साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
*मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ की समीक्षा बैठक
The silence media news
मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निष्पादन, साइबर ठगी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने पर विशेष बल दिया गया। औरंगाबाद जिला से जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद श्रीमती अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा बैठक में सम्मिलित थे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि साइबर सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए *सुधा के सभी आउटलेट्स*, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर *राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन संख्या 1930* का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिजली उपभोक्ताओं को जारी होने वाले *बिजली बिलों पर भी हेल्पलाइन संख्या 1930 का प्रचार-प्रसार* कराने के निर्देश दिए गए, ताकि साइबर ठगी की स्थिति में नागरिक तत्काल शिकायत दर्ज करा सकें।
बैठक में प्रत्येक जिले में नियमित रूप से *"साइबर मंगलवार"* आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इस अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सरकारी कार्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन निवेश, केवाईसी अपडेट, ओटीपी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार साइबर अपराध नियंत्रण एवं शिकायतों के निष्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में *ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR)* की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से साइबर अपराध की शिकायतों पर त्वरित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। शिकायत निवारण तंत्र (GRM) के अंतर्गत राज्य में *70 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन* किया जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध *अवैध (Unlawful) कंटेंट को हटाने की कार्रवाई* में भी बिहार का प्रदर्शन उल्लेखनीय है।
बैठक में *समन्वय (Samanvaya) पोर्टल* पर जिलावार प्रगति की भी समीक्षा की गई। औरंगाबाद जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब तक *68 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी* की जा चुकी है, जिनमें से *48 अभियुक्तों का विवरण समन्वय पोर्टल पर अपलोड* किया जा चुका है। शेष मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि साइबर अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए साइबर पुलिस, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करें। साथ ही, जन-जागरूकता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करते हुए अधिकाधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औरंगाबाद से डीएसपी साइबर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता विद्युत जुड़े थे।
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