतिक उपायों का उल्लेख किया गया है।

नित्या ने कहा कि पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता उपचार बताना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सोच को रचनात्मक व सुधारात्मक बनाना है।

नित्या सिंघल के अनुसार आज का समाज त्वरित समाधान का आदी हो चुका है, जबकि प्रकृति आधारित उपचार धैर्य, अनुशासन और निरंतरता मांगते हैं।

विमोचन कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्योगपति दिलीप खेमका, अरविंद सिंघल, नमिता खेमका, गौरांग सिंघल तथा आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए।

संयोजन कनिका सांघी और भुवनेश्वरी शक्तावत ने किया। स्वास्थ्य परिचर्चा का संचालन एवं समन्वय श्रद्धा मुर्डिया ने किया।

कार्यक्रम में शहर व भारत भर से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पूर्वजों की धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किए श्री जगन्नाथ रायजी के दर्शन

उदयपुर, 14 जून।

पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर मेवाड़ की गौरवशाली एवं प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान, श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने श्री जगन्नाथ रायजी (जगदीश मंदिर) में दर्शन कर विशेष सेवा-पूजा एवं भेंट अर्पित कर, मेवाड़ की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ अपनी धर्मपत्नी श्रीमती निवृत्ति कुमारी मेवाड़ सुपुत्र महाराज कुमार हरितराज सिंह मेवाड़, सुपुत्री बाईजीलाल मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ एवं बाईजीलाल प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ तथा अपने सास-ससुर ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनकवर्धन सिंह देव पटना बालंगीर ओडिशा एवं उनकी धर्मपत्नी बालंगीर लोकसभा सांसद संगीता कुमारी सिंह देव पटना बालंगीर के साथ मंदिर पधारे। उनके आगमन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने
ट्रेंडिंग उदयपुर ब्रेकिंग न्यूज़
नई दिल्ली-उदयपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जल्द होगी शुरू
 रेल मंत्रालय ने उदयपुर सिटी और नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह सेवा दोनों दिशाओं में चलेगी और रोजाना संचालित होगी। ट्रेन नंबर 22463 उदयपुर सिटी - नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 22464 नई दिल्ली - उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की जाएंगी।

प्रमुख स्टेशन और समय (22463 उदयपुर सिटी → नई दिल्ली):उदयपुर सिटी: 05:45 (प्रस्थान)
चंदेरिया: 07:20/07:25 (आगमन/प्रस्थान)
कोटा: 09:30/09:40
मथुरा: 12:28/12:30
नई दिल्ली: 14:15 (आगमन)

वापसी यात्रा (22464 नई दिल्ली → उदयपुर सिटी):नई दिल्ली: 15:00 (प्रस्थान)
मथुरा: 16:03/16:05
कोटा: 19:00/19:10
चंदेरिया: 21:30/21:35
उदयपुर सिटी: 23:40 (आगमन)

ट्रेन 16 कोच की वंदे भारत रेक पर चलेगी। रखरखाव उदयपुर सिटी में होगा। पानी भरने और सीटीएस की सुविधा कोटा, चंदेरिया और मथुरा में उपलब्ध रहेगी।रेलवे ने सभी संबंधित जोनों (उत्तर-मध्य रेलवे) को निर्देश दिया है कि इस नई सेवा को शीघ्र शुरू किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उद्घाटन के समय इसे विशेष ट्रेन के रूप में भी चलाया जा सकता है।यह नई वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान और दिल्ली के बीच यात्रा को तेज, आरामदायक और आधुनिक बनाएगी। यात्रियों को जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर बुकिंग की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
श्री लाडले लाल प्रभु को सुखपाल में विराजित कर मोती महल चौक में अद्भुत गोलोक की छटा में सिंह मंडप में सिंहासन पर प्रभु को गोप,गोपी,सखियां एवं गौ माता एवं गोवत्स के मध्य विराजित किया गया इस अवसर पर प्रभु के सम्मुख छोटे-छोटे गौ वत्स (बछड़े) ठाकुर जी के सम्मुख अपनी अठखेलियां कर प्रभु को रिझा रहे थे एवं प्रभु के सम्मुख असंख्य काठ के गौवंश गौ लोक का आनंद अनुभव करा रहे थे। इस अलौकिक मनोरथ में तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व श्री लाल बावा समस्त वल्लभ कुल सहित बिराज कर प्रभु के अलौकिक मनोरथ में प्रभु को खूब लाड लड़ाए व आरती उतारी।
श्रीजी प्रभु के अलौकिक मनोरथ में राजभोग दर्शन में श्रीजी प्रभु में"चांदी का बंगला" मनोरथ में प्रभु को उष्णकाल के श्रृंगार धरा श्रीजी प्रभु को चांदी के बंगले में किया विराजित ....... लाड़ले लाल प्रभु में राजभोग दर्शन में अलौकिक"बिराजत सगन कुंज की ओट"के मनोरथ में लाड़ले लाल प्रभु को तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व श्री लाल बावा ने हरे भरे संघन कुंज की कंदरा में प्रभु को विराजित कर लाड लड़ाए....... श्रीजी प्रभु में सांयकाल शयन दर्शन में "आवत मोहन धेनु लिए"के पद के भाव के अलौकिक मनोरथ में श्रीजी प्रभु के प्रतिनिधि ठाकुर श्री मदन मोहन लाल प्रभु को गौ लोक की अद्भुत छटा में विराजित कर अलौकिक मनोरथ सिद्ध किया गया ..... सांयकाल शयन दर्शन में लाड़ले लाल प्रभु में तिलकायत श्री एवं श्री  विशाल बावा व लाल बावा ने "गोवर्धन ते आई गाय सब" के मनोरथ में गौ चारण के भाव से लाडले लाल प्रभु को  गोवर्धन पूजा चौक में गौ माता सम्मुख सुखपाल में बिरजा कर तत्पश्चात मोती महल चौक में गौ माता सम्मुख गोलोक की अद्भुत छटा में बिरजा कर प्रभु को लाड लड़ाए....
"आगे गाय,पिछे गाय,इत गाय,उत गाय" के भाव से श्रीजी प्रभु की हवेली हुई गौलोक मय...
श्री लाडले लाल प्रभु गौ माता सम्मुख विराजे गोवर्धन पूजा चौक में, श्री विशाल बावा एवं श्री लाल बावा ने किया गौचारण के भाव से गौ पूजन.....
ग्वाल बालों ने गोवर्धन पूजा चौक में श्री लाडले लाल प्रभु एवं गौ माता सम्मुख गाया 'हिड गान'..
मोती महल चौक में गौ माता संघ सिंह मंडप में सिंहासन पर विराजे लाडले लाल प्रभु...
प्रभु के गौ चारण के भाव के मनोरथ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब....

पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में अधिक मास के अवसर पर प्रभु के मनोरथ की अनवरत निरंतर आनंद की रसधार  बरस रही है।आज अधिक मास की अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी  गुरुवार के पावन अवसर पर, पूज्यपाद तिलकायत महाराज श्री की आज्ञा एवं श्री विशाल बावा एवं गौ वत्सल श्री लाल बावा की गरिमामयी उपस्थिति में श्रीजी प्रभु एवं श्री लाडले लाल प्रभु में निम्न मनोरथ सिद्ध किये गए। इन मनोरथ के अलौकिक अवसर पर तिलकायत महाराज श्री एवं गो.चि.105श्री विशाल बावा साहब एवं गो.चि.105श्री लाल बावा विशेष रूप से उपस्थित रहे व आप श्री ने प्रभु को लाड लड़ाकर प्रभु की आरती उतारी।
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