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डीएसपी शेर सिंह ठाकुर ने संभाला कार्यभार, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर कांगड़ा:डाडा सीबा/जसवां प्रागपुर। डाडा सीबा में नए डीएसपी के रूप में शेर सिंह ठाकुर ने कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वह कुल्लू-बंजार में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कार्यभार संभालने के बाद थाना संसारपुर टेरस के एसएचओ संजय शर्मा ने उनका स्वागत किया और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर गहन बातचीत की। डीएसपी शेर सिंह ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में नशे, विशेषकर चिट्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डाडा सीबा क्षेत्र को नशामुक्त बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की बात भी कही। डीएसपी ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना है। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ पीड़िताओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से नशे के खिलाफ पुलिस का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। नए डीएसपी शेर सिंह ठाकुर के कार्यभार संभालने के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशा उन्मूलन को लेकर लोगों में सकारात्मक उम्मीदें जगी हैं। #UTHimachal #UniqueTodayNews #DadaSiba #JaswanPragpur #DSP #HimachalPolice #DrugFreeHimachal #CrimeNews

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पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग ने  मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के घुमारवीं दौरे को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा

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Bilaspur Sadar, Bilaspur | Aug 17, 2026

भाजपा के समय के विकास कार्यों का श्रेय ले रहे मुख्यमंत्री: पूर्व मंत्री राजिंद्र गर्ग
पूर्व मंत्री ने बिलासपुर में पत्रकार वार्ता कर सुक्खू सरकार पर साधा निशाना, कहा- जाने वाली है सरकार, इसलिए आनन-फानन में लगाए जा रहे शिलान्यास पट्ट

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Bilaspur Sadar, Bilaspur | Aug 17, 2026

बिलासपुर गोविंद सागर में पकड़ी गई 40 किलो की बिग हेड,
बंद सीजन खुलते ही हिमाचल के जलाशयों में पहले दिन 46.37 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन, 

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में दो माह के बंद सीजन के बाद 16 अगस्त को मछली पकड़ने का कार्य शुरू होते ही पहले दिन 46.37 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई। पिछले वर्ष बंद सीजन खुलने के पहले दिन 33.06 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई थी। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 13.31 मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रदेश के जलाशयों, सामान्य नदियों-नालों और उनकी सहायक नदियों में 13 हजार से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने के कार्य से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशय—गोविंद सागर, पोंग, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर—लगभग 43,785 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं, जिनमें 6,300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं। वहीं, करीब 2,400 किलोमीटर लंबाई वाले सामान्य जल क्षेत्रों में 6,700 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने के कार्य में लगे हैं।

मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुनिश्चित करने के लिए सामान्य जल क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक दो माह का बंद सीजन रखा जाता है। इस अवधि में अधिकांश महत्वपूर्ण मछली प्रजातियां प्राकृतिक रूप से प्रजनन करती हैं, जिससे जल स्रोतों में मछली बीज का प्राकृतिक संग्रहण होता है।

बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा की सुरक्षा के लिए विशेष कर्मचारी बल तैनात कर कैंप और उड़न दस्ते गठित किए गए। इस वर्ष बिलासपुर में 19 कैंप और एक उड़न दस्ता, पोंग डैम में 17 कैंप और एक उड़न दस्ता तथा चंबा में 5 कैंप और एक उड़न दस्ता गठित किया गया। कर्मचारियों ने जलाशयों में नावों के माध्यम से तथा नदियों, नालों और खड्डों के किनारों पर वाहनों एवं पैदल गश्त कर मत्स्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

16 जून से 15 अगस्त 2026 तक चले बंद सीजन के दौरान अवैध मछली आखेट के 342 मामले पकड़े गए, जिनसे विभाग ने 3.64 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त किया। वहीं, वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध मछली आखेट के कुल 425 मामले पकड़े गए हैं और 4.25 लाख रुपये का मुआवजा वसूल किया गया है।

16 अगस्त को बंद सीजन खुलने के पहले दिन गोविंद सागर जलाशय से 28.16 मीट्रिक टन, पोंग जलाशय से 17.23 मीट्रिक टन, कोलडैम से 0.068 मीट्रिक टन तथा चंबा और रणजीत सागर से 0.914 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई।

गोविंद सागर जलाशय के जगातखाना लैंडिंग सेंटर में बग्गी सहकारी सभा के मछुआरे सुख राम ने प्रदेश की सबसे बड़ी 40 किलोग्राम की बिग हेड मछली पकड़ी। पोंग डैम में जंबल मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे राकेश कुमार ने 22.60 किलोग्राम की कतला, चंबा जिले में संघारा मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे कुलदीप ने 11 किलोग्राम की सिल्वर कार्प तथा कोलडैम जलाशय में कसोल मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे प्यारे लाल ने 6.5 किलोग्राम की ग्रास कार्प पकड़ी।

मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कान्त ठाकुर ने बताया कि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित और सतत प्रयासों से बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा के संरक्षण तथा अवैध मछली आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की आजीविका को बनाए रखने के साथ-साथ प्रदेश के जल स्रोतों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है।

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बिलासपुर गोविंद सागर में पकड़ी गई 40 किलो की बिग हेड, बंद सीजन खुलते ही हिमाचल के जलाशयों में पहले दिन 46.37 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में दो माह के बंद सीजन के बाद 16 अगस्त को मछली पकड़ने का कार्य शुरू होते ही पहले दिन 46.37 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई। पिछले वर्ष बंद सीजन खुलने के पहले दिन 33.06 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई थी। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 13.31 मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के जलाशयों, सामान्य नदियों-नालों और उनकी सहायक नदियों में 13 हजार से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने के कार्य से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशय—गोविंद सागर, पोंग, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर—लगभग 43,785 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं, जिनमें 6,300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं। वहीं, करीब 2,400 किलोमीटर लंबाई वाले सामान्य जल क्षेत्रों में 6,700 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने के कार्य में लगे हैं। मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुनिश्चित करने के लिए सामान्य जल क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक दो माह का बंद सीजन रखा जाता है। इस अवधि में अधिकांश महत्वपूर्ण मछली प्रजातियां प्राकृतिक रूप से प्रजनन करती हैं, जिससे जल स्रोतों में मछली बीज का प्राकृतिक संग्रहण होता है। बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा की सुरक्षा के लिए विशेष कर्मचारी बल तैनात कर कैंप और उड़न दस्ते गठित किए गए। इस वर्ष बिलासपुर में 19 कैंप और एक उड़न दस्ता, पोंग डैम में 17 कैंप और एक उड़न दस्ता तथा चंबा में 5 कैंप और एक उड़न दस्ता गठित किया गया। कर्मचारियों ने जलाशयों में नावों के माध्यम से तथा नदियों, नालों और खड्डों के किनारों पर वाहनों एवं पैदल गश्त कर मत्स्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की। 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक चले बंद सीजन के दौरान अवैध मछली आखेट के 342 मामले पकड़े गए, जिनसे विभाग ने 3.64 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त किया। वहीं, वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध मछली आखेट के कुल 425 मामले पकड़े गए हैं और 4.25 लाख रुपये का मुआवजा वसूल किया गया है। 16 अगस्त को बंद सीजन खुलने के पहले दिन गोविंद सागर जलाशय से 28.16 मीट्रिक टन, पोंग जलाशय से 17.23 मीट्रिक टन, कोलडैम से 0.068 मीट्रिक टन तथा चंबा और रणजीत सागर से 0.914 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई। गोविंद सागर जलाशय के जगातखाना लैंडिंग सेंटर में बग्गी सहकारी सभा के मछुआरे सुख राम ने प्रदेश की सबसे बड़ी 40 किलोग्राम की बिग हेड मछली पकड़ी। पोंग डैम में जंबल मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे राकेश कुमार ने 22.60 किलोग्राम की कतला, चंबा जिले में संघारा मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे कुलदीप ने 11 किलोग्राम की सिल्वर कार्प तथा कोलडैम जलाशय में कसोल मत्स्य सहकारी सभा के मछुआरे प्यारे लाल ने 6.5 किलोग्राम की ग्रास कार्प पकड़ी। मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कान्त ठाकुर ने बताया कि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित और सतत प्रयासों से बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा के संरक्षण तथा अवैध मछली आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की आजीविका को बनाए रखने के साथ-साथ प्रदेश के जल स्रोतों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। #HimachalPradesh #GovindSagar #PongDam #FisheriesDepartment #Fishermen #FishingNews #HPFisheries #MatasyaSampada #ClosedSeason #BigHead #Katla #SilverCarp #GrassCarp #FishProduction #RecordCatch #Conservation #IllegalFishing #FlyingSquad #BilaspurNews #KangraNews #HimachalNews #UTHimachal #UniqueTodayNews

Bilaspur Sadar, Bilaspur | Aug 17, 2026