
सक्रियता की मिसाल: शिकायत मिलते ही गणेश घाटी पहुंचे पार्षद प्रतीक नागर, सड़क पर पानी बहाने वालों को दी चालान की चेतावनी
उदयपुर।
उदयपुर नगर निगम में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अपनी अलग पहचान बना चुके पार्षद प्रतीक नागर एक बार फिर अपनी तत्परता के चलते चर्चा में हैं। क्षेत्रवासियों की शिकायत मिलते ही वे चंद मिनटों में मौके पर पहुंचे और न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि अधिकारियों को बुलाकर त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
गणेश घाटी पर फिसलन से हादसे का खतरा
जानकारी के अनुसार, गणेश घाटी क्षेत्र में सड़कों पर अत्यधिक पानी बहने के कारण भारी फिसलन हो गई थी, जिससे कई बाइक सवार और राहगीर फिसलकर गिर रहे थे और लगातार दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ था। जैसे ही स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पार्षद प्रतीक नागर को दी, वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत नगर निगम के उच्च अधिकारियों को मौके पर तलब किया और समस्या के समाधान के निर्देश दिए।
सड़कों पर पानी न बहाने की अपील, किल्लत के बीच बर्बादी पर नाराजगी
पार्षद नागर ने क्षेत्रवासियों और कॉलोनीवासियों से हाथ जोड़कर अपील की कि वे घरों या संस्थानों का पानी खुले में सड़कों पर न बहाएं। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि उदयपुर पहले से ही गंभीर जल संकट से जूझ रहा है और शहर में 72 घंटों के अंतराल में पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे समय में पानी की बर्बादी और उसकी वजह से आमजन का दुर्घटनाग्रस्त होना बेहद चिंताजनक है।
नहीं माने तो कटेगा चालान
पार्षद प्रतीक नागर ने स्पष्ट किया कि समझाइश के बाद भी यदि लोग लापरवाही बरतते हैं और सड़कों पर व्यर्थ पानी बहाना जारी रखते हैं, तो नगर निगम की टीम द्वारा ऐसे परिवारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नियमानुसार चालान काटे जाएंगे।
उनकी इस त्वरित कार्रवाई और जनहितैषी कदम की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है।